February 26, 2021

उत्तराखंड: हाईकोर्ट ने अल्मोड़ा के सिविल जज अभिषेक कुमार को किया निलंबित, पढ़ें पूर मामला


नैनीताल हाईकोर्ट
– फोटो : फाइल फोटो

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नैनीताल हाईकोर्ट ने अल्मोड़ा के सिविल जज (सीनियर डिवीजन)/ न्यायिक मजिस्ट्रेट अभिषेक कुमार श्रीवास्तव को सरकारी सेवा नियमावली का उल्लंघन करने पर तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। इस अवधि में वह जिला जज देहरादून के कार्यालय से संबद्ध रहेंगे। निलंबन की अवधि तक उन्हें आधा वेतन दिया जाएगा। हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल धनंजय चतुर्वेदी की ओर से इस आश्य का आदेश जारी किया गया है। 

न्यायिक मजिस्ट्रेट के खिलाफ शिकायत मिली थी कि वह खुद व उनके परिवार के लोग चंद्रमोहन सेठी नामक व्यक्ति के निजी वाहन का उपयोग दिल्ली, नोएडा और गाजियाबाद जाने के लिए करते थे। सेठी के खिलाफ अल्मोड़ा कोर्ट में आपराधिक मामला विचाराधीन है, जो कि सिविल जज अभिषेक कुमार की कोर्ट में ही लंबित है।

सिविल जज के आरोपी के निजी वाहन से परिजनों के साथ अपनी रिश्तेदारी में दिल्ली, नोएडा व गाजियाबाद जाना संदेह के दायरे में है, जो कि एक जज की सेवा नियमावली का उल्लंघन है। हाईकोर्ट ने इन तथ्यों के आधार पर सिविल जज को निलंबित कर दिया।

देहरादून जिला जज प्रशांत जोशी को भी  किया था लंबित
बता दें कि इससे पहले हाईकोर्ट देहरादून के जिला जज प्रशांत जोशी को भी निलंबित कर चुका है। निलंबन की अवधि में उन्हें रुद्रप्रयाग जिला कोर्ट से संबद्ध किया गया है।  उन पर आरोप था कि बतौर जिला जज देहरादून उन्होंने 21 और 22 दिसंबर को मसूरी में आयोजित कैंप कोर्ट में जाने के लिए अपने सरकारी वाहन के बजाय प्राइवेट ऑडी कार का उपयोग किया। इसमें जिला जज का बोर्ड लगाया गया था। यह कार मसूरी स्थित हाईकोर्ट के गेस्ट हाउस के बाहर खड़ी की गई थी।

यह ऑडी कार जिस केवल कृष्ण के नाम से पंजीकृत थी, उसके खिलाफ देहरादून के राजपुर थाने में धोखाधड़ी सहित अन्य आपराधिक धाराओं में मुकदमे दर्ज हैं। इस प्राथमिकी को रद्द करने के संबंध में हाईकोर्ट के समक्ष याचिका भी लंबित है। हाईकोर्ट ने प्रशांत जोशी के इस कृत्य को सेवा नियमावली का उल्लंघन मानते हुए उन्हें निलंबित कर दिया था।

नैनीताल हाईकोर्ट ने अल्मोड़ा के सिविल जज (सीनियर डिवीजन)/ न्यायिक मजिस्ट्रेट अभिषेक कुमार श्रीवास्तव को सरकारी सेवा नियमावली का उल्लंघन करने पर तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। इस अवधि में वह जिला जज देहरादून के कार्यालय से संबद्ध रहेंगे। निलंबन की अवधि तक उन्हें आधा वेतन दिया जाएगा। हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल धनंजय चतुर्वेदी की ओर से इस आश्य का आदेश जारी किया गया है। 

न्यायिक मजिस्ट्रेट के खिलाफ शिकायत मिली थी कि वह खुद व उनके परिवार के लोग चंद्रमोहन सेठी नामक व्यक्ति के निजी वाहन का उपयोग दिल्ली, नोएडा और गाजियाबाद जाने के लिए करते थे। सेठी के खिलाफ अल्मोड़ा कोर्ट में आपराधिक मामला विचाराधीन है, जो कि सिविल जज अभिषेक कुमार की कोर्ट में ही लंबित है।

सिविल जज के आरोपी के निजी वाहन से परिजनों के साथ अपनी रिश्तेदारी में दिल्ली, नोएडा व गाजियाबाद जाना संदेह के दायरे में है, जो कि एक जज की सेवा नियमावली का उल्लंघन है। हाईकोर्ट ने इन तथ्यों के आधार पर सिविल जज को निलंबित कर दिया।

देहरादून जिला जज प्रशांत जोशी को भी  किया था लंबित

बता दें कि इससे पहले हाईकोर्ट देहरादून के जिला जज प्रशांत जोशी को भी निलंबित कर चुका है। निलंबन की अवधि में उन्हें रुद्रप्रयाग जिला कोर्ट से संबद्ध किया गया है।  उन पर आरोप था कि बतौर जिला जज देहरादून उन्होंने 21 और 22 दिसंबर को मसूरी में आयोजित कैंप कोर्ट में जाने के लिए अपने सरकारी वाहन के बजाय प्राइवेट ऑडी कार का उपयोग किया। इसमें जिला जज का बोर्ड लगाया गया था। यह कार मसूरी स्थित हाईकोर्ट के गेस्ट हाउस के बाहर खड़ी की गई थी।

यह ऑडी कार जिस केवल कृष्ण के नाम से पंजीकृत थी, उसके खिलाफ देहरादून के राजपुर थाने में धोखाधड़ी सहित अन्य आपराधिक धाराओं में मुकदमे दर्ज हैं। इस प्राथमिकी को रद्द करने के संबंध में हाईकोर्ट के समक्ष याचिका भी लंबित है। हाईकोर्ट ने प्रशांत जोशी के इस कृत्य को सेवा नियमावली का उल्लंघन मानते हुए उन्हें निलंबित कर दिया था।



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