March 6, 2021

Bird Flu: उत्तराखंड में दो दिन में पोल्ट्री फार्मों से जांच के लिए भेजे गए 1100 सैंपल


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बर्ड फ्लू की रोकथाम के लिए पशुपालन विभाग ने दो दिन के भीतर प्रदेशभर से पोल्ट्री फार्मों से करीब 1100 सैंपल जांच के लिए भेजे गए हैं। विभाग का दावा है कि अभी तक प्रदेश के किसी भी पोल्ट्री फार्म में बर्ड फ्लू का मामला नहीं मिला है। एहतियात के तौर पर पोल्ट्री फार्मों से रैडम सैंपलिंग की जा रही है।

पशुपालन विभाग के निदेशक डॉ.केके जोशी ने बताया कि बर्ड फ्लू की रोकथाम के लिए सभी जिलों में पोल्ट्री फार्म से रैडम सैंपलिंग की जा रही है। दो दिन के भीतर विभाग ने 1099 सैंपल जांच के लिए आईआरबीआई लैब बरेली भेजे हैं।

अभी तक पोल्ट्री फार्मों में बर्ड फ्लू का कोई मामला नहीं मिला है। जिला और ब्लाक स्तर पर पोल्ट्री फार्म में विभागीय टीम की ओर से नियमित रूप से निगरानी की जा रही है। उन्होंने बताया कि बृहस्पतिवार को बर्ड फ्लू से बचाव व जागरूकता के लिए आईआरडीटी ऑडिटोरियम में कार्यशाला आयोजित की जा रही है। जिसमें पशु चिकित्सक और पोल्ट्री व्यवसाय से जुड़े किसान भाग लेंगे।

राजधानी दून और उसके आसपास बुधवार को 114 कौवे, छह कबूतर एक बत्तख मृत पाया गया। मृत कौवों, बतखों और कबूतरों को दफना दिया गया है। कुछ पक्षियों के सैंपल जांच के लिए भेजे गए हैं।

राजधानी और आसपास के इलाकों में बर्ड फ्लू की आशंका गहराती जा रही है। रोज बड़ी संख्या में कौवे, बतख और कबूतर मृत पाए जा रहे हैं। सोमवार को 62 कौवे, नौ बगुले और चार कबूतर मृत पाए गए थे। मंगलवार को भी बड़ी संख्या में कौवे, बत्तख और कबूतर मृत मिले। बुधवार को राजधानी और आसपास 114 कौवे, छह कबूतर और एक बतख मृत पाया गया। इतनी बड़ी संख्या में रोज पक्षियों के मरने से बर्ड फ्लू की आशंका गहराती जा रही है।

मृत पक्षियों को दफना दिया गया है। कुछ के सैंपल जांच के लिए भेज दिए गए हैं। मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. एसबी पांडे ने कहा कि अभी बर्ड फ्लू के बारे में कुछ स्पष्ट नहीं कहा जा सकता है। सैंपलों की जांच रिपोर्ट आने के बाद ही कुछ कहा जा सकता है। वन विभाग से लगातार समन्वय बनाकर काम किया जा रहा है। फिलहाल अभी तक वन्यजीवों में ही असर देखा जा रहा है। किसी फार्म से मुर्गे आदि के मरने की सूचना नहीं है। 

बर्ड फ्लू को रोकने के लिए तीनों विभाग ने कमर कस ली है। बैठक करके आपस में समन्वय बनाकर बर्ड फ्लू को हरिद्वार में नहीं फैलने के लिए रणनीति बनाई। खासकर गंगा किनारे के क्षेत्रों पर पैनी नजर रखने पर जोर दिया गया। 

बुधवार को विकास भवन स्थित पशुपालन विभाग के कार्यालय में स्वास्थ्य, वन और पशुपालन विभाग के अधिकारियों ने संयुक्त बैठक बुलाई। बैठक में स्वास्थ्य विभाग से एसीएमओ डॉ. पंकज जैन, वन विभाग से डीएफओ नीरज शर्मा और मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. योगेश भारद्वाज मौजूद रहे। बैठक में आपस में मिलकर बर्ड फ्लू का संक्रमण रोकने के लिए चर्चा की गई।

एक दूसरे विभाग को सूचनाओं के आदान-प्रदान के लिए एक व्हाट्सएप ग्रुप भी बनाया गया। डॉ. योगेश भारद्वाज ने बताया कि दो दिन बाद फिर से सैंपल लेने के लिए अभियान चलाया जाएगा। डीएफओ नीरज शर्मा ने बताया कि रुड़की क्षेत्र में एक कौवा मरा मिलने की सूचना मिली थी। उसका सैंपल जांच के लिए भेजा जाएगा। 

