March 7, 2021

सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष दुष्यंत दवे ने अपने पद से दिया इस्तीफा, पत्र लिख बताई वजह


न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Thu, 14 Jan 2021 07:46 PM IST

पढ़ें अमर उजाला ई-पेपर
कहीं भी, कभी भी।

*Yearly subscription for just ₹299 Limited Period Offer. HURRY UP!

ख़बर सुनें

सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन (एससीबीए) के अध्यक्ष दुष्यंत दवे ने गुरुवार को तत्काल प्रभाव से अपने पद से इस्तीफा दे दिया। उनके इस्तीफे की पुष्टि कार्यवाहक एससीबीए सचिव रोहित पांडे ने की है। उन्होंने बताया कि वरिष्ठ अधिवक्ता दुष्यंत दवे ने एससीबीए के अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया है।

दुष्यंत दवे ने अपने पत्र में लिखा कि एससीबीए की कार्यकारी समिति का कार्यकाल पहले ही समाप्त हो चुका है। कुछ वकीलों द्वारा आयोजित आरक्षण के चलते कार्यक्रम के अनुसार वर्चुअल इलेक्शन कराना संभव नहीं हो सकता है। उन्होंने पत्र में ये भी लिखा कि हाल की घटनाओं के बाद मुझे लगता है कि मैं अपने पद को अब जारी नहीं कर पाऊंगा। इसलिए मैंने एससीबीए के अध्यक्ष के पद से इस्तीफा दे दिया है। हमारा कार्यकाल पहले ही समाप्त हो चुका है। 

पत्र में उन्होंने आगे लिखा कि हमने ईमानदारी से चुनाव के लिए वर्चुअल इलेक्शन कराने का फैसला किया। अब मुझे लगता है कि चुनाव समिति द्वारा आप में से कुछ लोगों द्वारा आयोजित आरक्षण के कारण घोषित कार्यक्रम के अनुसार चुनाव कराना संभव नहीं हो सकता है। मैं उनकी स्थिति को समझता हूं और उनसे मेरा कोई झगड़ा नहीं है, लेकिन अध्यक्ष के रूप में इन परिस्थितियों में पद पर बने रहना नैतिक रूप से गलत होगा।

सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन (एससीबीए) के अध्यक्ष दुष्यंत दवे ने गुरुवार को तत्काल प्रभाव से अपने पद से इस्तीफा दे दिया। उनके इस्तीफे की पुष्टि कार्यवाहक एससीबीए सचिव रोहित पांडे ने की है। उन्होंने बताया कि वरिष्ठ अधिवक्ता दुष्यंत दवे ने एससीबीए के अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया है।

दुष्यंत दवे ने अपने पत्र में लिखा कि एससीबीए की कार्यकारी समिति का कार्यकाल पहले ही समाप्त हो चुका है। कुछ वकीलों द्वारा आयोजित आरक्षण के चलते कार्यक्रम के अनुसार वर्चुअल इलेक्शन कराना संभव नहीं हो सकता है। उन्होंने पत्र में ये भी लिखा कि हाल की घटनाओं के बाद मुझे लगता है कि मैं अपने पद को अब जारी नहीं कर पाऊंगा। इसलिए मैंने एससीबीए के अध्यक्ष के पद से इस्तीफा दे दिया है। हमारा कार्यकाल पहले ही समाप्त हो चुका है। 

पत्र में उन्होंने आगे लिखा कि हमने ईमानदारी से चुनाव के लिए वर्चुअल इलेक्शन कराने का फैसला किया। अब मुझे लगता है कि चुनाव समिति द्वारा आप में से कुछ लोगों द्वारा आयोजित आरक्षण के कारण घोषित कार्यक्रम के अनुसार चुनाव कराना संभव नहीं हो सकता है। मैं उनकी स्थिति को समझता हूं और उनसे मेरा कोई झगड़ा नहीं है, लेकिन अध्यक्ष के रूप में इन परिस्थितियों में पद पर बने रहना नैतिक रूप से गलत होगा।



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You may have missed