March 1, 2021

लकी ड्रॉ के नाम पर 1100 निवेशकों से 2.21 करोड़ की ठगी में पिता-पुत्र गिरफ्तार


पढ़ें अमर उजाला ई-पेपर
कहीं भी, कभी भी।

*Yearly subscription for just ₹299 Limited Period Offer. HURRY UP!

ख़बर सुनें

नई दिल्ली। आर्थिक अपराध शाखा ने लकी ड्रॉ के नाम पर 1100 निवेशकों से 2.21 करोड़ की ठगी करने वाले पिता-पुत्र को गिरफ्तार किया है। पेशे से ज्वेलर पिता-पुत्र ने मोहिनी इंटरप्राइजेज नाम की कंपनी खोली और लकी ड्रॉ स्कीम शुरू कर निवेशकों से ठगी की। पुलिस अलीगढ़ निवासी आरोपी भुवनेश गुप्ता और बेटे विवेक गुप्ता से पूछताछ कर फर्जीवाड़े में शामिल अन्य लोगों की पहचान करने में जुटी है।
आर्थिक अपराध शाखा के संयुक्त आयुक्त डॉ. ओपी मिश्रा ने बताया कि वर्ष 2020 में प्रभात गुप्ता और अन्य निवेशकों ने शिकायत की थी। जिसके मुताबिक भुवनेश गुप्ता और विवेक गुप्ता उत्तम नगर में मोहिनी ज्वेलर्स नामक दुकान चलाते थे। उन्होंने वर्ष 2017 में मोहिनी इंटरप्राइजेज नाम से कंपनी खोली और लकी ड्रॉ की दो स्कीम शुरू कीं। पहली स्कीम में प्रत्येक सदस्य को 20 महीने तक तीन-तीन हजार रुपये जमा करने थे। जबकि दूसरी में 75 हजार रुपये प्रतिमाह जमा करने थे। प्रत्येक माह ड्रॉ निकाला जाता था जिसमें विजेताओं को कार, एसी और फ्रिज जैसे सामान दिए जाते थे।
आरोपियों ने दावा किया कि यदि किसी का ड्रॉ नहीं निकला तो 20 माह बाद तीन हजार रुपये जमा करने वालों को 63 हजार और 75 हजार वाली स्कीम में 15.75 लाख रुपये के जेवरात दिए जाएंगे। तीन हजार रुपये प्रतिमाह स्कीम में 800 निवेशकों ने पैसे लगाए थे। जबकि 75000 रुपये प्रतिमाह की स्कीम में 300 लोग पैसे जमा करते थे। 18 ड्रॉ होने के बाद नवंबर 2018 में दोनों आरोपी करीब 2.21 करोड़ रुपये लेकर फरार हो गए।
आर्थिक अपराध शाखा ने छानबीन करने के बाद वर्ष 2020 में मामला दर्ज कर लिया। पुलिस आरोपी पिता-पुत्र की तलाश में कई जगहों पर दबिश दी। इसी बीच 2 जनवरी को पुलिस को उनके उत्तम नगर इलाके में आने की जानकारी मिली। शनिवार को पुलिस टीम ने दबिश देकर उन्हें गिरफ्तार कर लिया। उत्तम नगर से भागने के बाद वह दिल्ली व एनसीआर में लगातार घर बदलकर रह रहे थे।
व्यापार में घाटा होने के बाद शुरू की ठगी की स्कीम
भुवनेश गुप्ता एमकॉम पास हैं जबकि बेटा विवेक 12 तक पढ़ा है। तीन दशक पूर्व भुवनेश परिवार के साथ दिल्ली के उत्तम नगर में रहने लगा था। उन्होंने कपड़े के कारोबार में हाथ आजमाया जिसमें सफलता नहीं मिली। उसके बाद ज्वेलरी की दुकान खोली। इसमें भी कामयाबी नहीं मिली। दोनों व्यापार में घाटा होने बाद भुवनेश ने बेटे विवेक के साथ मिलकर कंपनी खोली और लोगों से ठगी करने के मकसद से स्कीम शुरू की।
यह थी लकी ड्रॉ स्कीम
प्रति माह 3000 जमा करने पर 20 माह बाद मिलेंगे 63 हजार के जेवरात
प्रति माह 75,000 जमा करने पर 20 माह बाद मिलेंगे 15.75 लाख के जेवरात
हर माह लकी ड्रॉ निकालकर निवेशकों को कार, एसी और फ्रिज देने का दावा

