March 6, 2021

नशीले पदार्थ की बरामदगी में गिरफ्तार आरोपी को मिली जमानत, कोर्ट ने कहा- जांच में कुछ गड़बड़ी नजर आ रही है


न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Sun, 17 Jan 2021 09:08 PM IST

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दिल्ली उच्च न्यायालय ने तीन साल पहले मादक पदार्थ मामले में गिरफ्तार किए गए व्यक्ति को जमानत पर रिहा करने के आदेश दिए। न्यायमूर्ति सुरेश कुमार कैत की पीठ ने इस मामले में सुनवाई करते हुए कहा कि उन्हें मामले की जांच में कुछ गड़बड़ी नजर आ रही है। पीठ ने कहा कि प्रथमदृष्टया ऐसा नजर आ रहा है कि आरोपी को फंसाया गया है। इसलिए आरोपी के घटना के समय के मोबाइल फोन के रिकॉर्ड व लोकेशन से इस मामले की तह तक जाने का प्रयास किया जाएगा।

हालांकि पीठ ने कहा कि इस मामले की मुख्य सुनवाई का इस प्रक्रिया का कोई असर नहीं पड़ेगा और ना ही पीठ का मकसद उस सुनवाई के बीच में हस्तक्षेप करना है। पीठ ने कहा कि वर्तमान हालात के हिसाब से आरोपी को जमानत दी जाती है। 

बता दें कि इस मामले में आरोपी को 11 अक्तूबर 2017 को दिल्ली पुलिस ने गिरफ्तार किया था। आरोपी के अधिवक्ता का दावा है कि उनके मुवक्किल को उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ से गिरफ्तार किया गया था। जबकि उसकी गिरफ्तारी व नशीले पदार्थ की बरामदगी अगले दिन दिल्ली से दिखाई गई है। 

आरोपी के अधिवक्ता की तरफ से ही मांग की गई कि उनके मुवक्किल के मोबाइल फोन की लोकेशन व फोन कॉल रिकार्ड को तलब किया जाए, ताकि सच सामने आ सके। मालूम हो कि आरोपी बीते तीन साल से न्यायिक हिरासत में है।

दिल्ली उच्च न्यायालय ने तीन साल पहले मादक पदार्थ मामले में गिरफ्तार किए गए व्यक्ति को जमानत पर रिहा करने के आदेश दिए। न्यायमूर्ति सुरेश कुमार कैत की पीठ ने इस मामले में सुनवाई करते हुए कहा कि उन्हें मामले की जांच में कुछ गड़बड़ी नजर आ रही है। पीठ ने कहा कि प्रथमदृष्टया ऐसा नजर आ रहा है कि आरोपी को फंसाया गया है। इसलिए आरोपी के घटना के समय के मोबाइल फोन के रिकॉर्ड व लोकेशन से इस मामले की तह तक जाने का प्रयास किया जाएगा।

हालांकि पीठ ने कहा कि इस मामले की मुख्य सुनवाई का इस प्रक्रिया का कोई असर नहीं पड़ेगा और ना ही पीठ का मकसद उस सुनवाई के बीच में हस्तक्षेप करना है। पीठ ने कहा कि वर्तमान हालात के हिसाब से आरोपी को जमानत दी जाती है। 

बता दें कि इस मामले में आरोपी को 11 अक्तूबर 2017 को दिल्ली पुलिस ने गिरफ्तार किया था। आरोपी के अधिवक्ता का दावा है कि उनके मुवक्किल को उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ से गिरफ्तार किया गया था। जबकि उसकी गिरफ्तारी व नशीले पदार्थ की बरामदगी अगले दिन दिल्ली से दिखाई गई है। 

आरोपी के अधिवक्ता की तरफ से ही मांग की गई कि उनके मुवक्किल के मोबाइल फोन की लोकेशन व फोन कॉल रिकार्ड को तलब किया जाए, ताकि सच सामने आ सके। मालूम हो कि आरोपी बीते तीन साल से न्यायिक हिरासत में है।



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