February 25, 2021

Kisan Andolan: कृषि मंत्री तोमर बोले-सरकार सभी मुद्दों पर बातचीत को तैयार, किसान कानून हटाने पर अड़े


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देश की राजधानी दिल्ली की सीमाओं पर कृषि कानूनों के खिलाफ बैठे किसानों का आंदोलन 53वें दिन भी जारी है। केंद्र सरकार और किसानों के बीच कई दौर की वार्ता भी बेनतीजा रही है। अब अगली बैठक 19 जनवरी को तय की गई है। किसान संगठन तीनों कानूनों को रद्द करने की मांगों पर अड़े हैं, मोदी सरकार पीछे हटने के लिए तैयार नहीं है। कड़ाके की ठंड में किसानों का आंदोलन जारी है। 

किसान 19 जनवरी को एक-एक क्लॉज पर चर्चा करें: तोमर
केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने कानूनों के क्रियान्वयन को रोक दिया है तो मैं समझता हूं कि जिद्द का सवाल ही खत्म होता है। हमारी अपेक्षा है कि किसान 19 जनवरी को एक-एक क्लॉज पर चर्चा करें और वो कानूनों को रद्द करने के अलावा क्या विकल्प चाहते हैं वो सरकार के सामने रखें। 

किसान यूनियन टस से मस होने को तैयार नहीं है: कृषि मंत्री
कृषि मंत्री ने कहा कि किसान यूनियन टस से मस होने को तैयार नहीं है, उनकी लगातार ये कोशिश है कि कानूनों को रद्द किया जाए। भारत सरकार जब कोई कानून बनाती है तो वो पूरे देश के लिए होता है, इन कानूनों से देश के अधिकांश किसान, विद्वान, वैज्ञानिक, कृषि क्षेत्र में काम करने वाले लोग सहमत हैं। 

हमने लगातार किसान यूनियन से आग्रह किया कि वो कानून के क्लॉज पर चर्चा करें: तोमर 
केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि भारत सरकार ने किसान यूनियन के साथ एक बार नहीं 9 बार घंटों तक वार्ता की, हमने लगातार किसान यूनियन से आग्रह किया कि वो कानून के क्लॉज पर चर्चा करें और जहां आपत्ति है वो बताएं। सरकार उस पर विचार और संशोधन करने के लिए तैयार है। 
 
ट्रैक्टर मार्च के लिए लुधियाना में चल रही तैयारियां  
गणतंत्र दिवस के दिन राजधानी दिल्ली में किसानों के ट्रैक्टर मार्च के लिए लुधियाना में तैयारियां चल रही हैं। ट्रैक्टर मार्च में हिस्सा ले रहे एक प्रदर्शनकारी ने बताया कि 24 जनवरी से पहले हमने एक लाख ट्रैक्टर पहुंचाने की ज़िम्मेदारी ली है, सब एकजुट होकर काम कर रहे हैं।
 

18 जनवरी को हम महिला किसान दिवस के रूप में मनाएंगे: मंदीप 
मंदीप नथवान ने कहा कि 26 जनवरी को बड़ी संख्या में किसान शांतिपूर्ण तरीके से अपना हक लेने के लिए दिल्ली आ रहा है। सरकार को भ्रम है कि हम इस आंदोलन को तोड़ देंगे लेकिन हम ये आंदोलन टूटने नहीं देंगे। 18 जनवरी को हम महिला किसान दिवस के रूप में मनाएंगे।  

ऐसा प्रचार किया जा रहा है जैसे दिल्ली के साथ कोई युद्ध होने जा रहा हो: दीप नथवान
हरियाणा किसान संघर्ष समिति के सदस्य मंदीप नथवान ने कहा कि पूरी दुनिया की नजर 26 जनवरी के कार्यक्रम पर है। कुछ लोग सरकार की शह पर इस आंदोलन को उग्र करना चाहते हैं, हमारा ये आंदोलन नीतियों के खिलाफ है ना कि दिल्ली के खिलाफ। ऐसा प्रचार किया जा रहा है जैसे दिल्ली के साथ कोई युद्ध होने जा रहा हो। 
 

