February 28, 2021

उत्तराखंड: छुट्टी पर घर आए फौजी की मौत, पत्नी पर जहर देने का आरोप


प्रतीकात्मक तस्वीर
– फोटो : अमर उजाला

पढ़ें अमर उजाला ई-पेपर
कहीं भी, कभी भी।

*Yearly subscription for just ₹299 Limited Period Offer. HURRY UP!

ख़बर सुनें

उत्तराखंड के ऊधमसिंह नगर में छुट्टी पर घर आए फौजी की संदिग्ध हालात में मौत हो गई। परिजनों ने पत्नी पर जवान को जहर देने का आरोप लगाया है। परिजनों और ग्रामीणों ने फौजी की पत्नी और उसकी मां के खिलाफ हत्या का केस दर्ज कराने के लिए चकरपुर पुलिस चौकी में सोमवार देर रात जमकर हंगामा भी किया। इसके बाद पुलिस ने फौजी की पत्नी और सास के खिलाफ हत्या सहित विभिन्न धाराओं में केस दर्ज कर लिया है। इधर, मंगलवार को बनबसा स्थित शारदा घाट पर सैनिक सम्मान के साथ जवान का अंतिम संस्कार कर दिया गया।

चकरपुर निवासी जय बहादुर चंद ने पुलिस को दी तहरीर में कहा कि उनके पुत्र राजेंद्र चंद (30) का विवाह 20 अप्रैल 2019 को देवरी निवासी महिला से हुआ था। उनका बेटा वर्ष 2011 में सेना में भर्ती हुआ था जो वर्तमान में 20 कुमाऊं रेजिमेंट में देहरादून में बतौर सिपाही तैनात था। 

पिता का आरोप है कि शादी के कुछ दिनों बाद से ही बहू उनके बेटे को प्रताड़ित करने लगी। बहू अलग घर बनवाने की मांग भी करती थी लेकिन उनका बेटा इसके लिए राजी नहीं था। इस पर बहू बेटे का मानसिक उत्पीड़न करने लगी। मजबूर होकर उनका बेटा उन्हें और पत्नी को लेकर अपने दूसरे मकान में रहने लगा, जहां उनका किचन अलग था। बहू को इससे भी संतुष्टि नहीं हुई और उसने साफ कह दिया कि उसे सास-ससुर के साथ नहीं रहना है। बहू अपने मायके वालों के पास घर बनवाने की जिद करती थी। बहादुर चंद का आरोप है कि बहू की मां भी उसे भड़काती थी। 

बताया कि 20 फरवरी को उन्हें राजेंद्र के उल्टी करने की आवाज सुनाई दी। जब वह और उनका दूसरा बेटा विक्रम उसके घर पहुंचे तो वहां राजेंद्र तड़प रहा था। जब उसने अपने बेटे से उल्टी का कारण पूछा तो उसने बताया कि मनीषा ने उसे जूस में जहर मिलाकर पिला दिया है। इसके बाद वे लोग राजेंद्र को खटीमा के एक निजी अस्पताल लाए जहां से उसे हायर सेंटर रेफर कर दिया गया। 

इसके बाद परिजन उसे बरेली के एक निजी अस्पताल में ले गए। 22 फरवरी को इलाज के दौरान राजेंद्र की मौत हो गई। उसी रात परिजन शव लेकर घर पहुंचे। शव देखकर परिजनों और ग्रामीणों में आक्रोश फैल गया। 

आक्रोशित परिजनों और ग्रामीणों ने सोमवार देर रात पुलिस चौकी चकरपुर पहुंचकर राजेंद्र की पत्नी और सास के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कराने के लिए जमकर हंगामा किया। सूचना पर पहुंचे कोतवाल नरेश चौहान एवं विधायक पुष्कर सिंह धामी ने परिजनों एवं ग्रामीणों को बमुश्किल शांत कराया। कोतवाल ने बताया कि जय बहादुर चंद की तहरीर पर फौजी की पत्नी मनीषा चंद और सास पुष्पा देवी निवासी देवरी के खिलाफ धारा 328, 302 एवं 109 आईपीसी के तहत केस दर्ज कर लिया गया है। सीओ मनोज कुमार ठाकुर ने बताया कि मामले में जांच एसएसआई लक्ष्मण सिंह को सौंपी गई है। 

