February 28, 2021

सूरत से तीन ट्रेनों में सवार होकर प्रयागराज पहुंचे 4800 श्रमिक


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प्रयागराज। गुजरात से शनिवार को भी तीन ट्रेनों से श्रमिक आए। सूरत से चली इन तीनों ट्रेनों में 4800 श्रमिक आए। इन्हें करीब डेढ़ सौ बसों से गृह जनपद भेजा गया। सूरत से चली पहली ट्रेन शनिवार दिन में करीब सवा बारह बजे आई। इसके बाद दो अन्य ट्रेनें भी पहुंचीं। यहां उतरे सभी श्रमिकों की थर्मल स्कैनिंग कराई गई। इसके बाद उन्हें भोजन कराने तथा अन्य औपचारिकताएं पूरी करने के बाद बसों से गृह जनपद भेजा गया। प्रयागराज के श्रमिकों को भी बसों से उनके गांव भेजा गया। इन्हें होम क्वारंटीन का निर्देश दिया गया है। 

छत्तीसगढ़ के श्रमिकों को आज भेजा जाएगा घर

यहां फंसे छत्तीसगढ़ के श्रमिकों को ट्रेन से उनके घर भेजा जाएगा। ग्रामीण क्षेत्रों में रह रहे मजदूरों को सुबह छह बजे तक तहसील मुख्यालय पर एकत्रित होना है। वहीं शहर में फंसे श्रमिकों को कर्नलगंज स्थित राम वाटिका गेस्ट हाउस पर जुटना है।

श्रमिकों को इन स्थलों तक लाने के लिए अफसरों की भी ड्यूटी लगाई गई है। इन स्थलों से सभी को बसों से खेल गांव पब्लिक स्कूल लाया जाया जाएगा। एडीएम सिटी अशोक कुमार कनौजिया ने बताया कि स्कूल में सूची तैयार करने के बाद सूूबेदारगंज स्टेशन लाया जाएगा। वहां से शाम सात बजे विशेष ट्रेन से उन्हें छत्तीसगढ़ भेजा जाएगा।

देश के तमाम प्रांतों में फंसे श्रमिकों को स्पेशल ट्रेनों से लगातार लाया जा रहा है। उत्तर मध्य रेलवे के स्टेशनों पर अब तक 93 स्पेशल ट्रेनों से एक लाख 32 हजार 867 श्रमिक आ चुके हैं। एनसीआर में सर्वाधिक 33 ट्रेनें प्रयागराज जंक्शन पर आई हैं। इनसे कुल 47135 श्रमिक एवं उनके परिजन जंक्शन पर उतरे हैं।

प्रयागराज के अलावा कानपुर में 14, आगरा में छह, फतेहपुर में पांच, अलीगढ़ में दो एवं एनसीआर के अन्य स्टेशनों पर भी कुछ श्रमिक स्पेशल ट्रेनों से प्रवासी श्रमिकों को उतारा गया। एनसीआर के सीपीआरओ अजीत कुमार सिंह के मुताबिक जोन के स्टेशनों पर नि:शुल्क भोजन, बिस्किट, पानी आदि की भी व्यवस्था की गई है।

प्रयागराज। गुजरात से शनिवार को भी तीन ट्रेनों से श्रमिक आए। सूरत से चली इन तीनों ट्रेनों में 4800 श्रमिक आए। इन्हें करीब डेढ़ सौ बसों से गृह जनपद भेजा गया। सूरत से चली पहली ट्रेन शनिवार दिन में करीब सवा बारह बजे आई। इसके बाद दो अन्य ट्रेनें भी पहुंचीं। यहां उतरे सभी श्रमिकों की थर्मल स्कैनिंग कराई गई। इसके बाद उन्हें भोजन कराने तथा अन्य औपचारिकताएं पूरी करने के बाद बसों से गृह जनपद भेजा गया। प्रयागराज के श्रमिकों को भी बसों से उनके गांव भेजा गया। इन्हें होम क्वारंटीन का निर्देश दिया गया है। 



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