हम कोर्ट में नहीं गए और अभी भी जाने का सवाल नहीं: हन्नान
किसान यूनियन के सुप्रीम कोर्ट में निष्पक्ष लोगों की कमेटी गठित करने की याचिका पर अखिल भारतीय किसान सभा के महासचिव हन्नान मोल्लाह ने कहा कि संयुक्त किसान मोर्चा ने तो ऐसी बात सोची भी नहीं, न चर्चा की। हम कोर्ट में नहीं गए और अभी भी जाने का सवाल नहीं है।  

सरकार हमें ‘तारीख पे तारीख’ दे रही है: हन्नान
अखिल भारतीय किसान सभा के महासचिव हन्नान मोल्लाह ने कहा कि करीब दो माह से हम ठंड के मौसम में मर रहे हैं और परेशान हो रहे हैं। सरकार हमें ‘तारीख पे तारीख’ दे रही है। इस मामले को टालने की कोशिश कर रही है ताकि हम थक जाएं और जगह छोड़ दें। यह उनकी साजिश है।’
 

आंदोलन को पंजाब और हरियाणा में बांटना चाहती है सरकार : राकेश टिकैत
यूपी गेट पर आंदोलन में भाकियू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने सरकार पर आंदोलन को तोड़ने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि 15 तारीख की बैठक में मालूम हुआ कि सरकार इस आंदोलन को लंबा खींचकर पंजाब और हरियाणा में बांटना चाहती है। जिससे किसान आंदोलन पूरे देश को छोड़कर सिर्फ पंजाब तक सीमित रह जाए। 

वहीं सरकार एमएसपी पर भी बात नहीं करती, वह तीन कानूनों में संशोधन कराना चाहती है, जबकि हम कानून वापसी से कम में मानने वाले नहीं। राकेश टिकैत ने कहा कि 19 की बैठक में फिर से तीनों कानूनों को रद्द करने और एमएसपी की गारंटी देने पर बात होगी। सरकार इस पर कैसे प्लान बनाए, इसके बारे में किसान उन्हें बताएगा। उन्होंने किसानों से लंबे आंदोलन की तैयारी करने की भी बात कही।
 

सार

देश की राजधानी दिल्ली की सीमाओं पर कृषि कानूनों के खिलाफ बैठे किसानों का आंदोलन 53वें दिन भी जारी है। केंद्र सरकार और किसानों के बीच कई दौर की वार्ता भी बेनतीजा रही है। अब अगली बैठक 19 जनवरी को तय की गई है। किसान संगठन तीनों कानूनों को रद्द करने की मांगों पर अड़े हैं, मोदी सरकार पीछे हटने के लिए तैयार नहीं है। कड़ाके की ठंड में किसानों का आंदोलन जारी है। यहां पढ़ें किसान आंदोलन से जुड़ा हर अपडेट…

विस्तार

देश की राजधानी दिल्ली की सीमाओं पर कृषि कानूनों के खिलाफ बैठे किसानों का आंदोलन 53वें दिन भी जारी है। केंद्र सरकार और किसानों के बीच कई दौर की वार्ता भी बेनतीजा रही है। अब अगली बैठक 19 जनवरी को तय की गई है। किसान संगठन तीनों कानूनों को रद्द करने की मांगों पर अड़े हैं, मोदी सरकार पीछे हटने के लिए तैयार नहीं है। कड़ाके की ठंड में किसानों का आंदोलन जारी है। 

किसान 19 जनवरी को एक-एक क्लॉज पर चर्चा करें: तोमर

केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने कानूनों के क्रियान्वयन को रोक दिया है तो मैं समझता हूं कि जिद्द का सवाल ही खत्म होता है। हमारी अपेक्षा है कि किसान 19 जनवरी को एक-एक क्लॉज पर चर्चा करें और वो कानूनों को रद्द करने के अलावा क्या विकल्प चाहते हैं वो सरकार के सामने रखें। 

किसान यूनियन टस से मस होने को तैयार नहीं है: कृषि मंत्री

कृषि मंत्री ने कहा कि किसान यूनियन टस से मस होने को तैयार नहीं है, उनकी लगातार ये कोशिश है कि कानूनों को रद्द किया जाए। भारत सरकार जब कोई कानून बनाती है तो वो पूरे देश के लिए होता है, इन कानूनों से देश के अधिकांश किसान, विद्वान, वैज्ञानिक, कृषि क्षेत्र में काम करने वाले लोग सहमत हैं। 

