February 27, 2021

उत्तराखंड: सीएम ने युवाओं से किया संवाद, कहा- जल्द अस्तित्व में आएगा राज्य युवा आयोग


न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
Updated Tue, 12 Jan 2021 09:49 PM IST

सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत
– फोटो : अमर उजाला

पढ़ें अमर उजाला ई-पेपर
कहीं भी, कभी भी।

*Yearly subscription for just ₹299 Limited Period Offer. HURRY UP!

ख़बर सुनें

मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा कि जल्द ही राज्य में युवा आयोग अस्तित्व में आ जाएगा। आयोग के गठन के लिए बजट की व्यवस्था कर दी गई है। मुख्यमंत्री स्वामी विवेकानंद की जयंती पर प्रदेश के युवाओं से वर्चुअल संवाद कर रहे थे। राज्य में विवेकानंद की जयंती युवा चेतना दिवस के रूप में मनाई गई। 

संवाद के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वामी विवेकानंद ने एक ध्येय वाक्य दिया ‘उठो जागो और तब तक मत रूको जब तक लक्ष्य प्राप्त न हो’। उन्होंने कहा कि विवेकानंद का जीवन दर्शन युवाओं के लिए हमेशा प्रेरणा स्रोत रहेगा। संवाद में युवाओं ने अपने अनुभव साझा किए। सरकार की योजनाओं से युवा कैसे फायदा ले सकते हैं? प्रदेश को और तेजी से प्रगति पथ पर ले जाने के लिए क्या प्रयास होने चाहिए।

सरकार की योजनाओं के बारे में दूरस्थ क्षेत्रों तक लोगों को जानकारी हो, इन तमाम मसलों पर युवाओं ने अपने सुझाव दिए। उन्होंने कहा कि युवाओं को रोजगार तक ही सीमित न रहकर अपने साथ अन्य लोगों को रोजगार से जोड़ना होगा। स्वरोजगार के लिए राज्य में पर्याप्त संभावनाएं भी हैं। उत्पादों का वैल्यू एडिशन एवं प्राकृतिक संसाधनों का बेहतर इस्तेमाल कैसे हो, इस दिशा में और प्रयासों की जरूरत है। 

शिक्षा मंत्री अरविंद पांडेय ने कहा कि उत्तराखंड की खेल नीति जल्द प्रकाशित होने वाली है। जिससे युवाओं को खेलों के क्षेत्र में अपना भविष्य बनाने के और बेहतर मौके मिलेंगे। उच्च शिक्षा राज्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने कहा कि गरीब मेधावी बच्चों को मुख्यमंत्री रिसर्च फैलो पुरस्कार दिया जाएगा। ढाई लाख रुपये तक की सालाना आय वाले गरीब बच्चों के लिए आईएएस एवं पीसीएस की कोचिंग के लिए एक करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई है। इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी, सचिव  राधिका झा, वर्चुअल माध्यम से कुमाऊं कमिश्नर अरविंद सिंह ह्यांकी, सभी जिलाधिकारी एवं युवा उपस्थित थे।

सरकार की नीति का हिस्सा बनेंगे युवाओं के सुझाव
मुख्यमंत्री ने सभी जिलाधिकारियों को संवाद के दौरान युवाओं से मिले सुझावों को संग्रह करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि युवाओं के अहम विचार सरकार के लिए नीतिगत निर्णय लेने में सहयोगी हो सकते हैं।

सार

  • मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने स्वामी विवेकानंद की जयंती पर युवाओं से किया संवाद

विस्तार

मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा कि जल्द ही राज्य में युवा आयोग अस्तित्व में आ जाएगा। आयोग के गठन के लिए बजट की व्यवस्था कर दी गई है। मुख्यमंत्री स्वामी विवेकानंद की जयंती पर प्रदेश के युवाओं से वर्चुअल संवाद कर रहे थे। राज्य में विवेकानंद की जयंती युवा चेतना दिवस के रूप में मनाई गई। 

संवाद के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वामी विवेकानंद ने एक ध्येय वाक्य दिया ‘उठो जागो और तब तक मत रूको जब तक लक्ष्य प्राप्त न हो’। उन्होंने कहा कि विवेकानंद का जीवन दर्शन युवाओं के लिए हमेशा प्रेरणा स्रोत रहेगा। संवाद में युवाओं ने अपने अनुभव साझा किए। सरकार की योजनाओं से युवा कैसे फायदा ले सकते हैं? प्रदेश को और तेजी से प्रगति पथ पर ले जाने के लिए क्या प्रयास होने चाहिए।

सरकार की योजनाओं के बारे में दूरस्थ क्षेत्रों तक लोगों को जानकारी हो, इन तमाम मसलों पर युवाओं ने अपने सुझाव दिए। उन्होंने कहा कि युवाओं को रोजगार तक ही सीमित न रहकर अपने साथ अन्य लोगों को रोजगार से जोड़ना होगा। स्वरोजगार के लिए राज्य में पर्याप्त संभावनाएं भी हैं। उत्पादों का वैल्यू एडिशन एवं प्राकृतिक संसाधनों का बेहतर इस्तेमाल कैसे हो, इस दिशा में और प्रयासों की जरूरत है। 

शिक्षा मंत्री अरविंद पांडेय ने कहा कि उत्तराखंड की खेल नीति जल्द प्रकाशित होने वाली है। जिससे युवाओं को खेलों के क्षेत्र में अपना भविष्य बनाने के और बेहतर मौके मिलेंगे। उच्च शिक्षा राज्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने कहा कि गरीब मेधावी बच्चों को मुख्यमंत्री रिसर्च फैलो पुरस्कार दिया जाएगा। ढाई लाख रुपये तक की सालाना आय वाले गरीब बच्चों के लिए आईएएस एवं पीसीएस की कोचिंग के लिए एक करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई है। इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी, सचिव  राधिका झा, वर्चुअल माध्यम से कुमाऊं कमिश्नर अरविंद सिंह ह्यांकी, सभी जिलाधिकारी एवं युवा उपस्थित थे।

सरकार की नीति का हिस्सा बनेंगे युवाओं के सुझाव

मुख्यमंत्री ने सभी जिलाधिकारियों को संवाद के दौरान युवाओं से मिले सुझावों को संग्रह करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि युवाओं के अहम विचार सरकार के लिए नीतिगत निर्णय लेने में सहयोगी हो सकते हैं।



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *