March 1, 2021

औरंगाबाद का नाम संभाजी नगर रखने पर अड़ी शिवसेना, भाजपा ने भी किया समर्थन


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महाराष्ट्र की महाविकास अघाड़ी सरकार में शिवसेना से कांग्रेस की अनबन नही खत्म हो रही है। यूपीए अध्यक्ष पद को लेकर कांग्रेस पर हमला बोलने के बाद अब शिवसेना ने महाराष्ट्र के औरंगाबाद जिले के नामकरण को लेकर कांग्रेस पर निशाना साधा है। शिवसेना ने औरंगाबाद जिले का नाम संभाजी नगर रखने का विरोध करने के लिए कांग्रेस को दो टूक जवाब दिया है औरंगजेब कोई धर्मनिरपेक्ष नही था।

शिवसेना लंबे समय से औरंगाबाद का नाम बदलने की मांग करती रही है। अब चूंकि औरंगाबाद महानगरपालिका का चुनाव होना है। इसलिए शिवसेना ने एक बार फिर नामकरण के मुद्दे को हवा दी है। महाराष्ट्र कांग्रेस अध्यक्ष व राजस्व मंत्री बाला साहेब थोरात के नामकरण का विरोध करने के बाद शिवसेना ने पार्टी के मुखपत्र की संपादकीय के माध्यम से कांग्रेस को निशाना बनाया है।

मुखपत्र में लिखा है कि औरंगाबाद के नामकरण का कांग्रेस की ओर से विरोध जताने के बाद भाजपा हिंदुत्व के मुद्दे को धार देने में जुट गई है। दरअसल, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष चंद्रकांत पाटिल ने भी औरंगाबाद के नामकरण का समर्थन कर शिवसेना को असहज कर दिया है।

पाटिल ने यह भी कहा है कि औरंगाबाद के नामकरण के बारे में शिवसेना जल्द अपनी भूमिका स्पष्ट करे। इसलिए शिवसेना भाजपा पर भी भड़क उठी है। वहीं, राज ठाकरे की पार्टी मनसे भी नामकरण की इस राजनीति में कूद पड़ी है। मनसे नेता संदीप देशपांडे ने कहा है कि यदि 26 जनवरी से पहले औरंगाबाद का नाम संभाजी नगर नही हुआ तो मनसे तीव्र आंदोलन छेड़ेंगे।

बाल ठाकरे ने 30 साल पहले किया था नामकरण

शिवसेना के मुखपत्र में संभाजी नगर शीर्षक के तहत शनिवार को प्रकाशित संपादकीय में लिखा है कि दिवंगत शिवसेना प्रमुख बाल ठाकरे ने 30 साल पहले औरंगाबाद का नाम संभाजीनगर रख दिया है। तब से लेकर शिवसेना की भूमिका में कोई बदलाव नही आया है। नामकरण का लोकनिर्णय हो चुका है। अब केवल सरकारी कागजात की दुरुस्ती शेष रह गई है। इसे जल्द दुरुस्त किया जाएगा। शिवसेना ने कहा है कि औरंगजेब के नाम पर महाराष्ट्र की भूमि पर एक भी शहर होना छत्रपति शिवाजी महाराज का अपमान है। औरंगजेब महाराष्ट्र के धर्म या स्वाभिमान का प्रतीक नही है।

शिवसेना ने अड़ियल रवैया अपनाया तो खतरे में पड़ जाएगी ठाकरे सरकार : निरुपम 
औरंगाबाद शहर का नाम बदलने को लेकर शुरू हुई बयानबाजी अब धमकी में बदल गई है। कांग्रेस नेता व पूर्व सांसद संजय निरुपम ने शनिवार को कहा कि महाराष्ट्र की तीन दलों की सरकार न्यूनतम साझा कार्यक्रम पर चल रही है। यदि शिवसेना ने औरंगाबाद के नामांतरण को लेकर अपना एजेंडा चलाएगी तो यह सरकार खतरे में पड़ जाएगी।

निरुपम ने कहा कि यह ऐतिहासिक सच्चाई है कि 1669 में औरंगजेब ने ही काशी में बाबा विश्वनाथ का मंदिर और 1670 में मथुरा में कृष्ण भगवान का मंदिर तुड़वाया था। कांग्रेस इस तरह के कृत्य का कभी समर्थन नहीं करती। उन्होंने कहा कि संभाजी महाराज हमारे लिए भी आराध्य हैं। उनकी वीरता का कांग्रेस पार्टी भी सम्मान करती है पर हम शहरों का नाम बदलने की बजाय उसके विकास में विश्वास रखते हैं।

दोगली राजनीति कर रही शिवसेना : राम कदम
भाजपा के प्रवक्ता व विधायक राम कदम ने कहा कि औरंगाबाद के नामांतरण के मुद्दे पर शिवसेना दोगली राजनीति कर रही है। जब राज्य में भाजपा के साथ शिवसेना सत्ता में थी तब औरंगाबाद का नामांतरण का प्रस्ताव राज्य सरकार के पास नहीं भेजा, जबकि औरंगाबाद महानगर पालिका में शिवसेना की सत्ता है।  विपक्ष के नेता देवेंद्र फडणवीस ने पहले ही औरंगाबाद का नाम बदलने के मुद्दे को शिवसेना और कांग्रेस की नूरा कुश्ती करार दिया है। 

 