हमने लगातार किसान यूनियन से आग्रह किया कि वो कानून के क्लॉज पर चर्चा करें: तोमर 

केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि भारत सरकार ने किसान यूनियन के साथ एक बार नहीं 9 बार घंटों तक वार्ता की, हमने लगातार किसान यूनियन से आग्रह किया कि वो कानून के क्लॉज पर चर्चा करें और जहां आपत्ति है वो बताएं। सरकार उस पर विचार और संशोधन करने के लिए तैयार है। 

 

ट्रैक्टर मार्च के लिए लुधियाना में चल रही तैयारियां  

गणतंत्र दिवस के दिन राजधानी दिल्ली में किसानों के ट्रैक्टर मार्च के लिए लुधियाना में तैयारियां चल रही हैं। ट्रैक्टर मार्च में हिस्सा ले रहे एक प्रदर्शनकारी ने बताया कि 24 जनवरी से पहले हमने एक लाख ट्रैक्टर पहुंचाने की ज़िम्मेदारी ली है, सब एकजुट होकर काम कर रहे हैं।

 

18 जनवरी को हम महिला किसान दिवस के रूप में मनाएंगे: मंदीप 

मंदीप नथवान ने कहा कि 26 जनवरी को बड़ी संख्या में किसान शांतिपूर्ण तरीके से अपना हक लेने के लिए दिल्ली आ रहा है। सरकार को भ्रम है कि हम इस आंदोलन को तोड़ देंगे लेकिन हम ये आंदोलन टूटने नहीं देंगे। 18 जनवरी को हम महिला किसान दिवस के रूप में मनाएंगे।  

ऐसा प्रचार किया जा रहा है जैसे दिल्ली के साथ कोई युद्ध होने जा रहा हो: दीप नथवान

हरियाणा किसान संघर्ष समिति के सदस्य मंदीप नथवान ने कहा कि पूरी दुनिया की नजर 26 जनवरी के कार्यक्रम पर है। कुछ लोग सरकार की शह पर इस आंदोलन को उग्र करना चाहते हैं, हमारा ये आंदोलन नीतियों के खिलाफ है ना कि दिल्ली के खिलाफ। ऐसा प्रचार किया जा रहा है जैसे दिल्ली के साथ कोई युद्ध होने जा रहा हो। 

 

हम कोर्ट में नहीं गए और अभी भी जाने का सवाल नहीं: हन्नान

किसान यूनियन के सुप्रीम कोर्ट में निष्पक्ष लोगों की कमेटी गठित करने की याचिका पर अखिल भारतीय किसान सभा के महासचिव हन्नान मोल्लाह ने कहा कि संयुक्त किसान मोर्चा ने तो ऐसी बात सोची भी नहीं, न चर्चा की। हम कोर्ट में नहीं गए और अभी भी जाने का सवाल नहीं है।  

सरकार हमें ‘तारीख पे तारीख’ दे रही है: हन्नान

अखिल भारतीय किसान सभा के महासचिव हन्नान मोल्लाह ने कहा कि करीब दो माह से हम ठंड के मौसम में मर रहे हैं और परेशान हो रहे हैं। सरकार हमें ‘तारीख पे तारीख’ दे रही है। इस मामले को टालने की कोशिश कर रही है ताकि हम थक जाएं और जगह छोड़ दें। यह उनकी साजिश है।’

 

आंदोलन को पंजाब और हरियाणा में बांटना चाहती है सरकार : राकेश टिकैत

यूपी गेट पर आंदोलन में भाकियू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने सरकार पर आंदोलन को तोड़ने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि 15 तारीख की बैठक में मालूम हुआ कि सरकार इस आंदोलन को लंबा खींचकर पंजाब और हरियाणा में बांटना चाहती है। जिससे किसान आंदोलन पूरे देश को छोड़कर सिर्फ पंजाब तक सीमित रह जाए। 

वहीं सरकार एमएसपी पर भी बात नहीं करती, वह तीन कानूनों में संशोधन कराना चाहती है, जबकि हम कानून वापसी से कम में मानने वाले नहीं। राकेश टिकैत ने कहा कि 19 की बैठक में फिर से तीनों कानूनों को रद्द करने और एमएसपी की गारंटी देने पर बात होगी। सरकार इस पर कैसे प्लान बनाए, इसके बारे में किसान उन्हें बताएगा। उन्होंने किसानों से लंबे आंदोलन की तैयारी करने की भी बात कही।

 





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