March 5, 2021

मोबाइल टावरों में तोड़फोड़ के मामले में हाईकोर्ट ने पंजाब और केंद्र को जारी किया नोटिस, मांगा जवाब


पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट
– फोटो : File Photo

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पंजाब और हरियाणा में मोबाइल टावरों में तोड़फोड़ के खिलाफ रिलायंस की याचिका पर पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने पंजाब सरकार एवं केंद्र सरकार को नोटिस जारी करते हुए जवाब तलब कर लिया है। रिलायंस जियो ने अपनी याचिका में कंपनी के मोबाइल टावर और अन्य संपत्तियों को नुकसान पहुंचाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी।

इससे पहले किसान आंदोलन के दौरान पंजाब में घट रही घटनाओं को लेकर रिलायंस के अधीन आने वाली जियो इन्फोकॉम पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट पहुंची थी। कंपनी की तरफ से सोमवार को दाखिल याचिका में मांग की गई है कि शासन से इस मामले में हस्तक्षेप करवा कर गैरकानूनी घटनाओं पर रोक लगवाई जाए। 

यह भी पढ़ें – किसानों की नाराजगी मोल नहीं लेना चाहता रिलायंस, याचिका में कहा- तोड़फोड़ के लिए अन्नदाता जिम्मेदार नहीं  

याचिका में कहा गया है कि उपद्रवियों द्वारा की गई तोड़फोड़ और हिंसक कार्रवाई से कंपनी के हजारों कर्मचारियों की जिंदगी खतरे में पड़ गई है। पंजाब-हरियाणा दोनों राज्यों में सहायक कंपनियों द्वारा चलाए जा रहे महत्वपूर्ण कम्युनिकेशन इंफ्रास्ट्रक्चर, सेल्स और सर्विस आउटलेट के कामों में व्यवधान पैदा हुआ है। 

कंपनी ने कहा है कि उसके खिलाफ जो अभियान चलाया जा रहा है उसका सत्य से दूर-दूर तक कोई नाता नहीं है। जिन तीन कृषि कानूनों पर बहस चल रही है, उनसे रिलायंस का कोई लेना-देना नहीं है। इनसे कंपनी को किसी भी तरह से लाभ भी नहीं पहुंचता है। कृषि कानूनों से रिलायंस का नाम जोड़ने का एकमात्र उद्देश्य व्यवसाय को नुकसान पहुंचाना है। कंपनी न तो कॉरपोरेट या कांट्रैक्ट फार्मिंग करती है और न ही करवाती है। भविष्य में ऐसा करने की कोई योजना नहीं है। 

याची ने कहा कि इसके बावजूद उसके विरोधियों और असामाजिक तत्वों ने पंजाब भर में 1600 से अधिक मोबाइल टावरों को तबाह कर दिया है। इसके अलावा हरियाणा और पंजाब में भी सहायक कंपनियों के व्यापार में व्यवधान पैदा किया जा रहा है, जिससे कंपनी को करोड़ों का नुकसान हो रहा है। हाईकोर्ट से इस मामले में जल्द सुनवाई की अपील भी की गई है। 

पंजाब और हरियाणा में मोबाइल टावरों में तोड़फोड़ के खिलाफ रिलायंस की याचिका पर पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने पंजाब सरकार एवं केंद्र सरकार को नोटिस जारी करते हुए जवाब तलब कर लिया है। रिलायंस जियो ने अपनी याचिका में कंपनी के मोबाइल टावर और अन्य संपत्तियों को नुकसान पहुंचाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी।

इससे पहले किसान आंदोलन के दौरान पंजाब में घट रही घटनाओं को लेकर रिलायंस के अधीन आने वाली जियो इन्फोकॉम पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट पहुंची थी। कंपनी की तरफ से सोमवार को दाखिल याचिका में मांग की गई है कि शासन से इस मामले में हस्तक्षेप करवा कर गैरकानूनी घटनाओं पर रोक लगवाई जाए। 

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याचिका में कहा गया है कि उपद्रवियों द्वारा की गई तोड़फोड़ और हिंसक कार्रवाई से कंपनी के हजारों कर्मचारियों की जिंदगी खतरे में पड़ गई है। पंजाब-हरियाणा दोनों राज्यों में सहायक कंपनियों द्वारा चलाए जा रहे महत्वपूर्ण कम्युनिकेशन इंफ्रास्ट्रक्चर, सेल्स और सर्विस आउटलेट के कामों में व्यवधान पैदा हुआ है। 

कंपनी ने कहा है कि उसके खिलाफ जो अभियान चलाया जा रहा है उसका सत्य से दूर-दूर तक कोई नाता नहीं है। जिन तीन कृषि कानूनों पर बहस चल रही है, उनसे रिलायंस का कोई लेना-देना नहीं है। इनसे कंपनी को किसी भी तरह से लाभ भी नहीं पहुंचता है। कृषि कानूनों से रिलायंस का नाम जोड़ने का एकमात्र उद्देश्य व्यवसाय को नुकसान पहुंचाना है। कंपनी न तो कॉरपोरेट या कांट्रैक्ट फार्मिंग करती है और न ही करवाती है। भविष्य में ऐसा करने की कोई योजना नहीं है। 

याची ने कहा कि इसके बावजूद उसके विरोधियों और असामाजिक तत्वों ने पंजाब भर में 1600 से अधिक मोबाइल टावरों को तबाह कर दिया है। इसके अलावा हरियाणा और पंजाब में भी सहायक कंपनियों के व्यापार में व्यवधान पैदा किया जा रहा है, जिससे कंपनी को करोड़ों का नुकसान हो रहा है। हाईकोर्ट से इस मामले में जल्द सुनवाई की अपील भी की गई है। 



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