February 27, 2021

एक्सक्लूसिव: रुड़की के अचार का स्वाद ले रहे अरब के शेख, कई शहरों से आ रही डिमांड


सामान पैक करती महिलाएं
– फोटो : अमर उजाला

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रुड़की की आत्मनिर्भर महिलाओं के बनाए अचार और मुरब्बे का स्वाद अब सऊदी अरब के शेख भी लेने लगे हैं। लॉकडाउन में जब हर तरफ बाजार में निराशा दिखाई दे रही थी, तब ये महिलाएं कुछ कर गुजरने के लिए नए काम शुरू करने में लगी रहीं।

इसी का नतीजा है कि पिछले तीन-चार महीनों में इनका बनाया अचार सऊदी अरब तक सप्लाई होने लगा है। यही नहीं, मुजफ्फरनगर समेत आसपास के क्षेत्रों से भी डिमांड आ रही है। करीब 100 महिलाओं के इस ग्रुप ने गारमेंट्स, हैंडीक्रॉफ्ट समेत कई तरह के सामान बनाकर आत्मनिर्भर बन गई हैं।

रुड़की में करीब दो साल पहले समाजसेवी रक्षा वालिया ने महिलाओं को घर बुलाकर एक मुहिम शुरू की थी। पहले छोटी बैठकें आयोजित कर समूह के रूप में कोई काम शुरू करने पर विचार विमर्श हुआ। इसके बाद नारी उज्ज्वल जीवन ट्रस्ट का गठन किया गया। नगर निगम में अपराजिता नारी शक्ति नामक समूह को रजिस्टर्ड कराया। इन दोनों संगठनों से अब 100 से अधिक महिलाएं जुड़ गई हैं।

इन्हें वह घर पर ही सिलाई, कढ़ाई और बाजार में बिकने वाले विभिन्न प्रकार के सामानों को तैयार करने का प्रशिक्षण दिला रही हैं। यहां महिलाओं को कार्डिगन, स्वेटर, हैंडीक्राफ्ट के आइटम और अचार, पापड़, मुरब्बा समेत, सांभर मसाला, रसम मसाला, रेडिमेड इडली और डोसे आदि बनाते देखा जा सकता है। ट्रस्ट की अध्यक्ष रक्षा वालिया बताती हैं कि उनके बनाए आचार बेहद स्वादिष्ट हैं।

सऊदी अरब के कुछ लोग ग्रुप की महिलाओं से मिले तो उन्हें अचार का स्वाद बेहद अच्छा लगा। पिछले दो से तीन महीनों में 20 किलो से अधिक अचार सऊदी अरब जा चुका है। हाल ही में मुजफ्फरनगर में भी करीब दस किलो नींबू का आचार सप्लाई किया गया है। धीरे-धीरे समूह के बनाए अचार समेत अन्य सामान की डिमांड भी बढ़ती जा रही है। 

महिलाओं ने आंध प्रदेश के विजयवाड़ा में बेहद प्रचलित गोंगुरा का आचार भी मंगाया है। ट्रस्ट अध्यक्ष रक्षा वालिया ने बताया कि यह अचार आंध्र प्रदेश के अलावा कहीं नहीं मिलता है। गोंगुरा पालक के पत्ते जैसा होता है और उसी इलाके में पाया जाता है। इसे यहां काफी पसंद किया जा रहा है।

समाजसेवा में भी आगे 
महिलाओं का यह ग्रुप समाजसेवा में भी आगे है। लॉकडाउन में इन महिलाओं ने गरीबों को खाना और चाय वितरित की। घर में खाना बनाकर घर की रसोई की मुहिम चलाई। यही नहीं, हाल ही में पुलिसकर्मियों को ठंड से बचाने के लिए गर्म कपड़े की कैप तैयार कर उपलब्ध कराया।

महिलाओं में ये हैं शामिल
रक्षा वालिया, पुष्पा बंसल, सोफिया, नेहा धीमान, पार्वती, रितू, गौतम, नेहा वशिष्ठ, सुनीता, पिंकी, रीता, सुदेश अग्रवाल, सुरेश गोस्वामी, सीता बधानी, तसमीम, शबाना आदि। 

सार

  • दो साल पहले शुरू की गई मुहिम लॉकडाउन में लाने लगी रंग, महिलाएं हुईं आत्मनिर्भर
  • ट्रस्ट और स्वयं सहायता समूह बनाकर बना रहीं गारमेंट्स, हैंडीक्रॉफ्टस अचार व मुरब्बे 
  • छोटी-छोटी बैठकों से शुरू हुई मुहिम, दो समूहों से जुड़ चुकी हैं करीब 100 महिलाएं 

विस्तार

रुड़की की आत्मनिर्भर महिलाओं के बनाए अचार और मुरब्बे का स्वाद अब सऊदी अरब के शेख भी लेने लगे हैं। लॉकडाउन में जब हर तरफ बाजार में निराशा दिखाई दे रही थी, तब ये महिलाएं कुछ कर गुजरने के लिए नए काम शुरू करने में लगी रहीं।

इसी का नतीजा है कि पिछले तीन-चार महीनों में इनका बनाया अचार सऊदी अरब तक सप्लाई होने लगा है। यही नहीं, मुजफ्फरनगर समेत आसपास के क्षेत्रों से भी डिमांड आ रही है। करीब 100 महिलाओं के इस ग्रुप ने गारमेंट्स, हैंडीक्रॉफ्ट समेत कई तरह के सामान बनाकर आत्मनिर्भर बन गई हैं।

रुड़की में करीब दो साल पहले समाजसेवी रक्षा वालिया ने महिलाओं को घर बुलाकर एक मुहिम शुरू की थी। पहले छोटी बैठकें आयोजित कर समूह के रूप में कोई काम शुरू करने पर विचार विमर्श हुआ। इसके बाद नारी उज्ज्वल जीवन ट्रस्ट का गठन किया गया। नगर निगम में अपराजिता नारी शक्ति नामक समूह को रजिस्टर्ड कराया। इन दोनों संगठनों से अब 100 से अधिक महिलाएं जुड़ गई हैं।

इन्हें वह घर पर ही सिलाई, कढ़ाई और बाजार में बिकने वाले विभिन्न प्रकार के सामानों को तैयार करने का प्रशिक्षण दिला रही हैं। यहां महिलाओं को कार्डिगन, स्वेटर, हैंडीक्राफ्ट के आइटम और अचार, पापड़, मुरब्बा समेत, सांभर मसाला, रसम मसाला, रेडिमेड इडली और डोसे आदि बनाते देखा जा सकता है। ट्रस्ट की अध्यक्ष रक्षा वालिया बताती हैं कि उनके बनाए आचार बेहद स्वादिष्ट हैं।

सऊदी अरब के कुछ लोग ग्रुप की महिलाओं से मिले तो उन्हें अचार का स्वाद बेहद अच्छा लगा। पिछले दो से तीन महीनों में 20 किलो से अधिक अचार सऊदी अरब जा चुका है। हाल ही में मुजफ्फरनगर में भी करीब दस किलो नींबू का आचार सप्लाई किया गया है। धीरे-धीरे समूह के बनाए अचार समेत अन्य सामान की डिमांड भी बढ़ती जा रही है। 


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आंध्र प्रदेश से मंगाया गोंगुरा का अचार 



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