February 24, 2021

बर्ड फ्लू का खतराः आशंका के चलते आइसोलेशन केंद्र में रखे जा रहे परिंदे, बॉयोडायवर्सिटी पार्कों पर नजर


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राजधानी में कोरोना के बाद अब बर्ड फ्लू का संकट मंडरा रहा है। यही वजह है कि दिल्ली के पशु चिकित्सालय में बाहर से आने वाले संदेहस्पद पक्षियों को आइसोलेट किया जा रहा है। वहीं, आइसोलेशन के साथ-साथ पक्षियों को रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए दवाइयां भी दी जा रही हैं। 

चांदनी चौक स्थित पशु चिकित्सालय के प्रबंधक सुनील जैन के अनुसार,  कौवे और बत्तखों में बर्ड फ्लू के मामलों को देखते हुए दिल्ली में तैयारी शुरू हो गई है । इसके लिए पशु अस्पताल में पहुंचने वाले संदेहस्पद पक्षियों के लिए अलग से आइसोलेशन सेंटर बनाया गया है। यहां पक्षों की कड़ी निगरानी की जा रही है। 

उन्होंने बताया कि कुछ ऐसे पक्षी पहुंचे रहे हैं जिनकी तबीयत खराब है। उन्हें विशेष निगरानी में रखा जा रहा है। ऐसे पक्षियों को एंटीबायोटिक और एंटीवायरल ड्रग भी दी जा रही है जिससे  पक्षी जल्दी ठीक हो सके। उन्होंने कहा कि हालांकि, अभी यह पुष्टि नहीं की जा सकती है कि पक्षियों में बर्ड फ्लू है कि नहीं, लेकिन बर्ड फ्लू के खतरे को देखते हुए एहतियात बरतना शुरू हो गए हैं।
 
वहीं, पशु चिकित्सालय के डॉक्टर ने बताया कि बाहर से पक्षियों को लेकर अस्पताल पहुंचने वाले लोगों को भी सतर्क रहने की हिदायत दी जा रही है। उन्हें विशेष रूप से दस्तानों का इस्तेमाल करने के साथ-साथ हाथ सैनेटाइजर का प्रयोग करने के लिए कहा जा रहा है। प्रतिदिन अस्पताल में बीमार पक्षों के मामले लगातार आ रहे हैं। गौरतलब है कि मध्य प्रदेश, केरल, राजस्थान व हिमाचल प्रदेश आदि राज्यों में बर्ड फ्लू के मामले सामने आए हैं और पक्षियों की मौत दर्ज की गई है। 

चिड़ियाघर में भी विशेष सावधानी 
 बर्ड फ्लू को देखते हुए दिल्ली चिड़ियाघर में भी विशेष सावधानी बरती जा रही है। वन्यजीवों के खाने से लेकर बाड़ों के आसपास निगरानी बढ़ा दी गई है। दिल्ली चिड़ियाघर के निदेशक रमेश कुमार पांडे के मुताबिक, फिलहाल मांसाहारी वन्यजीवों को दिए जाने वाले खाने में बदलाव नहीं किया गया है। हालांकि, कड़ी निगरानी और जांच की जा रही है जिससे बर्ड फ्लू दिल्ली चिड़ियाघर में दस्तक न दे सके।

उन्होंने बताया कि इसके अलावा वन्यजीवों के बाड़े के आसपास  हाइपोक्लोराइट व विरकोन आदि का छिड़काव किया जा रहा है। साथ ही कर्मचारियों को विशेष सावधानी बरतने के भी निर्देश दिए गए हैं। गौरतलब है कि बर्ड फ्लू को देखते हुए केंद्रीय चिड़ियाघर प्राधिकरण(सीजेडए) ने देशभर के चिड़ियाघरों को विशेष सावधानी बरतने के निर्देश दिए हैं।

दिल्ली के साथ बॉयोडायवर्सिटी पार्कों की भी निगरानी
राजधानी के विभिन्न सात बॉयोडायवर्सिटी पार्क में भी बर्ड फ्लू को लेकर कड़ी निगरानी रखी जा रही है। दरअसल, दिल्ली में यमुना बायोडायवर्सिटी पार्क, अरावली बायोडायवर्सिटी पार्क , नीला हौज बायोडायवर्सिटी पार्क, कमला नेहरू बायोडायवर्सिटी पार्क, तिलपथ वैली बायोडायवर्सिटी पार्क, तुगलकाबाद बायोडायवर्सिटी पार्क व साउथ बायोडायवर्सिटी पार्क है। एक विशेषज्ञ के अनुसार, बायोडायवर्सिटी पार्क में भी विशेष निगरानी रखी जा रही है क्योंकि, इन पार्क में भी प्रवासी पक्षी बड़ी संख्या में आते हैं। ऐसे में यहां से भी बर्ड फ्लू फैलने का खतरा है।

