February 26, 2021

पड़ताल: कागजों में 96 फीसदी सड़कें चकाचक, हकीकत में 1.6 किमी में 250 गड्ढे


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लोक निर्माण विभाग ने जिन सड़कों को चकाचक बताकर रिपोर्ट उपमुख्यमंत्री को भेजी है, मौके पर उनकी हालत खस्ता है। शासन को भेजी गई रिपोर्ट में पीडब्ल्यूडी ने बताया है कि चार करोड़ रुपये के बजट से 1166 किमी में से 96 फीसदी सड़कें (1117 किमी) गड्ढा मुक्त की गईं। अमर उजाला की टीम ने इस दावे की पड़ताल की तो सड़कों पर गड्ढे मिले।

जनपद में सात राज्य मार्ग, छह प्रमुख जिला मार्ग, 160 अन्य जिला मार्ग और 1347 ग्रामीण मार्ग मिलाकर कुल 1520 सड़कें हैं। जिनकी कुल लंबाई 4110 किमी है। इस साल गड्ढा मुक्ति अभियान से पहले कराए गए सर्वे में पीडब्ल्यूडी की 1166 किमी सड़कों में गड्ढे मिले थे। उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य को भेजी गई रिपोर्ट में 1117 किमी लंबाई में सड़कों को गड्ढामुक्त बताया गया है। 

सदर: गड्ढे थे 300, भरे गए सिर्फ 50
महात्मा गांधी मार्ग (एमजी रोड) को ग्वालियर हाईवे से जोड़ने वाली सड़क प्रतापपुरा चौराहे से सदर बाजार होते हुए थाना सदर मोड़ तक 1.6 किमी क्षेत्र में जर्जर है। इस टुकड़े में 300 गड्ढे थे। पैचवर्क हुआ है लेकिन सिर्फ 50 जगह, बाकी 250 गड्ढे छोड़ दिए गए।
आगरा क्लब: 800 मीटर सड़क पर 150 गड्ढे 
प्रतापपुरा आवंती बाई चौराहे से सदर बाजार चौराहे तक 800 मीटर लंबे सड़क के टुकड़े पर 150 छोटे-बड़े गड्ढे हैं। आगरा क्लब के सामने मोड़ पर सात-आठ गड्ढे एक फुट तक गहरे हैं। इसी सड़क पर छावनी, लेखा कार्यालय और एकलव्य स्टेडियम है। 20 हजार से अधिक लोग रोज इस सड़क से गड्ढों में झटके खाते हुए जाते हैं।

सेंट जॉर्ज चर्च: 40 जगह सड़क से उखड़ गया डामर
ताज रोड को ग्वालियर रोड से जोड़ने वाली सड़क सेंट जॉर्ज चर्च से लेकर थाना सदर होते हुए जनरल जीडी शर्मा बंगला के मोड़ तक जर्जर है। करीब 800 मीटर में इस सड़क पर 40 जगह डामर की परत उधड़ गई। पीडब्लयूडी के पैचवर्क के बाद बीच में मार्किंग लाइन से सड़क गड्ढों के कारण दो हिस्सों में कट गई हैं।

पुलिस लाइन: चार बार शिकायत पर भी नहीं बनाई सड़क 
कलक्ट्रेट से एमजी रोड-टू पर पुलिस लाइन की तरफ आने पर गुरुद्वारा के सामने जून में टेलीकॉम कंपनी ने भूमगित केबिल के लिए गड्ढा खोदा था। केबिल डालने के छह महीने बाद यहां सड़क दोबारा नहीं बनी। नार्थ ईदगाह निवासी मनजीत सिंह ने कहा पीडब्ल्यूडी में चार बार शिकायत कर चुके, कोई सुनवाई नहीं हुई।
सैंया रोड: 12 महीने से टूटी पड़ी 30 किमी सड़क
आगरा-इरादतनगर-सैंया रोड करीब 30 किमी तक टूटी पड़ी है। पीडब्ल्यूडी के तीनों खंडों में ये सड़क पड़ती है। तीनों खंडों ने 2019-20 में करीब 30 किमी सड़क नवीनीकरण प्रस्ताव बनाए थे लेकिन 12 महीने बाद भी काम शुरू नहीं हो सका। रोज इस सड़क से 10 हजार से अधिक लोग सफर करते हैं।

96 फीसदी का लक्ष्य हासिल किया
जनपद में सड़कों के गड्ढा मुक्त करने के लिए चार करोड़ रुपये खर्च हुए हैं। 1166 किमी में से 1117 किमी (96 फीसदी) लक्ष्य हासिल कर लिया गया। इसकी रिपोर्ट शासन को भेज दी गई है। – जीएस वर्मा, अधिशासी अभियंता, लोक निर्माण विभाग

दिखवाएंगे कहां गड्ढे नहीं भरे
1117 किमी सड़कों पर गड्ढे भरे गए हैं। आपने शिकायत की है तो टीम भेजकर दिखवाएंगे कि कहां-कहां पर गड्ढे नहीं भरे गए हैं। – योगेश पंवार, अधीक्षण अभियंता, लोक निर्माण विभाग

सार

  • 1166 किमी सड़क में गड्ढे बताए थे सर्वे में
  • 1117 किमी को रिपोर्ट में गड्ढा मुक्त बताया 
  • उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य को भेजी गई है गड्ढा मुक्ति की रिपोर्ट

विस्तार

लोक निर्माण विभाग ने जिन सड़कों को चकाचक बताकर रिपोर्ट उपमुख्यमंत्री को भेजी है, मौके पर उनकी हालत खस्ता है। शासन को भेजी गई रिपोर्ट में पीडब्ल्यूडी ने बताया है कि चार करोड़ रुपये के बजट से 1166 किमी में से 96 फीसदी सड़कें (1117 किमी) गड्ढा मुक्त की गईं। अमर उजाला की टीम ने इस दावे की पड़ताल की तो सड़कों पर गड्ढे मिले।

जनपद में सात राज्य मार्ग, छह प्रमुख जिला मार्ग, 160 अन्य जिला मार्ग और 1347 ग्रामीण मार्ग मिलाकर कुल 1520 सड़कें हैं। जिनकी कुल लंबाई 4110 किमी है। इस साल गड्ढा मुक्ति अभियान से पहले कराए गए सर्वे में पीडब्ल्यूडी की 1166 किमी सड़कों में गड्ढे मिले थे। उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य को भेजी गई रिपोर्ट में 1117 किमी लंबाई में सड़कों को गड्ढामुक्त बताया गया है। 

सदर: गड्ढे थे 300, भरे गए सिर्फ 50

महात्मा गांधी मार्ग (एमजी रोड) को ग्वालियर हाईवे से जोड़ने वाली सड़क प्रतापपुरा चौराहे से सदर बाजार होते हुए थाना सदर मोड़ तक 1.6 किमी क्षेत्र में जर्जर है। इस टुकड़े में 300 गड्ढे थे। पैचवर्क हुआ है लेकिन सिर्फ 50 जगह, बाकी 250 गड्ढे छोड़ दिए गए।



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