इधर, मंगलवार को बनबसा छावनी स्थित 8 जैकलाई रेजिमेंट के सूबेदार बलकार सिंह के नेतृत्व में टीम राजेंद्र चंद के आवास पर पहुंची। बनबसा स्थित शारदा घाट पर सैनिक सम्मान के साथ राजेंद्र का अंतिम संस्कार किया गया। जवान की अंतिम यात्रा में सैकड़ों लोग मौजूद रहे।

बॉक्सर था राजेंद्र
राजेंद्र चंद जनवरी में छुट्टी पर घर आया था। परिजनों ने बताया कि राजेंद्र बॉक्सर था। उसकी गिनती रेजिमेंट में उत्कृष्ट जवानों में होती थी। उसे 4 कुमाऊं रेजिमेंट के साथ छह माह के लिए कांगो भेजा गया था। लॉकडाउन के चलते वह वहां लगभग एक साल रहा। जनवरी में 50 दिन की छुट्टी लेकर घर आया था। वर्तमान में उसकी यूनिट देहरादून में है।

उत्तराखंड के ऊधमसिंह नगर में छुट्टी पर घर आए फौजी की संदिग्ध हालात में मौत हो गई। परिजनों ने पत्नी पर जवान को जहर देने का आरोप लगाया है। परिजनों और ग्रामीणों ने फौजी की पत्नी और उसकी मां के खिलाफ हत्या का केस दर्ज कराने के लिए चकरपुर पुलिस चौकी में सोमवार देर रात जमकर हंगामा भी किया। इसके बाद पुलिस ने फौजी की पत्नी और सास के खिलाफ हत्या सहित विभिन्न धाराओं में केस दर्ज कर लिया है। इधर, मंगलवार को बनबसा स्थित शारदा घाट पर सैनिक सम्मान के साथ जवान का अंतिम संस्कार कर दिया गया।

चकरपुर निवासी जय बहादुर चंद ने पुलिस को दी तहरीर में कहा कि उनके पुत्र राजेंद्र चंद (30) का विवाह 20 अप्रैल 2019 को देवरी निवासी महिला से हुआ था। उनका बेटा वर्ष 2011 में सेना में भर्ती हुआ था जो वर्तमान में 20 कुमाऊं रेजिमेंट में देहरादून में बतौर सिपाही तैनात था। 

पिता का आरोप है कि शादी के कुछ दिनों बाद से ही बहू उनके बेटे को प्रताड़ित करने लगी। बहू अलग घर बनवाने की मांग भी करती थी लेकिन उनका बेटा इसके लिए राजी नहीं था। इस पर बहू बेटे का मानसिक उत्पीड़न करने लगी। मजबूर होकर उनका बेटा उन्हें और पत्नी को लेकर अपने दूसरे मकान में रहने लगा, जहां उनका किचन अलग था। बहू को इससे भी संतुष्टि नहीं हुई और उसने साफ कह दिया कि उसे सास-ससुर के साथ नहीं रहना है। बहू अपने मायके वालों के पास घर बनवाने की जिद करती थी। बहादुर चंद का आरोप है कि बहू की मां भी उसे भड़काती थी। 

बताया कि 20 फरवरी को उन्हें राजेंद्र के उल्टी करने की आवाज सुनाई दी। जब वह और उनका दूसरा बेटा विक्रम उसके घर पहुंचे तो वहां राजेंद्र तड़प रहा था। जब उसने अपने बेटे से उल्टी का कारण पूछा तो उसने बताया कि मनीषा ने उसे जूस में जहर मिलाकर पिला दिया है। इसके बाद वे लोग राजेंद्र को खटीमा के एक निजी अस्पताल लाए जहां से उसे हायर सेंटर रेफर कर दिया गया। 

इसके बाद परिजन उसे बरेली के एक निजी अस्पताल में ले गए। 22 फरवरी को इलाज के दौरान राजेंद्र की मौत हो गई। उसी रात परिजन शव लेकर घर पहुंचे। शव देखकर परिजनों और ग्रामीणों में आक्रोश फैल गया। 


आगे पढ़ें

मुकदमा दर्ज कराने पर जमकर हंगामा किया



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *