February 28, 2021

Bird Flu: उत्तराखंड में 11 जिलों के पोल्ट्री फार्मों से भेजे गए सैंपलों में नहीं मिला बर्ड फ्लू का संक्रमण


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उत्तराखंड में पोल्ट्री फार्म बर्ड फ्लू संक्रमण से सुरक्षित हैं। पशुपालन विभाग की ओर से एहतियाती तौर पर प्रदेश भर के पोल्ट्री फार्मों से एक हजार से अधिक सैंपल जांच के लिए (भारतीय पशु चिकित्सा अनुसंधान संस्थान) आईवीआरआई बरेली भेजे गए थे। इनमें से 11 जिलों के सैंपलों की रिपोर्ट नेगेटिव आई है। जबकि चंपावत व बागेश्वर जिले के सैंपलों की रिपोर्ट अभी नहीं आई है।

प्रदेश में कोटद्वार और देहरादून क्षेत्र में मृत कौवों के सैंपलों में बर्ड फ्लू मिलने के बाद पशुपालन विभाग ने एहतियाती तौर पर सभी जिलों में पोल्ट्री फार्म से सैंपलिंग की थी। प्रदेश भर से एक हजार से अधिक सैंपल जांच के लिए आईवीआरआई बरेली भेजे गए थे। इनमें से 11 जिलों से भेजे गए सैंपलों की रिपोर्ट निगेटिव आई है। जबकि चंपावत व बागेश्वर जिलों से भेजे गए सैंपलों की रिपोर्ट आनी बाकी है।

पशुपालन निदेशक डॉ.केके जोशी ने बताया कि प्रदेश में अभी तक पोल्ट्री सेक्टर बर्ड फ्लू से सुरक्षित है। उन्होंने बताया कि विभाग की ओर से जिला स्तर पर गठित रेपिड रिस्पांस टीम के माध्यम से पोल्ट्री फार्म की नियमित रूप से निगरानी की जा रही है।

देहरादून में 26 और कौवे मृत मिले 
बर्ड फ्लू की आशंकाओं के बीच राजधानी दून के साथ ही जिले के विभिन्न इलाकों में पक्षियों की मौत का सिलसिला थम नहीं रहा है। रविवार को पूरे जिले में 26 कौवे मरे पाए गए। मृत कौवों को दफ़ना दिया गया है और कुछ के नमूने जांच के लिए भेजे गए हैं। वहीं जिले में अबतक 700 से अधिक कौवों की मौत हो चुकी है। 

मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. एसबी पांडे ने बताया कि जहां से भी कौवों के मरने की जानकारी आ रही है। वहां टीम भेजकर जांच कराई जा रही है। जांच में कौवों की मौत बर्ड फ्लू से होने की बात है, लेकिन यह वायरस खतरनाक स्तर का नहीं है।

पक्षियों के शव दफनाने के साथ ही उनके नमूने जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे गए हैं। विभागीय टीमें जिले के सभी पोल्ट्री फार्म पर नजर बनाए हुए हैं। अभी तक जिले के किसी पोल्ट्री फॉर्म से मुर्गियों के मरने की जानकारी नहीं आई है।

उत्तराखंड समेत देश के कई राज्यों में फैली बर्ड फ्लू बीमारी से दून चिड़ियाघर के देशी, विदेशी पक्षियों को बीमारी से बचाने को लेकर चिड़ियाघर प्रशासन की ओर से कई एहतियाती कदम उठाए गए हैं। दून चिड़ियाघर में शुतुरमुर्ग, ऐमू, मकाउ, अफ्रीकन ग्रे, मोर, कोकोटेल, लव बर्ड, बजरीगर प्लम हेडेड पैरट, संगनूर, कॉलीज, गोल्डन फीजेंट, सिल्वर फीजेंट,  उल्लू, इंडियन वल्चर समेत 25 से अधिक देशी, विदेशी प्रजातियों के पक्षियों में बर्ड फ्लू बीमारी न फैलने पाए इसके लिए चिड़ियाघर प्रशासन की ओर से पक्षियों के बाड़ों में ग्रीन सीट लगाई गई है।

वन क्षेत्राधिकारी मोहन सिंह रावत ने बताया कि जिस तरीके से बर्ड फ्लू बीमारी फैल रही है उसे देखते हुए चिड़ियाघर के देशी, विदेशी पक्षियों को सुरक्षित बचाना बड़ी चुनौती है। बर्ड फ्लू बीमारी से संक्रमित हुए कबूतर समेत अन्य प्रजातियों के पक्षी चिड़ियाघर के पक्षियों के संपर्क में न आएं।

