February 26, 2021

Bird Flu in Uttarakhand : प्रदेश में पोल्ट्री सेक्टर बर्ड फ्लू से सुरक्षित – पशुपालन राज्य मंत्री रेखा आर्य


पशुपालन राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) रेखा आर्य
– फोटो : अमर उजाला (File Photo)

पढ़ें अमर उजाला ई-पेपर
कहीं भी, कभी भी।

*Yearly subscription for just ₹299 Limited Period Offer. HURRY UP!

ख़बर सुनें

पशुपालन राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) रेखा आर्य ने कहा कि उत्तराखंड में अभी तक बर्ड फ्लू के संक्रमण से पोल्ट्री सेक्टर पूरी तरह से सुरक्षित है। उन्होंने पोल्ट्री फार्म संचालकों को केंद्र व राज्य सरकार की ओर से जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने के निर्देश दिए। कहा कि हरियाणा व हिमाचल प्रदेश से मुर्गियों और अंडों के आयात पर रोक की सख्त हिदायत दी गई है। इसके बावजूद भी इन राज्यों से मुर्गियों व अंडों की सप्लाई हो रही है तो इसका संज्ञान लिया जाएगा।

गुरुवार को आईआरडीटी आडिटोरियम में पशुपालन विभाग की ओर से बर्ड फ्लू की रोकथाम के लिए एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ करते हुए पशुपालन मंत्री रेखा आर्य ने कहा कि प्रदेश में अभी तक कौवों में बर्ड फ्लू की पुष्टि हुई है। इनमें भी बर्ड फ्लू का एच5एन1 का संक्रमण नहीं मिला है। प्रदेश में पोल्ट्री सेक्टर इस बीमारी से पूरी तरह से सुरक्षित है। उन्होंने कहा कि विशेषज्ञों की ओर से बर्ड फ्लू से बचाव के लिए जो जानकारी दी गई है, उसका पालन करें।

पशुपालन निदेशक डॉ.केके जोशी ने कहा कि केंद्र के दिशा-निर्देशों के आधार पर विभाग की ओर से बर्ड फ्लू की रोकथाम के लिए सभी जिलों को निर्देश जारी किए गए हैं। एहतियाती तौर पर प्रदेश भर में पोल्ट्री फार्म से सैंपलिंग कर जांच के लिए बरेली भेजे जा रहे हैं।

पंतनगर वेटनरी कॉलेज के वैज्ञानिक डॉ.अमित कुमार ने बताया कि प्रदेश के किसी भी पोल्ट्री फार्म में बायो सिक्योरिटी को पालन नहीं किया जा रहा है। जिससे बीमारी फैलने की ज्यादा आशंका रहती है। वहीं, उन्होंने कहा कि पशुपालन विभाग, वन विभाग को प्रवासी पक्षियों के आने से पहले ही निगरानी बढ़ाने की जरूरत है। कार्यक्रम में पंतनगर विश्वविद्यालय के वैज्ञानिक डॉ.राजेश कुमार, वेंकटेश्वरा हेचरी के डॉ.एनपी सिंह ने पोल्ट्री फार्म संचालकों को बर्ड फ्लू से बचाव की जानकारी दी।

बर्ल्ड फ्लू के लिहाज से देहरादून में गुरुवार को राहत भरा दिन रहा। विगत एक हफ्ते में गुरुवार को सबसे कम पक्षी मृत मिले। गुरुवार को जहां प्रदेशभर में मात्र 51 पक्षी मृत मिले, वहीं देहरादून में विभिन्न क्षेत्रों में 40 पक्षी मृत मिले। इसमें सबसे अधिक संख्या कौवे 31, कबूतर छह और एक बतख और दो चिड़िया शामिल हैं। राहत की बात यह भी है कि अभी तक किसी भी पोल्ट्री फार्म में इस प्रकार का कोई मामला नहीं मिला है।

पिछले एक हफ्ते में जनपद में बड़ी संख्या में पक्षी मृत मिल रहे थे। जिससे चिंता बढ़ती जा रही थी। बुधवार को ही जनपद में ही डेढ़ सौ से अधिक पक्षी मृत मिले थे। जबकि इससे पहले भी रोज बड़ी संख्या में पक्षी मृत मिल रहे थे। लेकिन गुरुवार को जनपद के विभिन्न क्षेत्रों में मात्र 40 पक्षी ही मृत मिले।

इसमें अभी भी बड़ी संख्या कौवे की है। अन्य पक्षियों की मात्रा कुछ ही है। मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. एसबी पांडे ने कहा कि रोज जिले के पोल्ट्री फार्म में जाकर जांच की जा रही है। लेकिन अभी तक मुर्गियों में कोई भी इस प्रकार का मामला सामने नहीं आया है। जितने भी पक्षी मृत मिले सुरक्षा के बीच दफना दिया गया है। जबकि कुछ के सैंपल जांच के लिए आईबीआर बरेली भेज दिए गए हैं। 

