February 27, 2021

जालंधर : 24 दिसंबर को साथी की हत्या की, एक जनवरी को हार्ट अटैक से आरोपी की मौत, अब खुला राज


न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जालंधर (पंजाब)
Updated Mon, 04 Jan 2021 09:03 PM IST

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डेरे का मुख्य सेवादार अपने साथी की हत्या कर कमरे में ताला लगाकर फरार हो गया। दस दिन बाद रविवार को कमरे का ताला तोड़ा गया तो शव बरामद हुआ। थाना सदर पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भेज दिया और आरोपी मुख्य सेवादार के खिलाफ हत्या का केस दर्ज कर लिया गया है।

खास बात यह है कि हत्यारोपी विशाखा सिंह को भी एक जनवरी को हार्ट अटैक आ गया, जिससे उसकी मौत हो गई। गांव निवासियों ने उसका अंतिम संस्कार कर दिया है। विशाखा को शक था कि कहीं पाल चंद पाली डेरे का मुख्य सेवादार न बन जाए, इस वजह से उसने पाली की हत्या कर दी।

डेरे की प्रबंधक कमेटी के कैशियर बलविंदर कुमार निवासी गांव समराए पत्ती ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि वह गांव डेरा बाबा राणा भाणा जठैरे कैले समराए की प्रबंधक कमेटी का कैशियर है। करीब एक साल पहले डेरे में सेवा के लिए विशाखा राम पुत्र किशान राम निवासी गांव बीर नकोदर को मुख्य सेवादार रखा था। 

वहीं पर डेरे में एक अन्य सेवादार भी कार्यरत था, जिसका नाम पाल चंद उर्फ पाली था। करीब तीन महीने पहले विशाखा राम व पाल चंद पाली का आपस में झगड़ा हो गया। 24 दिसंबर 2020 की रात करीब 10-11 बजे विशाखा राम उसकी दुकान पर आया और डेरे की चाबी उसे देकर बोला कि वह अपने रिश्तेदारों के पास जा रहा है।

विशाखा राम वापस नहीं आया तो फोन करने पर उत्तर मिला कि वह अब वापस नहीं आएगा। उन्होंने इसके बारे में प्रबंधक कमेटी को बताया और नया सेवादार रख लिया। इसके बाद उन्होंने देखा कि विशाखा राम उसे जो चाबी दे गया था, उसमें उस कमरे की चाबी नहीं थी, जिसमें विशाखा राम रहता था। 

उन्होंने उसके कमरे का ताला तोड़ा तो देखा कि बिस्तर के नीचे पाल चंद पाली की लाश पड़ी थी। उन्होंने तुरंत सदर पुलिस को इसकी सूचना दी। इस पर पुलिस ने विशाखा राम पर हत्या का केस दर्ज कर लिया है। विशाखा राम ने सब्बल से वार कर पाल चंद की हत्या कर दी और उसके मुंह में सब्बल अंदर तक घुसा दिया। 

जांच में पुलिस को विशाखा राम का मोबाइल नंबर मिल गया है, जिसके जरिये पुलिस उसकी तलाश की तो पता चला कि वह मूलरूप से गांव बीर पिंड नकोदर का रहने वाला है। उसका पूरा परिवार यूके में बसा हुआ है। एसीपी कैंट मेजर सिंह का कहना है कि हत्या करने के बाद विशाखा सिंह गांव बीर पिंड चला गया था, जहां एक जनवरी को उसको हार्ट अटैक हो गया। गांव में उसका अंतिम संस्कार भी कर दिया गया।

डेरे का मुख्य सेवादार अपने साथी की हत्या कर कमरे में ताला लगाकर फरार हो गया। दस दिन बाद रविवार को कमरे का ताला तोड़ा गया तो शव बरामद हुआ। थाना सदर पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भेज दिया और आरोपी मुख्य सेवादार के खिलाफ हत्या का केस दर्ज कर लिया गया है।

खास बात यह है कि हत्यारोपी विशाखा सिंह को भी एक जनवरी को हार्ट अटैक आ गया, जिससे उसकी मौत हो गई। गांव निवासियों ने उसका अंतिम संस्कार कर दिया है। विशाखा को शक था कि कहीं पाल चंद पाली डेरे का मुख्य सेवादार न बन जाए, इस वजह से उसने पाली की हत्या कर दी।

डेरे की प्रबंधक कमेटी के कैशियर बलविंदर कुमार निवासी गांव समराए पत्ती ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि वह गांव डेरा बाबा राणा भाणा जठैरे कैले समराए की प्रबंधक कमेटी का कैशियर है। करीब एक साल पहले डेरे में सेवा के लिए विशाखा राम पुत्र किशान राम निवासी गांव बीर नकोदर को मुख्य सेवादार रखा था। 

वहीं पर डेरे में एक अन्य सेवादार भी कार्यरत था, जिसका नाम पाल चंद उर्फ पाली था। करीब तीन महीने पहले विशाखा राम व पाल चंद पाली का आपस में झगड़ा हो गया। 24 दिसंबर 2020 की रात करीब 10-11 बजे विशाखा राम उसकी दुकान पर आया और डेरे की चाबी उसे देकर बोला कि वह अपने रिश्तेदारों के पास जा रहा है।

विशाखा राम वापस नहीं आया तो फोन करने पर उत्तर मिला कि वह अब वापस नहीं आएगा। उन्होंने इसके बारे में प्रबंधक कमेटी को बताया और नया सेवादार रख लिया। इसके बाद उन्होंने देखा कि विशाखा राम उसे जो चाबी दे गया था, उसमें उस कमरे की चाबी नहीं थी, जिसमें विशाखा राम रहता था। 

उन्होंने उसके कमरे का ताला तोड़ा तो देखा कि बिस्तर के नीचे पाल चंद पाली की लाश पड़ी थी। उन्होंने तुरंत सदर पुलिस को इसकी सूचना दी। इस पर पुलिस ने विशाखा राम पर हत्या का केस दर्ज कर लिया है। विशाखा राम ने सब्बल से वार कर पाल चंद की हत्या कर दी और उसके मुंह में सब्बल अंदर तक घुसा दिया। 

जांच में पुलिस को विशाखा राम का मोबाइल नंबर मिल गया है, जिसके जरिये पुलिस उसकी तलाश की तो पता चला कि वह मूलरूप से गांव बीर पिंड नकोदर का रहने वाला है। उसका पूरा परिवार यूके में बसा हुआ है। एसीपी कैंट मेजर सिंह का कहना है कि हत्या करने के बाद विशाखा सिंह गांव बीर पिंड चला गया था, जहां एक जनवरी को उसको हार्ट अटैक हो गया। गांव में उसका अंतिम संस्कार भी कर दिया गया।



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