March 3, 2021

New Corona Strain: ब्रिटेन से उत्तराखंड आए संक्रमितों का दून और हल्द्वानी मेडिकल कॉलेज में होगा इलाज 


न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
Updated Wed, 30 Dec 2020 08:29 PM IST

दून मेडिकल कॉलेज
– फोटो : अमर उजाला फाइल फोटो

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कोरोना वायरस के नए खतरे से निपटने के लिए उत्तराखंड सरकार ने निगरानी और सतर्कता बढ़ा दी है। केंद्र की ओर से जारी गाइडलाइन के अनुसार प्रदेश में कोरोना के नए स्ट्रेन की रोकथाम के लिए इंतजाम किए जा रहे हैं। ब्रिटेन समेत अन्य देशों से लौटे लोगों और उनके संपर्क में आने वालों को पहचान की जा रही है।

प्रत्येक जिले में ब्रिटेन से लौटे वाले संक्रमितों के लिए अलग से आईसोलेशन वार्ड बनाए जाएंगे। वहीं, ऐसे संक्रमितों का इलाज सिर्फ दून और हल्द्वानी मेडिकल कॉलेज में किया जाएगा। प्रभारी सचिव स्वास्थ्य डॉ. पंकज कुमार पांडेय का कहना है कि कोरोना वायरस के नए स्ट्रेन को लेकर केंद्र की ओर जारी गाइडलाइन के आधार पर प्रदेश में व्यवस्था की जा रही है।

यह भी पढ़ें: New Corona Strain : युनाइटेड किंगडम से 227 लोग पहुंचे उत्तराखंड, जिनमें से 25 लोग नहीं हो पा रहे ट्रेस

अगर ब्रिटेन से लौटे लोग संक्रमित पाए जाते हैं तो उनके लिए प्रत्येक जिला में अलग से आईसोलेशन वार्ड बनाए जा रहे हैं। वहीं, संपर्क में आने वाले लोगों को आईसीएमआर के दिशा-निर्देशों के अनुसार संस्थागत क्वारंटीन किया जाएगा।

विदेशों से लौटने वाले संक्रमितों के उपचार की सुविधा प्रदेश में दो मेडिकल कॉलेजों में ही है। इसमें दून और हल्द्वानी मेडिकल कॉलेज शामिल है। उन्होंने कहा कि ब्रिटेन, यूके व अन्य देशों से लौटने वाले लोगों और संपर्क में आने वालों का पता लगा कर आरटीपीसीआर जांच की जा रही है।

जांच में पॉजिटिव पाए जाने वाले कोरोना के नए स्ट्रेन का पता लगाने के लिए नेशनल इंस्टीट्यूट आफ वायरोलॉजी संस्थान पुणे सैंपल भेजे जा रहे हैं। प्रदेश में चल रहे कोविड सैंपल जांच प्रयोगशालाओं में कोरोना के नए स्ट्रेन का पता लगाना संभव नहीं है।

कोरोना वायरस का नया स्ट्रेन मिलने के बाद यूके से लौटा एक और व्यक्ति कोरोना पॉजिटिव मिला है। संक्रमित मरीज टिहरी का रहने वाला है। वह दून में सैंपल लेने के बाद कोरोना संक्रमित पाया गया। संक्रमित व्यक्ति में कोरोना के नए स्ट्रेन का पता लगाने के लिए सैंपल पुणे स्थित नेशनल इंस्टीट्यूट आफ वायरोलॉजी लैब भेजा जाएगा। 

संक्रमित मरीज का उपचार दून मेडिकल कालेज में चल रहा है। यूके से लौटने के बाद संक्रमित व्यक्ति देहरादून में रह रहा था। विभाग की ओर से ट्रेसिंग कर सैंपल लिया गया। आरटीपीसीआर जांच में सैंपल पॉजिटिव मिला है।

अब विभाग की ओर से संक्रमित का सैंपल पुणे भेजा जा रहा है। बता दें कि इससे पहले ब्रिटेन से लौटे सात लोग कोरोना संक्रमित पाए गए। जिनके सैंपल भी जांच के लिए पुणे भेजे गए हैं। इनकी अभी तक रिपोर्ट नहीं आई है।

कोरोना वायरस के नए खतरे से निपटने के लिए उत्तराखंड सरकार ने निगरानी और सतर्कता बढ़ा दी है। केंद्र की ओर से जारी गाइडलाइन के अनुसार प्रदेश में कोरोना के नए स्ट्रेन की रोकथाम के लिए इंतजाम किए जा रहे हैं। ब्रिटेन समेत अन्य देशों से लौटे लोगों और उनके संपर्क में आने वालों को पहचान की जा रही है।

प्रत्येक जिले में ब्रिटेन से लौटे वाले संक्रमितों के लिए अलग से आईसोलेशन वार्ड बनाए जाएंगे। वहीं, ऐसे संक्रमितों का इलाज सिर्फ दून और हल्द्वानी मेडिकल कॉलेज में किया जाएगा। प्रभारी सचिव स्वास्थ्य डॉ. पंकज कुमार पांडेय का कहना है कि कोरोना वायरस के नए स्ट्रेन को लेकर केंद्र की ओर जारी गाइडलाइन के आधार पर प्रदेश में व्यवस्था की जा रही है।

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अगर ब्रिटेन से लौटे लोग संक्रमित पाए जाते हैं तो उनके लिए प्रत्येक जिला में अलग से आईसोलेशन वार्ड बनाए जा रहे हैं। वहीं, संपर्क में आने वाले लोगों को आईसीएमआर के दिशा-निर्देशों के अनुसार संस्थागत क्वारंटीन किया जाएगा।

विदेशों से लौटने वाले संक्रमितों के उपचार की सुविधा प्रदेश में दो मेडिकल कॉलेजों में ही है। इसमें दून और हल्द्वानी मेडिकल कॉलेज शामिल है। उन्होंने कहा कि ब्रिटेन, यूके व अन्य देशों से लौटने वाले लोगों और संपर्क में आने वालों का पता लगा कर आरटीपीसीआर जांच की जा रही है।

जांच में पॉजिटिव पाए जाने वाले कोरोना के नए स्ट्रेन का पता लगाने के लिए नेशनल इंस्टीट्यूट आफ वायरोलॉजी संस्थान पुणे सैंपल भेजे जा रहे हैं। प्रदेश में चल रहे कोविड सैंपल जांच प्रयोगशालाओं में कोरोना के नए स्ट्रेन का पता लगाना संभव नहीं है।


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यूके से लौटा एक और व्यक्ति कोरोना पॉजिटिव



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