March 7, 2021

पीजीआई की स्टडी में खुलासा, मोटे हैं तो सावधान रहिए, कोरोना संक्रमण हुआ तो जान पर बन आएगी


पीजीआई चंडीगढ़।
– फोटो : फाइल फोटो

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कोरोना महामारी के इस दौर में मोटापे के शिकार लोगों पर जान का खतरा ज्यादा मंडरा रहा है। चंडीगढ़ पीजीआई के विशेषज्ञों ने विश्व भर में कोरोना के मरीजों पर हुए शोध के अध्ययन से यह खुलासा किया है। पीजीआई में हुए इस अध्ययन से यह बात सामने आई है कि ज्यादा बीएमआई (बॉडी मास इंडेक्स) वाले कोरोना के मरीजों में जान की जोखिम और संक्रमण का खतरा कम बीएमआई वाले संक्रमित मरीजों की तुलना में बहुत ज्यादा है। 

इस अध्ययन के माध्यम से विशेषज्ञ इस नतीजे पर पहुंचे हैं कि मोटापा अन्य गंभीर बीमारियों के साथ ही कोरोना में भी बेहद खतरनाक भूमिका अदा कर रहा है। ऐसी स्थिति में लोगों को अपने वजन को लेकर बेहद सजग रहने की जरूरत है ताकि वे कोरोना की चपेट में आने के बाद भी अपने नियंत्रित बीएमआई की मदद से संक्रमण को मात देने में सफल हो सकें।

यह भी पढ़ें – चंडीगढ़ : नौ महीने से इलाज को तरस रहे कैंसर के मरीजों को मिलेगी राहत, आएगी नई रेडिएशन मशीन  

इन्होंने किया अध्ययन
पीजीआई के इंडोक्राइनोलॉजिस्ट डॉ. संजय बडाडा, बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. सविता वर्मा और डॉ. मीनू सिंह, कम्युनिटी मेडिसिन के डॉ. रविंद्र खैवाल और डॉ. विवेक सिंह मालिक ने यह अध्ययन किया है।

यह परिणाम आया सामने
इस अध्ययन में जो चौंकाने वाली बात सामने आई है, वह यह है कि कोरोना पॉजिटिव जिन मरीजों की बीएमआई 25 से ज्यादा थी, उनमें जान के जोखिम और संक्रमण का खतरा 53.640 प्रतिशत पाया गया, वहीं, 25 से कम बीएमआई वाले कोरोना के मरीजों में यह .34 प्रतिशत था। इतना ही नहीं कम बीएमआई वाले कोरोना के मरीजों में 60 प्रतिशत बचाव की गुंजाइश भी ज्यादा पाई गई। 

इसलिए जरूरी है बीएमआई जानना
बीएमआई से पता चलता है कि आपका वजन संतुलित है, कम है या फिर ज्यादा है। डॉ. रविंद्र खैवाल का कहना है कि इसके आधार पर ही अपने आहार और जीवनशैली में बदलाव कर सकते हैं। बॉडी मास इंडेक्स यानी बीएमआई किसी इंसान के वजन और ऊंचाई से प्राप्त मूल्य है। बीएमआई से यह जान सकते हैं कि लंबाई के हिसाब से वजन ठीक है, कम है या फिर ज्यादा है।

ऐसे होती है बीएमआई की जांच

बीएमआई = वजन (किलोग्राम) / (ऊंचाई X ऊंचाई (मीटर में) इस फॉर्मूले के आधार पर बीएमआई निकाला जा सकता है।
उदाहरण के लिए अगर आपका वजन 65 किलो है और लंबाई 5.2 फीट यानी 1.58496 मीटर है तो इसका बीएमआई ऐसे निकालें – 65/ 1.58496 X 1.58496. जो नतीजा होगा वही आपका बीएमआई होगा।