राजधानी में कोरोना के बाद अब बर्ड फ्लू का संकट मंडरा रहा है। यही वजह है कि दिल्ली के पशु चिकित्सालय में बाहर से आने वाले संदेहस्पद पक्षियों को आइसोलेट किया जा रहा है। वहीं, आइसोलेशन के साथ-साथ पक्षियों को रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए दवाइयां भी दी जा रही हैं। 

चांदनी चौक स्थित पशु चिकित्सालय के प्रबंधक सुनील जैन के अनुसार,  कौवे और बत्तखों में बर्ड फ्लू के मामलों को देखते हुए दिल्ली में तैयारी शुरू हो गई है । इसके लिए पशु अस्पताल में पहुंचने वाले संदेहस्पद पक्षियों के लिए अलग से आइसोलेशन सेंटर बनाया गया है। यहां पक्षों की कड़ी निगरानी की जा रही है। 

उन्होंने बताया कि कुछ ऐसे पक्षी पहुंचे रहे हैं जिनकी तबीयत खराब है। उन्हें विशेष निगरानी में रखा जा रहा है। ऐसे पक्षियों को एंटीबायोटिक और एंटीवायरल ड्रग भी दी जा रही है जिससे  पक्षी जल्दी ठीक हो सके। उन्होंने कहा कि हालांकि, अभी यह पुष्टि नहीं की जा सकती है कि पक्षियों में बर्ड फ्लू है कि नहीं, लेकिन बर्ड फ्लू के खतरे को देखते हुए एहतियात बरतना शुरू हो गए हैं।

 

वहीं, पशु चिकित्सालय के डॉक्टर ने बताया कि बाहर से पक्षियों को लेकर अस्पताल पहुंचने वाले लोगों को भी सतर्क रहने की हिदायत दी जा रही है। उन्हें विशेष रूप से दस्तानों का इस्तेमाल करने के साथ-साथ हाथ सैनेटाइजर का प्रयोग करने के लिए कहा जा रहा है। प्रतिदिन अस्पताल में बीमार पक्षों के मामले लगातार आ रहे हैं। गौरतलब है कि मध्य प्रदेश, केरल, राजस्थान व हिमाचल प्रदेश आदि राज्यों में बर्ड फ्लू के मामले सामने आए हैं और पक्षियों की मौत दर्ज की गई है। 

चिड़ियाघर में भी विशेष सावधानी 

 बर्ड फ्लू को देखते हुए दिल्ली चिड़ियाघर में भी विशेष सावधानी बरती जा रही है। वन्यजीवों के खाने से लेकर बाड़ों के आसपास निगरानी बढ़ा दी गई है। दिल्ली चिड़ियाघर के निदेशक रमेश कुमार पांडे के मुताबिक, फिलहाल मांसाहारी वन्यजीवों को दिए जाने वाले खाने में बदलाव नहीं किया गया है। हालांकि, कड़ी निगरानी और जांच की जा रही है जिससे बर्ड फ्लू दिल्ली चिड़ियाघर में दस्तक न दे सके।

उन्होंने बताया कि इसके अलावा वन्यजीवों के बाड़े के आसपास  हाइपोक्लोराइट व विरकोन आदि का छिड़काव किया जा रहा है। साथ ही कर्मचारियों को विशेष सावधानी बरतने के भी निर्देश दिए गए हैं। गौरतलब है कि बर्ड फ्लू को देखते हुए केंद्रीय चिड़ियाघर प्राधिकरण(सीजेडए) ने देशभर के चिड़ियाघरों को विशेष सावधानी बरतने के निर्देश दिए हैं।

दिल्ली के साथ बॉयोडायवर्सिटी पार्कों की भी निगरानी

राजधानी के विभिन्न सात बॉयोडायवर्सिटी पार्क में भी बर्ड फ्लू को लेकर कड़ी निगरानी रखी जा रही है। दरअसल, दिल्ली में यमुना बायोडायवर्सिटी पार्क, अरावली बायोडायवर्सिटी पार्क , नीला हौज बायोडायवर्सिटी पार्क, कमला नेहरू बायोडायवर्सिटी पार्क, तिलपथ वैली बायोडायवर्सिटी पार्क, तुगलकाबाद बायोडायवर्सिटी पार्क व साउथ बायोडायवर्सिटी पार्क है। एक विशेषज्ञ के अनुसार, बायोडायवर्सिटी पार्क में भी विशेष निगरानी रखी जा रही है क्योंकि, इन पार्क में भी प्रवासी पक्षी बड़ी संख्या में आते हैं। ऐसे में यहां से भी बर्ड फ्लू फैलने का खतरा है।



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