February 26, 2021

पंजाब ने ग्रामीण क्षेत्रों में खुले में शौच मुफ्त का लक्ष्य किया हासिल, अगले साल पाइप से घर-घर पहुंचेगा पानी


न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Tue, 29 Dec 2020 09:46 PM IST

पढ़ें अमर उजाला ई-पेपर
कहीं भी, कभी भी।

*Yearly subscription for just ₹299 Limited Period Offer. HURRY UP!

ख़बर सुनें

पंजाब सरकार के जल आपूर्ति और स्वच्छता विभाग ने साल 2020 में कोरोना के बावजूद लोगों को साफ पानी और स्वच्छता में कोई कमी नहीं आने देने का दावा किया है। हालांकि ‘हर घर सफाई, हर घर पानी’ के लक्ष्य को वर्ष 2021 तक पूरा करने का भरोसा दिलाया गया है।

सरकारी प्रवक्ता ने बताया कि साल 2021 की शुरुआत में ही विभाग को एक राष्ट्रीय स्तर के इनाम से सम्मानित किया जाएगा। 16 जनवरी को ‘सकौच ग्रुप’ अमृतसर ग्रामीण में पेयजल की समस्या को सुलझाने के लिए यह पुरस्कार प्रदान करेगा।

इसके अलावा स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के अंतर्गत केंद्रीय जल शक्ति मंत्रालय की ‘स्वच्छता दर्पण -2020’ प्रतियोगिता में मोगा और एसएएस नगर ने देशभर में पहला स्थान प्राप्त किया है। इस प्रतियोगिता का मुख्य उद्देश्य गांवों में खुले में शौच न करने की स्थिति को बनाए रखना, ठोस और तरल कूड़े के प्रबंधन के बारे में गांवों में जागरूकता लाना था।

प्रवक्ता ने बताया कि स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के अंतर्गत राज्य सरकार ने 31 मार्च, 2020 को ग्रामीण क्षेत्रों में खुले में शौच मुक्त होने का लक्ष्य हासिल कर लिया है। प्रवक्ता के अनुसार राज्य सरकार की तरफ से अगले दो साल में 1200 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत के साथ 5000 गांवों में मौजूदा जल सप्लाई योजना में विस्तार करने का प्रस्ताव दिया गया है। 

हर मकान में शौचालय निर्माण के फेज-2 की तैयारी
‘हर घर सफाई’ को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से पंजाब सरकार ने हर मकान में अलग शौचालय निर्माण के लिए अब तक कुल 5,18,328 लोगों को लाभ दिया है। इसके साथ ही एसबीएम-जी फेज -2 के अंतर्गत बाकी 62831 अन्य लाभपात्रियों को शामिल किया गया है।

गांवों को खुले में शौच मुक्त करने और स्वच्छता सुविधाओं को सौ फीसदी सुनिश्चित बनाने के लिए राज्य के ग्रामीण क्षेत्रों में 800 कम्युनिटी सैनिटरी कांप्लेक्सों का निर्माण किया जा रहा है। इसके अलावा राज्य में आंगनबाड़ी केंद्रों के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्र के स्कूलों में लड़कों और लड़कियों के लिए अलग सैनिटरी सुविधाएं मुहैया करवाने की योजना पर भी विचार जारी है।

पंजाब सरकार के जल आपूर्ति और स्वच्छता विभाग ने साल 2020 में कोरोना के बावजूद लोगों को साफ पानी और स्वच्छता में कोई कमी नहीं आने देने का दावा किया है। हालांकि ‘हर घर सफाई, हर घर पानी’ के लक्ष्य को वर्ष 2021 तक पूरा करने का भरोसा दिलाया गया है।

सरकारी प्रवक्ता ने बताया कि साल 2021 की शुरुआत में ही विभाग को एक राष्ट्रीय स्तर के इनाम से सम्मानित किया जाएगा। 16 जनवरी को ‘सकौच ग्रुप’ अमृतसर ग्रामीण में पेयजल की समस्या को सुलझाने के लिए यह पुरस्कार प्रदान करेगा।

इसके अलावा स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के अंतर्गत केंद्रीय जल शक्ति मंत्रालय की ‘स्वच्छता दर्पण -2020’ प्रतियोगिता में मोगा और एसएएस नगर ने देशभर में पहला स्थान प्राप्त किया है। इस प्रतियोगिता का मुख्य उद्देश्य गांवों में खुले में शौच न करने की स्थिति को बनाए रखना, ठोस और तरल कूड़े के प्रबंधन के बारे में गांवों में जागरूकता लाना था।

प्रवक्ता ने बताया कि स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के अंतर्गत राज्य सरकार ने 31 मार्च, 2020 को ग्रामीण क्षेत्रों में खुले में शौच मुक्त होने का लक्ष्य हासिल कर लिया है। प्रवक्ता के अनुसार राज्य सरकार की तरफ से अगले दो साल में 1200 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत के साथ 5000 गांवों में मौजूदा जल सप्लाई योजना में विस्तार करने का प्रस्ताव दिया गया है। 

हर मकान में शौचालय निर्माण के फेज-2 की तैयारी
‘हर घर सफाई’ को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से पंजाब सरकार ने हर मकान में अलग शौचालय निर्माण के लिए अब तक कुल 5,18,328 लोगों को लाभ दिया है। इसके साथ ही एसबीएम-जी फेज -2 के अंतर्गत बाकी 62831 अन्य लाभपात्रियों को शामिल किया गया है।

गांवों को खुले में शौच मुक्त करने और स्वच्छता सुविधाओं को सौ फीसदी सुनिश्चित बनाने के लिए राज्य के ग्रामीण क्षेत्रों में 800 कम्युनिटी सैनिटरी कांप्लेक्सों का निर्माण किया जा रहा है। इसके अलावा राज्य में आंगनबाड़ी केंद्रों के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्र के स्कूलों में लड़कों और लड़कियों के लिए अलग सैनिटरी सुविधाएं मुहैया करवाने की योजना पर भी विचार जारी है।



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You may have missed