नई दिल्ली। आर्थिक अपराध शाखा ने लकी ड्रॉ के नाम पर 1100 निवेशकों से 2.21 करोड़ की ठगी करने वाले पिता-पुत्र को गिरफ्तार किया है। पेशे से ज्वेलर पिता-पुत्र ने मोहिनी इंटरप्राइजेज नाम की कंपनी खोली और लकी ड्रॉ स्कीम शुरू कर निवेशकों से ठगी की। पुलिस अलीगढ़ निवासी आरोपी भुवनेश गुप्ता और बेटे विवेक गुप्ता से पूछताछ कर फर्जीवाड़े में शामिल अन्य लोगों की पहचान करने में जुटी है।

आर्थिक अपराध शाखा के संयुक्त आयुक्त डॉ. ओपी मिश्रा ने बताया कि वर्ष 2020 में प्रभात गुप्ता और अन्य निवेशकों ने शिकायत की थी। जिसके मुताबिक भुवनेश गुप्ता और विवेक गुप्ता उत्तम नगर में मोहिनी ज्वेलर्स नामक दुकान चलाते थे। उन्होंने वर्ष 2017 में मोहिनी इंटरप्राइजेज नाम से कंपनी खोली और लकी ड्रॉ की दो स्कीम शुरू कीं। पहली स्कीम में प्रत्येक सदस्य को 20 महीने तक तीन-तीन हजार रुपये जमा करने थे। जबकि दूसरी में 75 हजार रुपये प्रतिमाह जमा करने थे। प्रत्येक माह ड्रॉ निकाला जाता था जिसमें विजेताओं को कार, एसी और फ्रिज जैसे सामान दिए जाते थे।

आरोपियों ने दावा किया कि यदि किसी का ड्रॉ नहीं निकला तो 20 माह बाद तीन हजार रुपये जमा करने वालों को 63 हजार और 75 हजार वाली स्कीम में 15.75 लाख रुपये के जेवरात दिए जाएंगे। तीन हजार रुपये प्रतिमाह स्कीम में 800 निवेशकों ने पैसे लगाए थे। जबकि 75000 रुपये प्रतिमाह की स्कीम में 300 लोग पैसे जमा करते थे। 18 ड्रॉ होने के बाद नवंबर 2018 में दोनों आरोपी करीब 2.21 करोड़ रुपये लेकर फरार हो गए।

आर्थिक अपराध शाखा ने छानबीन करने के बाद वर्ष 2020 में मामला दर्ज कर लिया। पुलिस आरोपी पिता-पुत्र की तलाश में कई जगहों पर दबिश दी। इसी बीच 2 जनवरी को पुलिस को उनके उत्तम नगर इलाके में आने की जानकारी मिली। शनिवार को पुलिस टीम ने दबिश देकर उन्हें गिरफ्तार कर लिया। उत्तम नगर से भागने के बाद वह दिल्ली व एनसीआर में लगातार घर बदलकर रह रहे थे।

व्यापार में घाटा होने के बाद शुरू की ठगी की स्कीम

भुवनेश गुप्ता एमकॉम पास हैं जबकि बेटा विवेक 12 तक पढ़ा है। तीन दशक पूर्व भुवनेश परिवार के साथ दिल्ली के उत्तम नगर में रहने लगा था। उन्होंने कपड़े के कारोबार में हाथ आजमाया जिसमें सफलता नहीं मिली। उसके बाद ज्वेलरी की दुकान खोली। इसमें भी कामयाबी नहीं मिली। दोनों व्यापार में घाटा होने बाद भुवनेश ने बेटे विवेक के साथ मिलकर कंपनी खोली और लोगों से ठगी करने के मकसद से स्कीम शुरू की।

यह थी लकी ड्रॉ स्कीम

प्रति माह 3000 जमा करने पर 20 माह बाद मिलेंगे 63 हजार के जेवरात

प्रति माह 75,000 जमा करने पर 20 माह बाद मिलेंगे 15.75 लाख के जेवरात

हर माह लकी ड्रॉ निकालकर निवेशकों को कार, एसी और फ्रिज देने का दावा



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *