February 25, 2021

वाराणसी: आलू की बोरियों के नीचे कछुओं की तस्करी का खुलासा, पिकअप पलटी तो बोरियों के नीचे से लगे भागने  


न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
Updated Thu, 31 Dec 2020 12:45 AM IST

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पिकअप में आलू की बोरियों के नीचे कछुओं की तस्करी का खुलासा बुधवार को वाराणसी के पंडितपुर में सड़क हादसे के बाद हुआ। हालांकि पिकअप सवार लोग मौके से भाग निकले। पिकअप पर पश्चिम बंगाल का रजिस्ट्रेशन नंबर लिखा था। मौके से बरामद 1,005 कछुओं को पुलिस ने वन विभाग की टीम को सौंप दिया। उधर, इस दौरान मुफ्त का आलू लूटने के लिए ग्रामीणों की भीड़ जुट गई थी।

मोहनसराय की तरफ से रामनगर की ओर जा रही तेज रफ्तार एक पिकअप का टायर पंडितपुर में अचानक फटा तो वह डिवाइडर पर चढ़ कर पलट गई। हादसे के बाद पिकअप सवार भाग निकले। वहीं पिकअप पर लदी आलू की बोरियों के नीचे से निकल कर कछुए सड़क पर भागने लगे तो स्थानीय लोगों ने पुलिस को सूचना दी।

मौके पर आई रोहनिया थाने की पुलिस ने वन विभाग को सूचना दी। इसके साथ ही पिकअप को पुलिस ने कब्जे में लिया। रोहनिया इंस्पेक्टर परशुराम त्रिपाठी ने बताया कि पिकअप के रजिस्ट्रेशन नंबर के आधार पर वाहन मालिक और चालक का पता लगाया जा रहा है। पिकअप में 33 बोरियों में 1,005 कछुए थे। उधर, वन दरोगा संतोष कुमार ने बताया कि उच्चाधिकारियों के निर्देश के आधार पर कछुओं को गंगा में छोड़ा जाएगा।

पिकअप में आलू की बोरियों के नीचे कछुओं की तस्करी का खुलासा बुधवार को वाराणसी के पंडितपुर में सड़क हादसे के बाद हुआ। हालांकि पिकअप सवार लोग मौके से भाग निकले। पिकअप पर पश्चिम बंगाल का रजिस्ट्रेशन नंबर लिखा था। मौके से बरामद 1,005 कछुओं को पुलिस ने वन विभाग की टीम को सौंप दिया। उधर, इस दौरान मुफ्त का आलू लूटने के लिए ग्रामीणों की भीड़ जुट गई थी।

मोहनसराय की तरफ से रामनगर की ओर जा रही तेज रफ्तार एक पिकअप का टायर पंडितपुर में अचानक फटा तो वह डिवाइडर पर चढ़ कर पलट गई। हादसे के बाद पिकअप सवार भाग निकले। वहीं पिकअप पर लदी आलू की बोरियों के नीचे से निकल कर कछुए सड़क पर भागने लगे तो स्थानीय लोगों ने पुलिस को सूचना दी।

मौके पर आई रोहनिया थाने की पुलिस ने वन विभाग को सूचना दी। इसके साथ ही पिकअप को पुलिस ने कब्जे में लिया। रोहनिया इंस्पेक्टर परशुराम त्रिपाठी ने बताया कि पिकअप के रजिस्ट्रेशन नंबर के आधार पर वाहन मालिक और चालक का पता लगाया जा रहा है। पिकअप में 33 बोरियों में 1,005 कछुए थे। उधर, वन दरोगा संतोष कुमार ने बताया कि उच्चाधिकारियों के निर्देश के आधार पर कछुओं को गंगा में छोड़ा जाएगा।



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