February 26, 2021

हरिद्वार जेल कांड: डीजीपी ने दिए एसओजी को हटाने के आदेश, कुख्यात भूरा टिहरी जेल शिफ्ट


न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हरिद्वार
Updated Mon, 11 Jan 2021 07:19 PM IST

एडीजी अशोक कुमार
– फोटो : अमर उजाला

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हरिद्वार जेल में कुख्यात के मोबाइल इस्तेमाल मामले में एसओजी की कुख्यातों की निगरानी में लापरवाही सामने आई है। डीजीपी ने जिले की एसओजी टीम को हटाने के आदेश दिए हैं। इसके साथ ही स्थानीय पुलिस की जांच कर दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश डीआईजी रेंज को दिए गए हैं। 

एसटीएफ ने हरिद्वार जेल में चल रहे कुख्यात भूरा के नेटवर्क का भंडाफोड़ रविवार किया था। जेल से उसके दो मोबाइल और दो सिम बरामद हुए थे। भूरा ने इन मोबाइल से एक बंदी की पत्नी से फिरौती में सोने की चेन मांगी थी। इस मामले में एसटीएफ ने दो आरोपियों को भी गिरफ्तार किया था। सोमवार को इस मामले में डीजीपी ने कड़े आदेश जारी किए हैं। 

डीजीपी ने बताया कि इस पूरे मामले में एसओजी की लापरवाही सामने आई है। क्योंकि, एसओजी को ही ऐसे कुख्यातों की गतिविधियों और उनके मोबाइल नेटवर्क की टोह लेने की जिम्मेदारी होती है। ऐसे में पूरी टीम को हटाकर दूरस्थ जनपदों में ट्रांसफर किया जाएगा। इस संबंध में डीआईजी रेंज को निर्देशित किया जा चुका है। इसके साथ ही आईजी जेल से भी कहा गया है कि वह जेल अधिकारियों की जांच कर रिपोर्ट प्रस्तुत करें। इसके बाद जांच में दोषी पाए जाने वाले अधिकारियों का भी दूरस्थ जेलों में स्थानांतरित करें। 

पूर्व में हुई घटनाएं फिर भी निगरानी में चूकी पुलिस 
डीजीपी के इस रुख से स्थानीय थाना पुलिस पर भी गाज गिरनी तय मानी जा रही है। इस मामले में उन्होंने साफ किया है जब पूर्व में इस तरह की वारदातें हुई हैं तो स्थानीय थाना पुलिस निगरानी में कैसे चूक गई? उन्होंने स्थानीय थाना पुलिस की जांच कराने के निर्देश भी डीआईजी को दिए हैं। दोषी पाए जाने पर उनके खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई की जाएगी। 

यह गंभीर मामला है। ऐसे में लापरवाही भी बड़े स्तर पर हुई है। एसओजी की लापरवाही प्रथमदृष्टया दिख रही है। लिहाजा पूरी एसओजी टीम को दूरस्थ जनपदों में स्थानांतरित करने के आदेश दिए गए हैं। साथ ही सथानीय पुलिस की जांच को भी कहा गया है। आईजी जेल से भी इस मामले में जांच कर जेल अधिकारियों को दूरस्थ जेलों में भेजने की अपेक्षा की गई है।
-अशोक कुमार, डीजीपी

दिल्ली के कारोबारी से रंगदारी के रूप में सोने की चैन मांगने वाले गैंगस्टर इंतजार उर्फ भूरा को टिहरी जेल में स्थानांतरित कर दिया गया है। जबकि उसके साथी नावेद की बैरक भी बदल दी गई है। इसके साथ ही जेल की बैरकों में तलाशी अभियान चलाया गया है। 

इसके साथ ही सोमवार को जेल अधीक्षक शिव मूरत सिंह ने जेल की बैरकों में तलाशी के लिए अभियान चलाया। वह खुद हर बैरक में पहुंचे और बंदियों का सामान हटवाकर जांच कराई। 