सार

शिवसेना ने औरंगाबाद जिले का नाम संभाजी नगर रखने का विरोध करने के लिए कांग्रेस को दो टूक जवाब दिया है औरंगजेब कोई धर्मनिरपेक्ष नही था…

विस्तार

महाराष्ट्र की महाविकास अघाड़ी सरकार में शिवसेना से कांग्रेस की अनबन नही खत्म हो रही है। यूपीए अध्यक्ष पद को लेकर कांग्रेस पर हमला बोलने के बाद अब शिवसेना ने महाराष्ट्र के औरंगाबाद जिले के नामकरण को लेकर कांग्रेस पर निशाना साधा है। शिवसेना ने औरंगाबाद जिले का नाम संभाजी नगर रखने का विरोध करने के लिए कांग्रेस को दो टूक जवाब दिया है औरंगजेब कोई धर्मनिरपेक्ष नही था।

शिवसेना लंबे समय से औरंगाबाद का नाम बदलने की मांग करती रही है। अब चूंकि औरंगाबाद महानगरपालिका का चुनाव होना है। इसलिए शिवसेना ने एक बार फिर नामकरण के मुद्दे को हवा दी है। महाराष्ट्र कांग्रेस अध्यक्ष व राजस्व मंत्री बाला साहेब थोरात के नामकरण का विरोध करने के बाद शिवसेना ने पार्टी के मुखपत्र की संपादकीय के माध्यम से कांग्रेस को निशाना बनाया है।

मुखपत्र में लिखा है कि औरंगाबाद के नामकरण का कांग्रेस की ओर से विरोध जताने के बाद भाजपा हिंदुत्व के मुद्दे को धार देने में जुट गई है। दरअसल, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष चंद्रकांत पाटिल ने भी औरंगाबाद के नामकरण का समर्थन कर शिवसेना को असहज कर दिया है।

पाटिल ने यह भी कहा है कि औरंगाबाद के नामकरण के बारे में शिवसेना जल्द अपनी भूमिका स्पष्ट करे। इसलिए शिवसेना भाजपा पर भी भड़क उठी है। वहीं, राज ठाकरे की पार्टी मनसे भी नामकरण की इस राजनीति में कूद पड़ी है। मनसे नेता संदीप देशपांडे ने कहा है कि यदि 26 जनवरी से पहले औरंगाबाद का नाम संभाजी नगर नही हुआ तो मनसे तीव्र आंदोलन छेड़ेंगे।

बाल ठाकरे ने 30 साल पहले किया था नामकरण

शिवसेना के मुखपत्र में संभाजी नगर शीर्षक के तहत शनिवार को प्रकाशित संपादकीय में लिखा है कि दिवंगत शिवसेना प्रमुख बाल ठाकरे ने 30 साल पहले औरंगाबाद का नाम संभाजीनगर रख दिया है। तब से लेकर शिवसेना की भूमिका में कोई बदलाव नही आया है। नामकरण का लोकनिर्णय हो चुका है। अब केवल सरकारी कागजात की दुरुस्ती शेष रह गई है। इसे जल्द दुरुस्त किया जाएगा। शिवसेना ने कहा है कि औरंगजेब के नाम पर महाराष्ट्र की भूमि पर एक भी शहर होना छत्रपति शिवाजी महाराज का अपमान है। औरंगजेब महाराष्ट्र के धर्म या स्वाभिमान का प्रतीक नही है।

शिवसेना ने अड़ियल रवैया अपनाया तो खतरे में पड़ जाएगी ठाकरे सरकार : निरुपम 

औरंगाबाद शहर का नाम बदलने को लेकर शुरू हुई बयानबाजी अब धमकी में बदल गई है। कांग्रेस नेता व पूर्व सांसद संजय निरुपम ने शनिवार को कहा कि महाराष्ट्र की तीन दलों की सरकार न्यूनतम साझा कार्यक्रम पर चल रही है। यदि शिवसेना ने औरंगाबाद के नामांतरण को लेकर अपना एजेंडा चलाएगी तो यह सरकार खतरे में पड़ जाएगी।

निरुपम ने कहा कि यह ऐतिहासिक सच्चाई है कि 1669 में औरंगजेब ने ही काशी में बाबा विश्वनाथ का मंदिर और 1670 में मथुरा में कृष्ण भगवान का मंदिर तुड़वाया था। कांग्रेस इस तरह के कृत्य का कभी समर्थन नहीं करती। उन्होंने कहा कि संभाजी महाराज हमारे लिए भी आराध्य हैं। उनकी वीरता का कांग्रेस पार्टी भी सम्मान करती है पर हम शहरों का नाम बदलने की बजाय उसके विकास में विश्वास रखते हैं।

दोगली राजनीति कर रही शिवसेना : राम कदम

भाजपा के प्रवक्ता व विधायक राम कदम ने कहा कि औरंगाबाद के नामांतरण के मुद्दे पर शिवसेना दोगली राजनीति कर रही है। जब राज्य में भाजपा के साथ शिवसेना सत्ता में थी तब औरंगाबाद का नामांतरण का प्रस्ताव राज्य सरकार के पास नहीं भेजा, जबकि औरंगाबाद महानगर पालिका में शिवसेना की सत्ता है।  विपक्ष के नेता देवेंद्र फडणवीस ने पहले ही औरंगाबाद का नाम बदलने के मुद्दे को शिवसेना और कांग्रेस की नूरा कुश्ती करार दिया है। 

 



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