February 28, 2021

एक्सक्लूसिव: उत्तराखंड से होगी देश में पशुपालकों के लिए शुरू हो रही ई वाउचर योजना की शुरुआत


अंकित कुमार गर्ग, अमर उजाला, रुड़की
Updated Sun, 03 Jan 2021 11:37 AM IST

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केंद्र सरकार की ओर से पशुपालकों के लिए लाई जा रही ई वाउचर योजना की शुरुआत उत्तराखंड से होगी। पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर देहरादून और हरिद्वार जिले को चुना गया है। बताया जा रहा है कि कृत्रिम गर्भाधान के क्षेत्र में उत्तराखंड में हुए बेहतर कार्य के चलते ही राज्य का चयन हुआ है। इस योजना से पशुपालकों को कई सरकारी योजनाओं का लाभ मिलेगा। पांच जनवरी को नेशनल डेयरी डेवलपमेंट बोर्ड और केंद्र सरकार का एक प्रतिनिधिमंडल तीन दिवसीय दौरे पर उत्तराखंड आ रहा है।

केंद्रीय पशुपालन विभाग की ओर से देश के पशुपालकों के लिए ई वाउचर योजना लागू होने वाली है। इसके तहत पशुपालकों को ई वाउचर दिए जाएंगे। इसमें केंद्र सरकार की ओर एक निश्चित धनराशि डाली जाएगी। पशुपालक पशुओं का इलाज, टीकाकरण, कृत्रिम गर्भाधान में लगने वाला खर्च इसी ई वाउचर के माध्यम से करेंगे।

ई वाउचर से पशुपालकों के लिए कई कल्याणकारी योजनाएं भी जोड़ी जाएंगी। उत्तराखंड पशुपाल विभाग के निदेशक डॉ. केके जोशी ने बताया कि देश में इस योजना की शुरुआत के लिए उत्तराखंड का चयन किया गया है।

केंद्र की टीम पांच जनवरी से तीन दिवसीय दौरा करेगी और दोनों जिले के किसानों से बातचीत कर फीडबैक भी लेगी। इसके बाद अधिकारियों के साथ बैठक कर सुझाव लिए जाएंगे।

खास बात यह है कि ई वाउचर केवल उन्हीं पशुपालकों को मिलेगा, जिन्होंने अपने पशुओं के कान में लेजर प्रिंटेड पॉली यूरेफेन ईयर टैग लगा रखा है। पशुपालन विभाग ने हाल ही में हरिद्वार जिले में करीब ढाई लाख पशुओं को ईयर टैग लगाया है। इस ईयर टैग में 12 अंकों का बार कोड है। इसे स्कैन करते ही पशु और उसके मालिक से संबंधित सभी जानकारी मिलती है।

पारदर्शी होगी व्यवस्था, अनियमितता रुकेगी
जिला पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. योगेश भारद्वाज ने बताया कि ई वाउचर मिलने के बाद पशु से संबंधित खर्च की अदायगी ऑनलाइन होगी। इससे पूरा सिस्टम न केवल पारदर्शी होगा बल्कि किसी भी प्रकार की अनियमितता पर विराम लगेगा। इससे ऑनलाइन कामकाज को प्रोत्साहन मिलेगा। साथ ही पशुओं से संबंधित व्यवस्थित डाटा विभाग के पास होगा। 

सार

  • पशुओं के इलाज, कृत्रिम गर्भाधान और टीकाकरण के लिए ई वाउचर में सरकार डालेगी रकम
  • पायलट प्रोजेक्ट के तहत हरिद्वार व देहरादून जिले का चयन, पांच जनवरी से सर्वे करेगी टीम

विस्तार

केंद्र सरकार की ओर से पशुपालकों के लिए लाई जा रही ई वाउचर योजना की शुरुआत उत्तराखंड से होगी। पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर देहरादून और हरिद्वार जिले को चुना गया है। बताया जा रहा है कि कृत्रिम गर्भाधान के क्षेत्र में उत्तराखंड में हुए बेहतर कार्य के चलते ही राज्य का चयन हुआ है। इस योजना से पशुपालकों को कई सरकारी योजनाओं का लाभ मिलेगा। पांच जनवरी को नेशनल डेयरी डेवलपमेंट बोर्ड और केंद्र सरकार का एक प्रतिनिधिमंडल तीन दिवसीय दौरे पर उत्तराखंड आ रहा है।

केंद्रीय पशुपालन विभाग की ओर से देश के पशुपालकों के लिए ई वाउचर योजना लागू होने वाली है। इसके तहत पशुपालकों को ई वाउचर दिए जाएंगे। इसमें केंद्र सरकार की ओर एक निश्चित धनराशि डाली जाएगी। पशुपालक पशुओं का इलाज, टीकाकरण, कृत्रिम गर्भाधान में लगने वाला खर्च इसी ई वाउचर के माध्यम से करेंगे।

ई वाउचर से पशुपालकों के लिए कई कल्याणकारी योजनाएं भी जोड़ी जाएंगी। उत्तराखंड पशुपाल विभाग के निदेशक डॉ. केके जोशी ने बताया कि देश में इस योजना की शुरुआत के लिए उत्तराखंड का चयन किया गया है।

केंद्र की टीम पांच जनवरी से तीन दिवसीय दौरा करेगी और दोनों जिले के किसानों से बातचीत कर फीडबैक भी लेगी। इसके बाद अधिकारियों के साथ बैठक कर सुझाव लिए जाएंगे।


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ईयर टैग लगे पशुओं के मालिकों को ही लाभ 



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