इसके लिए पक्षियों के बाड़ों में ग्रीन सीट लगाने के साथ ही जाल लगा दिए गए हैं। साथ ही बाड़ों के पास कर्मचारियों की ड्यूटी भी लगाई गई है। क्षेत्राधिकारी मोहन सिंह रावत ने बताया कि फिलहाल चिड़ियाघर के पक्षियों में बर्ड फ्लू बीमारी का कोई खतरा नहीं है, लेकिन इसके बावजूद तमाम सावधानियां बरती जा रही हैं।

3600 पर्यटकों ने किया चिड़ियाघर का भ्रमण
वन क्षेत्राधिकारी मोहन सिंह रावत ने बताया कि रविवार को अवकाश होने के चलते बड़ी संख्या में पर्यटक दून चिड़िया घर पहुंचे। आंकड़ों के मुताबिक कुल 3600 पर्यटक चिड़िया घर पहुंचे और दुर्लभ प्रजाति के पक्षियों, वन्यजीवों का दीदार करने के साथ ही साहसिक खेलों का भी आनंद लिया।

सार

  • आईवीआरआई बरेली से मिली पोल्ट्री फार्मों से भेजे गए सैंपलों की रिपोर्ट
  • चंपावत और बागेश्वर जिलों से भेजे गए सैंपलों की रिपोर्ट आनी बाकी

विस्तार

उत्तराखंड में पोल्ट्री फार्म बर्ड फ्लू संक्रमण से सुरक्षित हैं। पशुपालन विभाग की ओर से एहतियाती तौर पर प्रदेश भर के पोल्ट्री फार्मों से एक हजार से अधिक सैंपल जांच के लिए (भारतीय पशु चिकित्सा अनुसंधान संस्थान) आईवीआरआई बरेली भेजे गए थे। इनमें से 11 जिलों के सैंपलों की रिपोर्ट नेगेटिव आई है। जबकि चंपावत व बागेश्वर जिले के सैंपलों की रिपोर्ट अभी नहीं आई है।

प्रदेश में कोटद्वार और देहरादून क्षेत्र में मृत कौवों के सैंपलों में बर्ड फ्लू मिलने के बाद पशुपालन विभाग ने एहतियाती तौर पर सभी जिलों में पोल्ट्री फार्म से सैंपलिंग की थी। प्रदेश भर से एक हजार से अधिक सैंपल जांच के लिए आईवीआरआई बरेली भेजे गए थे। इनमें से 11 जिलों से भेजे गए सैंपलों की रिपोर्ट निगेटिव आई है। जबकि चंपावत व बागेश्वर जिलों से भेजे गए सैंपलों की रिपोर्ट आनी बाकी है।

पशुपालन निदेशक डॉ.केके जोशी ने बताया कि प्रदेश में अभी तक पोल्ट्री सेक्टर बर्ड फ्लू से सुरक्षित है। उन्होंने बताया कि विभाग की ओर से जिला स्तर पर गठित रेपिड रिस्पांस टीम के माध्यम से पोल्ट्री फार्म की नियमित रूप से निगरानी की जा रही है।

देहरादून में 26 और कौवे मृत मिले 

बर्ड फ्लू की आशंकाओं के बीच राजधानी दून के साथ ही जिले के विभिन्न इलाकों में पक्षियों की मौत का सिलसिला थम नहीं रहा है। रविवार को पूरे जिले में 26 कौवे मरे पाए गए। मृत कौवों को दफ़ना दिया गया है और कुछ के नमूने जांच के लिए भेजे गए हैं। वहीं जिले में अबतक 700 से अधिक कौवों की मौत हो चुकी है। 

मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. एसबी पांडे ने बताया कि जहां से भी कौवों के मरने की जानकारी आ रही है। वहां टीम भेजकर जांच कराई जा रही है। जांच में कौवों की मौत बर्ड फ्लू से होने की बात है, लेकिन यह वायरस खतरनाक स्तर का नहीं है।

पक्षियों के शव दफनाने के साथ ही उनके नमूने जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे गए हैं। विभागीय टीमें जिले के सभी पोल्ट्री फार्म पर नजर बनाए हुए हैं। अभी तक जिले के किसी पोल्ट्री फॉर्म से मुर्गियों के मरने की जानकारी नहीं आई है।


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दून चिड़ियाघर में विभिन्न पक्षियों को बर्ड फ्लू से बचाने की कवायद



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