February 25, 2021

अखिलेश यादव के दौरे के बाद चुनावी मोड में सपा, वाराणसी की इन दो विस सीटों के लिए दावेदारी अधिक


न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
Updated Thu, 14 Jan 2021 12:40 AM IST

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सपा सुप्रीमो पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के सियासी दौरे के बाद पार्टी पूरी तरह से चुनावी मोड में है। विधानसभा वार प्रत्याशियों के आवेदन आने शुरू हो गए हैं। वाराणसी जिला अध्यक्ष सुजीत यादव लक्कड़ ने बताया कि आठों विधानसभाओं को मिलाकर 37 आवेदन आ चुके हैं। एक-एक विधानसभा सीट पर चार से अधिक आवेदन आए हैं, जबकि शिवपुर विधानसभा से सबसे अधिक छह आवेदन आए हैं। 

महानगर अध्यक्ष विष्णु शर्मा ने बताया कि आवेदन आने लगे हैं। पूर्व मुख्यमंत्री से मुलाकात के दौरान कई मुद्दों पर चर्चा हुई। दरअसल, पार्टी ने विधानसभा चुनाव की अग्रिम तैयारी के मद्देनजर सभी सीटों पर प्रत्याशी पहले से घोषित करने का निर्णय लिया है। इसके मद्देनजर सीटवार आवेदन मांगे गए हैं। इसमें पुराने प्रत्याशियों के साथ ही पूर्व पदाधिकारियों में भी होड़ है।

फिलहाल, शिवपुर और शहर उतरी सपा कार्यकर्ताओं व नेताओं की पसंदीदा सीट बनी हुई है। इस पर दावेदारी को लेकर अधिक जोर है। सर्वाधिक उत्साह फ्रंटल संगठनों के नेताओं में है। कारण है कि एमएलसी चुनाव में पार्टी ने फ्रंटल संगठन पर विश्वास जताया और उसका परिणाम भी आया। 

सपा सुप्रीमो पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के सियासी दौरे के बाद पार्टी पूरी तरह से चुनावी मोड में है। विधानसभा वार प्रत्याशियों के आवेदन आने शुरू हो गए हैं। वाराणसी जिला अध्यक्ष सुजीत यादव लक्कड़ ने बताया कि आठों विधानसभाओं को मिलाकर 37 आवेदन आ चुके हैं। एक-एक विधानसभा सीट पर चार से अधिक आवेदन आए हैं, जबकि शिवपुर विधानसभा से सबसे अधिक छह आवेदन आए हैं। 

महानगर अध्यक्ष विष्णु शर्मा ने बताया कि आवेदन आने लगे हैं। पूर्व मुख्यमंत्री से मुलाकात के दौरान कई मुद्दों पर चर्चा हुई। दरअसल, पार्टी ने विधानसभा चुनाव की अग्रिम तैयारी के मद्देनजर सभी सीटों पर प्रत्याशी पहले से घोषित करने का निर्णय लिया है। इसके मद्देनजर सीटवार आवेदन मांगे गए हैं। इसमें पुराने प्रत्याशियों के साथ ही पूर्व पदाधिकारियों में भी होड़ है।

फिलहाल, शिवपुर और शहर उतरी सपा कार्यकर्ताओं व नेताओं की पसंदीदा सीट बनी हुई है। इस पर दावेदारी को लेकर अधिक जोर है। सर्वाधिक उत्साह फ्रंटल संगठनों के नेताओं में है। कारण है कि एमएलसी चुनाव में पार्टी ने फ्रंटल संगठन पर विश्वास जताया और उसका परिणाम भी आया। 



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