March 7, 2021

सिंघु बॉर्डर पर किसानों को बारिश से बचाने के लिए लगाए गए अस्थायी बेड, 30 बसों में भी इंतजाम


न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Tue, 05 Jan 2021 01:11 AM IST

बारिश से बचाव के लिए टेंट की व्यवस्था करते किसान
– फोटो : amar ujala

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सिंघु बॉर्डर पर प्रदर्शनकारी किसानों के लिए बारिश से बचने के लिए दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (डीएसजीएमसी) की ओर से आंदोलन स्थल पर अधिक ऊंचाई पर अस्थायी बेड की व्यवस्था की है। स्टेज के पास हाइवे के साथ बने टेंट और सोने की जगह पर जल भराव की आशंका को देखते हुए पहले ही सभी लकड़ी की मेज के उपर गद्दे बिछा दिए गए ताकि जलभराव की समस्या न रहे। बेड की ऊंचाई थोड़ी अधिक कर दी गई ताकि एक तरफ ढलान होने की वजह से पानी इकट्ठा न हो सके।

बेड को कपड़े की चटाई से ढक दिया गया, फिर गद्दे रखे गए ताकि जलभराव की चिंता न सताए। जालंधर निवासी जसविंदर सिंह ने कहा कि शुक्र है कि पहले ही बारिश से बचाव के लिए अस्थायी बेड लगा लिए गए थे। बारिश होने पर भी बचाव हो रहा है, जिससे काफी राहत मिली है। एक दिसंबर से दिल्ली-हरियाणा सीमा पर मौजूद हैं।

लुधियाना के किसान गुरमीत सिंह से जब दिल्ली के गिरते तापमान के बारे में पूछा गया तो कहा कि इतनी अधिक सर्दी नहीं है। पंजाब में इससे अधिक होती है, इसलिए हम ठंडे मौसम के लिए अभ्यस्त हैं। डीएसजीएमसी के अध्यक्ष मनजिंदर सिंह के मुताबिक संगठन की ओर से सिंघु, टीकरी और गाजीपुर बॉर्डर पर ऐसे 1200 बिस्तर उपलब्ध कराए गए हैं।  

मौसम बदलने का पहले ही अंदेशा था, इसलिए जमीन पर गद्दे गीले न हो इसे ध्यान में रखते हुए अस्थायी बिस्तरों की व्यवस्था की गई है। बिस्तर अधिक ऊंचाई पर होने की वजह से बारिश का पानी इकट्ठा होने से किसानों को परेशानी नहीं होगी। 

सिंघु-टीकरी बॉर्डर पर भेजी जाएंगी 30 बसें, सोने के लिए लगाए गए बेड सिरसा ने कहा कि अगले कुछ दिनों में टीकरी और सिंघु सीमा पर कुछ बसें भी भेजी जाएंगी। इनमें किसानों की सुविधा का ध्यान रखते हुए बेड लगाए जाएंगे ताकि किसी भी मौसम में उन्हें परेशानी का सामना न करना पड़े।

स्कूल और कॉलेजों के लिए लगाई गई बसों में आंदोलनरत किसानों के लिए आशियाना तैयार किया जाएगा। हमने सीटों को बेड में बदल दिया है ताकि किसान आसानी से सो सकें। बारिश और ठंड से किसानों के लिए 30 बसें सिंघु और टिकरी बॉर्डर पर भेजी जाएंगी। अब गाजीपुर अन्य दो स्थलों की तुलना में बेहतर स्थिति में है।डीएसजीएमसी की ओर से पहले ही तीनों विरोध स्थलों पर लंगर, चिकित्सा सहायता, कंबल, टेंट और साथ ही एंबुलेंस की सुविधा प्रदान की गई है। 

सिंघु बॉर्डर पर प्रदर्शनकारी किसानों के लिए बारिश से बचने के लिए दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (डीएसजीएमसी) की ओर से आंदोलन स्थल पर अधिक ऊंचाई पर अस्थायी बेड की व्यवस्था की है। स्टेज के पास हाइवे के साथ बने टेंट और सोने की जगह पर जल भराव की आशंका को देखते हुए पहले ही सभी लकड़ी की मेज के उपर गद्दे बिछा दिए गए ताकि जलभराव की समस्या न रहे। बेड की ऊंचाई थोड़ी अधिक कर दी गई ताकि एक तरफ ढलान होने की वजह से पानी इकट्ठा न हो सके।

बेड को कपड़े की चटाई से ढक दिया गया, फिर गद्दे रखे गए ताकि जलभराव की चिंता न सताए। जालंधर निवासी जसविंदर सिंह ने कहा कि शुक्र है कि पहले ही बारिश से बचाव के लिए अस्थायी बेड लगा लिए गए थे। बारिश होने पर भी बचाव हो रहा है, जिससे काफी राहत मिली है। एक दिसंबर से दिल्ली-हरियाणा सीमा पर मौजूद हैं।

लुधियाना के किसान गुरमीत सिंह से जब दिल्ली के गिरते तापमान के बारे में पूछा गया तो कहा कि इतनी अधिक सर्दी नहीं है। पंजाब में इससे अधिक होती है, इसलिए हम ठंडे मौसम के लिए अभ्यस्त हैं। डीएसजीएमसी के अध्यक्ष मनजिंदर सिंह के मुताबिक संगठन की ओर से सिंघु, टीकरी और गाजीपुर बॉर्डर पर ऐसे 1200 बिस्तर उपलब्ध कराए गए हैं।  

मौसम बदलने का पहले ही अंदेशा था, इसलिए जमीन पर गद्दे गीले न हो इसे ध्यान में रखते हुए अस्थायी बिस्तरों की व्यवस्था की गई है। बिस्तर अधिक ऊंचाई पर होने की वजह से बारिश का पानी इकट्ठा होने से किसानों को परेशानी नहीं होगी। 

सिंघु-टीकरी बॉर्डर पर भेजी जाएंगी 30 बसें, सोने के लिए लगाए गए बेड सिरसा ने कहा कि अगले कुछ दिनों में टीकरी और सिंघु सीमा पर कुछ बसें भी भेजी जाएंगी। इनमें किसानों की सुविधा का ध्यान रखते हुए बेड लगाए जाएंगे ताकि किसी भी मौसम में उन्हें परेशानी का सामना न करना पड़े।

स्कूल और कॉलेजों के लिए लगाई गई बसों में आंदोलनरत किसानों के लिए आशियाना तैयार किया जाएगा। हमने सीटों को बेड में बदल दिया है ताकि किसान आसानी से सो सकें। बारिश और ठंड से किसानों के लिए 30 बसें सिंघु और टिकरी बॉर्डर पर भेजी जाएंगी। अब गाजीपुर अन्य दो स्थलों की तुलना में बेहतर स्थिति में है।डीएसजीएमसी की ओर से पहले ही तीनों विरोध स्थलों पर लंगर, चिकित्सा सहायता, कंबल, टेंट और साथ ही एंबुलेंस की सुविधा प्रदान की गई है। 



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