गेट पर भी हुई कड़ी चेकिंग
बंदियों से मिलने के लिए आने वाले मिलाईदारों की भी गहनता से चेकिंग की गई। इसके साथ ही उनके द्वारा लाए गए सामान को खुलवाकर देखा गया। जेल गेट पर तैनात लोगों को जेल कर्मचारी हिदायत भी देते हुए नजर आ रहे थे। 

इंतजार उर्फ भूरा को टिहरी जेल में शिफ्ट कर दिया गया है। वहीं नावेद की बैरक बदल दी गई है। जेल में रोजाना तलाशी अभियान भी चलाया जाएगा। 
-शिवमूरत सिंह, जेल अधीक्षक, हरिद्वार।

सार

  • जांच के घेरे में स्थानीय पुलिस, आईजी जेल से मांगी रिपोर्ट
  • जेल अधिकारियों को दूसरी जेलों में स्थानांतरित करने की सिफारिश 

विस्तार

हरिद्वार जेल में कुख्यात के मोबाइल इस्तेमाल मामले में एसओजी की कुख्यातों की निगरानी में लापरवाही सामने आई है। डीजीपी ने जिले की एसओजी टीम को हटाने के आदेश दिए हैं। इसके साथ ही स्थानीय पुलिस की जांच कर दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश डीआईजी रेंज को दिए गए हैं। 

एसटीएफ ने हरिद्वार जेल में चल रहे कुख्यात भूरा के नेटवर्क का भंडाफोड़ रविवार किया था। जेल से उसके दो मोबाइल और दो सिम बरामद हुए थे। भूरा ने इन मोबाइल से एक बंदी की पत्नी से फिरौती में सोने की चेन मांगी थी। इस मामले में एसटीएफ ने दो आरोपियों को भी गिरफ्तार किया था। सोमवार को इस मामले में डीजीपी ने कड़े आदेश जारी किए हैं। 

डीजीपी ने बताया कि इस पूरे मामले में एसओजी की लापरवाही सामने आई है। क्योंकि, एसओजी को ही ऐसे कुख्यातों की गतिविधियों और उनके मोबाइल नेटवर्क की टोह लेने की जिम्मेदारी होती है। ऐसे में पूरी टीम को हटाकर दूरस्थ जनपदों में ट्रांसफर किया जाएगा। इस संबंध में डीआईजी रेंज को निर्देशित किया जा चुका है। इसके साथ ही आईजी जेल से भी कहा गया है कि वह जेल अधिकारियों की जांच कर रिपोर्ट प्रस्तुत करें। इसके बाद जांच में दोषी पाए जाने वाले अधिकारियों का भी दूरस्थ जेलों में स्थानांतरित करें। 

पूर्व में हुई घटनाएं फिर भी निगरानी में चूकी पुलिस 

डीजीपी के इस रुख से स्थानीय थाना पुलिस पर भी गाज गिरनी तय मानी जा रही है। इस मामले में उन्होंने साफ किया है जब पूर्व में इस तरह की वारदातें हुई हैं तो स्थानीय थाना पुलिस निगरानी में कैसे चूक गई? उन्होंने स्थानीय थाना पुलिस की जांच कराने के निर्देश भी डीआईजी को दिए हैं। दोषी पाए जाने पर उनके खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई की जाएगी। 

यह गंभीर मामला है। ऐसे में लापरवाही भी बड़े स्तर पर हुई है। एसओजी की लापरवाही प्रथमदृष्टया दिख रही है। लिहाजा पूरी एसओजी टीम को दूरस्थ जनपदों में स्थानांतरित करने के आदेश दिए गए हैं। साथ ही सथानीय पुलिस की जांच को भी कहा गया है। आईजी जेल से भी इस मामले में जांच कर जेल अधिकारियों को दूरस्थ जेलों में भेजने की अपेक्षा की गई है।

-अशोक कुमार, डीजीपी


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टिहरी जेल में किया गैंगस्टर भूरा को शिफ्ट



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