जिले के सभी छह ब्लॉकों में तैनात है आरआरटी टीम, फार्म में जाकर की जा रही है जांच  

बर्ल्ड फ्लू को लेकर पूरा पशुपालन विभाग रेट अलर्ट पर है। प्रत्येक ब्लॉक में रैपिड रिसपांस टीम बनाई गई है। जो क्षेत्र में निरंतर सैपलिंग और सतर्कता रख रहे हैं। टीम को सुरक्षा की दृष्टि से पीपीई किट दी गई है और पूरे एसओपी के तहत सैंपलिंग की जा रही है।

पशु चिकित्सा अधिकारी एसबी पांडे ने बताया कि जनपद में स्थित 30 वैटनरी अस्पतालों को पूरे अलर्ट पर रखा गया है। फिलहाल अभी तक कोई ऐसा मामला नहीं आया है कि कोई पक्षी घायल अवस्था में मिला हो। जो भी मिल रहे हैं, वह मृत मिल रहे हैं। अगर ऐसे कोई मामले आते हैं, उनका इलाज किया जाएगा। 

अभी तक सौ के करीब सैंपल भेजे जा चुके हैं जांच के लिए

मुख्य पशुचिकित्सा अधिकारी डॉ. एसबी पांडे ने बताया कि फिलहाल अभी तक घरेलू पक्षियों में इस बर्ल्ड फ्लू के कोई लक्षण नहीं पाए गए हैं। वैटनरी ऑफसरों की टीम टीम नियमित रूप से पोल्ट्री फार्म की निगरानी कर रहे हैं। कई पोल्ट्री फार्म से मुर्गियों के सैंपल लेकर आईबीआरआई बरेली भेजे दिए गए हैं। फिलहाल किसी भी पोल्ट्री फार्म में एक कोई लक्षण नहीं मिला है।

पशुपालन राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) रेखा आर्य ने कहा कि उत्तराखंड में अभी तक बर्ड फ्लू के संक्रमण से पोल्ट्री सेक्टर पूरी तरह से सुरक्षित है। उन्होंने पोल्ट्री फार्म संचालकों को केंद्र व राज्य सरकार की ओर से जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने के निर्देश दिए। कहा कि हरियाणा व हिमाचल प्रदेश से मुर्गियों और अंडों के आयात पर रोक की सख्त हिदायत दी गई है। इसके बावजूद भी इन राज्यों से मुर्गियों व अंडों की सप्लाई हो रही है तो इसका संज्ञान लिया जाएगा।

गुरुवार को आईआरडीटी आडिटोरियम में पशुपालन विभाग की ओर से बर्ड फ्लू की रोकथाम के लिए एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ करते हुए पशुपालन मंत्री रेखा आर्य ने कहा कि प्रदेश में अभी तक कौवों में बर्ड फ्लू की पुष्टि हुई है। इनमें भी बर्ड फ्लू का एच5एन1 का संक्रमण नहीं मिला है। प्रदेश में पोल्ट्री सेक्टर इस बीमारी से पूरी तरह से सुरक्षित है। उन्होंने कहा कि विशेषज्ञों की ओर से बर्ड फ्लू से बचाव के लिए जो जानकारी दी गई है, उसका पालन करें।

पशुपालन निदेशक डॉ.केके जोशी ने कहा कि केंद्र के दिशा-निर्देशों के आधार पर विभाग की ओर से बर्ड फ्लू की रोकथाम के लिए सभी जिलों को निर्देश जारी किए गए हैं। एहतियाती तौर पर प्रदेश भर में पोल्ट्री फार्म से सैंपलिंग कर जांच के लिए बरेली भेजे जा रहे हैं।

पंतनगर वेटनरी कॉलेज के वैज्ञानिक डॉ.अमित कुमार ने बताया कि प्रदेश के किसी भी पोल्ट्री फार्म में बायो सिक्योरिटी को पालन नहीं किया जा रहा है। जिससे बीमारी फैलने की ज्यादा आशंका रहती है। वहीं, उन्होंने कहा कि पशुपालन विभाग, वन विभाग को प्रवासी पक्षियों के आने से पहले ही निगरानी बढ़ाने की जरूरत है। कार्यक्रम में पंतनगर विश्वविद्यालय के वैज्ञानिक डॉ.राजेश कुमार, वेंकटेश्वरा हेचरी के डॉ.एनपी सिंह ने पोल्ट्री फार्म संचालकों को बर्ड फ्लू से बचाव की जानकारी दी।


आगे पढ़ें

बर्ल्ड फ्लू: गुरुवार को मृत पक्षियों की संख्या में आई कमी, केवल 40 पक्षी मिले मृत 



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You may have missed