March 1, 2021

छात्रवृत्ति घोटाला: पैरामेडिकल कॉलेज का मालिक और एक दलाल गिरफ्तार, 99 लाख हड़पने का आरोप


न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
Updated Wed, 06 Jan 2021 11:20 PM IST

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उत्तराखंड में छात्रवृत्ति के 99 लाख रुपये से अधिक डकारने के आरोप में एसआईटी ने सहारनपुर के पैरामेडिकल कॉलेज के सचिव (मालिक) और एक दलाल को गिरफ्तार किया है। यह छात्रवृत्ति शोभित यूनिवर्सिटी आदर्श एरिया गंगोह सहारनपुर के छात्रों के नाम से जारी की गई थी। जांच में पाया गया कि लाभार्थी छात्रों में से किसी का भी पंजीकरण यूनिवर्सिटी में नहीं था। 

एसआईटी के अनुसार शोभित यूनिवर्सिटी की प्राथमिक जांच में पाया गया कि समाज कल्याण विभाग देहरादून ने वर्ष 2013-14 में छात्रों को छात्रवृत्ति दी थी। करीब 99.52 लाख रुपये की छात्रवृत्ति विभिन्न छात्रों के खातों में जमा कराई गई। जांच के दौरान जब अनियमितताएं सामने आईं तो इस मामले में पिछले साल मार्च में डालनवाला थाने में मुकदमा दर्ज किया गया। इसकी विवेचना एसआईटी के दरोगा केशवानंद पुरोहित ने की।

जांच में छात्रों के खातों से यह राशि शाकुंबरी पैरामेडिकल सहारनपुर के सचिव राकेश कुमार पुत्र समय सिंह निवासी बेहरामपुर थाना बेहट जिला सहारनपुर के खाते में ट्रांसफर की गई है। राकेश कुमार संस्थान का संचालक व सचिव भी है। इस मामले में जब कथित छात्रों के बयान लिए गए तो उन्होंने बताया कि उनसे कागजात लेने के लिए सुनील तोमर पुत्र सरदार सिंह निवासी बिजाऊ तहसील कालसी आया था।

उन्होंने कभी इस संस्थान में प्रवेश नहीं लिया। छात्रों का पंजीकरण भी इस यूनिवर्सिटी में नहीं था। एसआईटी ने राकेश कुमार को बयानों के लिए बुलाया था। इसके बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया। सुनील तोमर को उसके भाई के घर विकासनगर से गिरफ्तार किया गया है। जानकारी में आया है कि इस रकम में से राकेश ने सुनील के खाते में 15 लाख रुपये जमा कराए थे। पुलिस के अनुसार सुनील कुमार इस पूरे मामले में दलाल के रूप में सामने आया है।

भाजपा अनुसूचित जाति मोर्चा के राष्ट्रीय मंत्री दिनेश आर्य ने दावा किया कि मोदी सरकार ने अनुसूचित जाति समाज के छात्रों को सुलभ और गुणवत्तापरक शिक्षा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से छात्रवृत्ति की राशि छह गुना बढ़ा दी है। मोदी सरकार अनुसूचित जाति समाज के लिए संजीदगी से कार्य कर रही है।

भाजपा के कुमाऊं संभाग कार्यालय में बुधवार को मोर्चा के राष्ट्रीय मंत्री दिनेश आर्य और प्रदेश उपाध्यक्ष संजीव कुमार ने पत्रकारों को बताया कि केंद्र ने अनुसूचित जाति वर्ग की छात्रवृत्ति का बजट 1100 करोड़ से बढ़ाकर छह हजार करोड़ रुपये कर दिया गया है। इस कार्य के लिए समाज के लोग प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय मंत्री थावर चंद के प्रति आभार जता रहे हैं। इसका लाभ देश के चार करोड़ अनुसूचित जाति के छात्रों को मिलेगा।

सरकार ने यह राशि प्रतिवर्ष पांच फीसदी बढ़ाने का प्रावधान किया है। गरीबों को आवास देने और मुफ्त गैस सिलिंडर से भी अनुसूचित समाज को काफी लाभ पहुंचा है। पहले की सरकारें सिर्फ आश्वसन देती थीं, लेकिन वर्तमान प्रधानमंत्री योजनाओं को धरातल पर उतराने का काम करते हैं। 

सार

  • देहरादून एसआईटी की टीम ने की डालनवाला में दर्ज मुकदमे में गिरफ्तारी  
  • शोभित यूनिवर्सिटी से संबंधित है शाकुंबरी पैरामेडिकल सहारनपुर 

विस्तार

उत्तराखंड में छात्रवृत्ति के 99 लाख रुपये से अधिक डकारने के आरोप में एसआईटी ने सहारनपुर के पैरामेडिकल कॉलेज के सचिव (मालिक) और एक दलाल को गिरफ्तार किया है। यह छात्रवृत्ति शोभित यूनिवर्सिटी आदर्श एरिया गंगोह सहारनपुर के छात्रों के नाम से जारी की गई थी। जांच में पाया गया कि लाभार्थी छात्रों में से किसी का भी पंजीकरण यूनिवर्सिटी में नहीं था। 

एसआईटी के अनुसार शोभित यूनिवर्सिटी की प्राथमिक जांच में पाया गया कि समाज कल्याण विभाग देहरादून ने वर्ष 2013-14 में छात्रों को छात्रवृत्ति दी थी। करीब 99.52 लाख रुपये की छात्रवृत्ति विभिन्न छात्रों के खातों में जमा कराई गई। जांच के दौरान जब अनियमितताएं सामने आईं तो इस मामले में पिछले साल मार्च में डालनवाला थाने में मुकदमा दर्ज किया गया। इसकी विवेचना एसआईटी के दरोगा केशवानंद पुरोहित ने की।

जांच में छात्रों के खातों से यह राशि शाकुंबरी पैरामेडिकल सहारनपुर के सचिव राकेश कुमार पुत्र समय सिंह निवासी बेहरामपुर थाना बेहट जिला सहारनपुर के खाते में ट्रांसफर की गई है। राकेश कुमार संस्थान का संचालक व सचिव भी है। इस मामले में जब कथित छात्रों के बयान लिए गए तो उन्होंने बताया कि उनसे कागजात लेने के लिए सुनील तोमर पुत्र सरदार सिंह निवासी बिजाऊ तहसील कालसी आया था।

उन्होंने कभी इस संस्थान में प्रवेश नहीं लिया। छात्रों का पंजीकरण भी इस यूनिवर्सिटी में नहीं था। एसआईटी ने राकेश कुमार को बयानों के लिए बुलाया था। इसके बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया। सुनील तोमर को उसके भाई के घर विकासनगर से गिरफ्तार किया गया है। जानकारी में आया है कि इस रकम में से राकेश ने सुनील के खाते में 15 लाख रुपये जमा कराए थे। पुलिस के अनुसार सुनील कुमार इस पूरे मामले में दलाल के रूप में सामने आया है।


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मोदी सरकार ने छह गुना बढ़ाया छात्रवृत्ति बजट : आर्य



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