ये मानक हैं बेहतर
बीएमआई कैलकुलेटर में अगर बीएमआई स्तर 18.5 से 24.9 के बीच रहा है तो यह एक अच्छी स्थिति है। मतलब आपका वजन एकदम सही है। न तो आपको वजन घटाने की जरूरत है और न ही बढ़ाने की। हां, मेंटेन करने की जरूरत जरूर है। इसमें बीएमआई स्तर 25 या इससे भी ऊपर का होता है यह स्थिति मोटापा या ओवरवेट होने की ओर संकेत करती है। यह स्थिति कई रोगों को बुलावा दे सकती है। 

ज्यादा बीएमआई के ये हैं खतरे
डॉ. रविंद्र खैवाल का कहना है कि बीएमआई स्तर 25 या इससे ज्यादा आया है तो अपने वजन को कम करने की जरूरत है क्योंकि यह स्थिति टाइप 2 डायबिटीज, दिल का रोग या स्ट्रोक के खतरे को बढ़ा देती है। ऐसी स्थिति में अपने डॉक्टर से सलाह लें और बीएमआई कम करने और मोटापा घटाने के लिए प्रयास शुरू कर दें।

कोरोना महामारी के इस दौर में मोटापे के शिकार लोगों पर जान का खतरा ज्यादा मंडरा रहा है। चंडीगढ़ पीजीआई के विशेषज्ञों ने विश्व भर में कोरोना के मरीजों पर हुए शोध के अध्ययन से यह खुलासा किया है। पीजीआई में हुए इस अध्ययन से यह बात सामने आई है कि ज्यादा बीएमआई (बॉडी मास इंडेक्स) वाले कोरोना के मरीजों में जान की जोखिम और संक्रमण का खतरा कम बीएमआई वाले संक्रमित मरीजों की तुलना में बहुत ज्यादा है। 

इस अध्ययन के माध्यम से विशेषज्ञ इस नतीजे पर पहुंचे हैं कि मोटापा अन्य गंभीर बीमारियों के साथ ही कोरोना में भी बेहद खतरनाक भूमिका अदा कर रहा है। ऐसी स्थिति में लोगों को अपने वजन को लेकर बेहद सजग रहने की जरूरत है ताकि वे कोरोना की चपेट में आने के बाद भी अपने नियंत्रित बीएमआई की मदद से संक्रमण को मात देने में सफल हो सकें।

यह भी पढ़ें – चंडीगढ़ : नौ महीने से इलाज को तरस रहे कैंसर के मरीजों को मिलेगी राहत, आएगी नई रेडिएशन मशीन  

इन्होंने किया अध्ययन

पीजीआई के इंडोक्राइनोलॉजिस्ट डॉ. संजय बडाडा, बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. सविता वर्मा और डॉ. मीनू सिंह, कम्युनिटी मेडिसिन के डॉ. रविंद्र खैवाल और डॉ. विवेक सिंह मालिक ने यह अध्ययन किया है।

यह परिणाम आया सामने

इस अध्ययन में जो चौंकाने वाली बात सामने आई है, वह यह है कि कोरोना पॉजिटिव जिन मरीजों की बीएमआई 25 से ज्यादा थी, उनमें जान के जोखिम और संक्रमण का खतरा 53.640 प्रतिशत पाया गया, वहीं, 25 से कम बीएमआई वाले कोरोना के मरीजों में यह .34 प्रतिशत था। इतना ही नहीं कम बीएमआई वाले कोरोना के मरीजों में 60 प्रतिशत बचाव की गुंजाइश भी ज्यादा पाई गई। 

इसलिए जरूरी है बीएमआई जानना

बीएमआई से पता चलता है कि आपका वजन संतुलित है, कम है या फिर ज्यादा है। डॉ. रविंद्र खैवाल का कहना है कि इसके आधार पर ही अपने आहार और जीवनशैली में बदलाव कर सकते हैं। बॉडी मास इंडेक्स यानी बीएमआई किसी इंसान के वजन और ऊंचाई से प्राप्त मूल्य है। बीएमआई से यह जान सकते हैं कि लंबाई के हिसाब से वजन ठीक है, कम है या फिर ज्यादा है।



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