March 5, 2021

इंदौर में 10 से ज्यादा निजी और सरकारी बैंक सील, जानें क्या है कारण


न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
Updated Tue, 22 Dec 2020 05:47 AM IST

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मध्यप्रदेश में प्रधानमंत्री पत्र विक्रेता योजना में सहयोग नहीं करने पर इंदौर के 10 से अधिक निजी और सरकारी बैंकों को सील कर दिया गया है। आत्मनिर्भर भारत बनाने की दिशा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पत्र विक्रेता योजना प्रारंभ की है। 

प्रधानमंत्री पत्र विक्रेता योजना के लक्ष्य को जल्द से जल्द पूरा करने के लिए रविवार को भी बैंक खोलने के आदेश जारी किए गए थे। बता दें कि निगम ने यह कार्रवाई राजस्व के नाम पर की है। कलेक्टर के आदेश का पालन नहीं करने पर निगम ने बैंक सील कर दिए।

इस योजना के तहत छोटे कामकाज शुरू करने के लिए 10 हजार तक का लोन दिया जाता है। निजी और सरकारी दोनो बैंकों को इस योजना के तहत लोन देना है, लेकिन इस योजना के तहत दिए गए लक्ष्य से इंदौर अभी भी बहुत पीछे है।

लक्ष्य को जल्द से जल्द पूरा करने के लिए कलेक्टर मनीष सिंह ने रविवार को भी बैंक खोलने के आदेश दिए थे ताकि पत्र विक्रेताओं को लोन उपलब्ध कराया जा सके। लेकिन इंदौर शहर में कई निजी व सरकारी बैंकों ने कलेक्टर की आदेश न मानते हुए बैंकों को बंद रखा। इसकी वजह से कई लोग इस योजना के तहत लोन नहीं ले सके। नगर निगम के अधिकारी इन्हें बैंक लेकर पहुंचे थे।

जब बैंक बंद होने की जानकारी कलेक्टर मनीष सिंह और निगम आयुक्त प्रतिभा पाल को मिली तो उन्होंने इस पर कार्रवाई की। उन्होंने ऐसे सभी बैंकों को सील करने के आदेश दे दिए।  

मध्यप्रदेश में प्रधानमंत्री पत्र विक्रेता योजना में सहयोग नहीं करने पर इंदौर के 10 से अधिक निजी और सरकारी बैंकों को सील कर दिया गया है। आत्मनिर्भर भारत बनाने की दिशा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पत्र विक्रेता योजना प्रारंभ की है। 

प्रधानमंत्री पत्र विक्रेता योजना के लक्ष्य को जल्द से जल्द पूरा करने के लिए रविवार को भी बैंक खोलने के आदेश जारी किए गए थे। बता दें कि निगम ने यह कार्रवाई राजस्व के नाम पर की है। कलेक्टर के आदेश का पालन नहीं करने पर निगम ने बैंक सील कर दिए।

इस योजना के तहत छोटे कामकाज शुरू करने के लिए 10 हजार तक का लोन दिया जाता है। निजी और सरकारी दोनो बैंकों को इस योजना के तहत लोन देना है, लेकिन इस योजना के तहत दिए गए लक्ष्य से इंदौर अभी भी बहुत पीछे है।

लक्ष्य को जल्द से जल्द पूरा करने के लिए कलेक्टर मनीष सिंह ने रविवार को भी बैंक खोलने के आदेश दिए थे ताकि पत्र विक्रेताओं को लोन उपलब्ध कराया जा सके। लेकिन इंदौर शहर में कई निजी व सरकारी बैंकों ने कलेक्टर की आदेश न मानते हुए बैंकों को बंद रखा। इसकी वजह से कई लोग इस योजना के तहत लोन नहीं ले सके। नगर निगम के अधिकारी इन्हें बैंक लेकर पहुंचे थे।

जब बैंक बंद होने की जानकारी कलेक्टर मनीष सिंह और निगम आयुक्त प्रतिभा पाल को मिली तो उन्होंने इस पर कार्रवाई की। उन्होंने ऐसे सभी बैंकों को सील करने के आदेश दे दिए।  



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