बर्ड फ्लू के 348 सैंपल कुमाऊं से जांच के लिए बरेली भेजे गए हैं। पशुपालन विभाग के अपर निदेशक डॉ. बीसी कर्नाटक ने बताया कि कुमाऊं की दो लैबों रुद्रपुर और अल्मोड़ा में 48 जांच सैंपल भेजे गए हैं।  

कमेटी बनी, नोडल अधिकारी बनाए गए
बर्ड फ्लू की रोकथाम के लिए डीएम के निर्देश पर जिला और तहसील स्तर पर कमेटी गठित की गई है। समिति में जनपद के मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी को सदस्य सचिव और संयोजक बनाया गया है। सीएमओ और डीएफओ वन प्रभाग को सदस्य की जिम्मेदारी दी गई है। जिला स्तर पर नियंत्रण कक्ष की स्थापना मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी नैनीताल के कार्यालय में की गई है।

इसका नंबर 05942-24 8367 है। तहसील स्तर पर नोडल अधिकारियों की जिम्मेदारी संबंधित पशु अस्पतालों के पशु चिकित्साधिकारियों को दी गई है। नैनीताल में डॉ. दीपाली लालवानी, हल्द्वानी में डॉ. डीसी जोशी, लालकुआं में डॉ. जीएस खाती, कालाढूंगी में डॉ. संजीव पंत, रामनगर में डॉ. योगेश अग्रवाल, धारी में डॉ. एके रावत और कुश्याकुटोली में डॉ. गरिमा बिष्ट को नोडल अधिकारी बनाया गया है। 

नगर पंचायत के वार्ड-दो स्थित एक घर के आंगन में दो चिड़ियों के मृत मिलने से बर्ड फ्लू की अफवाह फैल गई। सूचना पर पशुधन चिकित्साधिकारी ने मौके पर पहुंचकर शवों की जांच की। उन्होंने कहा कि चिड़ियों की मृत्यु सामान्य रूप से हुई है। उन्होंने लोगों से अफवाह से बचने की अपील की।

 बुधवार सुबह वार्ड दो निवासी सत्यव्रत सेन के घर के आंगन में दो गौरैया मृत अवस्था में मिलीं। स्थानीय लोगों ने पशुपालन विभाग को सूचना दी। पशुधन चिकित्साधिकारी शिव कुमार सिन्हा ने मौका मुआयना किया।

उन्होंने कहा कि गौरैया की मौत बर्ड फ्लू से नहीं हुई है। यदि बर्ड फ्लू होता तो अन्य चिड़ियां भी मृत मिलतीं। अत्यधिक ठंड के कारण चिड़ियों की मौत हुई होगी। पेड़ पर अन्य चिड़ियों की बड़ी संख्या है। उन्होंने सत्यव्रत सेन से कहा कि यदि आसपास कोई और चिड़िया भी मृत मिले तो तत्काल इसकी सूचना उन्हें दी जाए।

सार

  • पशुपालन विभाग ने आईआरबीआई बरेली भेजे हैं सभी सैंपल
  • प्रदेशभर में पोल्ट्री फार्मों से की जा रही है रैडम सैंपलिंग

विस्तार

बर्ड फ्लू की रोकथाम के लिए पशुपालन विभाग ने दो दिन के भीतर प्रदेशभर से पोल्ट्री फार्मों से करीब 1100 सैंपल जांच के लिए भेजे गए हैं। विभाग का दावा है कि अभी तक प्रदेश के किसी भी पोल्ट्री फार्म में बर्ड फ्लू का मामला नहीं मिला है। एहतियात के तौर पर पोल्ट्री फार्मों से रैडम सैंपलिंग की जा रही है।

पशुपालन विभाग के निदेशक डॉ.केके जोशी ने बताया कि बर्ड फ्लू की रोकथाम के लिए सभी जिलों में पोल्ट्री फार्म से रैडम सैंपलिंग की जा रही है। दो दिन के भीतर विभाग ने 1099 सैंपल जांच के लिए आईआरबीआई लैब बरेली भेजे हैं।

अभी तक पोल्ट्री फार्मों में बर्ड फ्लू का कोई मामला नहीं मिला है। जिला और ब्लाक स्तर पर पोल्ट्री फार्म में विभागीय टीम की ओर से नियमित रूप से निगरानी की जा रही है। उन्होंने बताया कि बृहस्पतिवार को बर्ड फ्लू से बचाव व जागरूकता के लिए आईआरडीटी ऑडिटोरियम में कार्यशाला आयोजित की जा रही है। जिसमें पशु चिकित्सक और पोल्ट्री व्यवसाय से जुड़े किसान भाग लेंगे।


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