March 1, 2021

दिल्ली सरकार ने निगम कर्मियों को दिया 938 करोड़ का तोहफा, भाजपा निशाने पर


अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
Updated Fri, 15 Jan 2021 04:19 AM IST

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उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने बृहस्पतिवार को निगम कर्मचारियों को वेतन देने के लिए 938 करोड़ रुपये देने की घोषणा की। साथ ही भ्रष्टाचार का हवाला देते हुए उन्होंने कर्मचारियों से अपील की है कि जारी की गई राशि को वे अपनी नजर में रखें।

उन्होंने कहा कि निगम कर्मचारियों की पीड़ा देखकर मुख्यमंत्री के आदेश पर दिल्ली सरकार ने अन्य योजनाओं से निकालकर 938 करोड़ रुपये का इंतजाम किया है। पिछले 14 साल से निगम की सत्ता में भाजपा ने तीनों नगर निगम को दिवालिया बना दिया है।

यही वजह है कि उत्तरी निगम के बैंक खाते में सिर्फ 12 करोड़ और पूर्वी निगम के पास केवल 99 लाख बचे हैं। कहा कि निगम पर दिल्ली सरकार का 6,275 करोड़ बकाया है। निगम के पास कर्मचारियों को वेतन देने तक के पैसे नहीं हैं।

उन्होंने कहा कि खुद भाजपा के नेता मानते हैं कि निगम में काफी भ्रष्टाचार है। दिल्ली नगर निगम को केंद्र से 11,500 करोड़ रुपये मिलने चाहिए। वहीं, स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन ने कहा कि मुख्यमंत्री ने कर्मचारियों की तकलीफ को देखते हुए रुपयों का इंतजाम करने का आदेश दिया था। निगम में भ्रष्टाचार चरम पर है।

बकाया वेतन व पेंशन की मांग को लेकर पिछले आठ दिन से तीनों नगर निगम के कर्मचारी प्रदर्शन कर रहे हैं। इस वजह से दिल्ली की सफाई व्यवस्था से लेकर स्वास्थ्य व्यवस्था भी पूरी तरह चरमरा रही है।

उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने बृहस्पतिवार को निगम कर्मचारियों को वेतन देने के लिए 938 करोड़ रुपये देने की घोषणा की। साथ ही भ्रष्टाचार का हवाला देते हुए उन्होंने कर्मचारियों से अपील की है कि जारी की गई राशि को वे अपनी नजर में रखें।

उन्होंने कहा कि निगम कर्मचारियों की पीड़ा देखकर मुख्यमंत्री के आदेश पर दिल्ली सरकार ने अन्य योजनाओं से निकालकर 938 करोड़ रुपये का इंतजाम किया है। पिछले 14 साल से निगम की सत्ता में भाजपा ने तीनों नगर निगम को दिवालिया बना दिया है।

यही वजह है कि उत्तरी निगम के बैंक खाते में सिर्फ 12 करोड़ और पूर्वी निगम के पास केवल 99 लाख बचे हैं। कहा कि निगम पर दिल्ली सरकार का 6,275 करोड़ बकाया है। निगम के पास कर्मचारियों को वेतन देने तक के पैसे नहीं हैं।

उन्होंने कहा कि खुद भाजपा के नेता मानते हैं कि निगम में काफी भ्रष्टाचार है। दिल्ली नगर निगम को केंद्र से 11,500 करोड़ रुपये मिलने चाहिए। वहीं, स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन ने कहा कि मुख्यमंत्री ने कर्मचारियों की तकलीफ को देखते हुए रुपयों का इंतजाम करने का आदेश दिया था। निगम में भ्रष्टाचार चरम पर है।

बकाया वेतन व पेंशन की मांग को लेकर पिछले आठ दिन से तीनों नगर निगम के कर्मचारी प्रदर्शन कर रहे हैं। इस वजह से दिल्ली की सफाई व्यवस्था से लेकर स्वास्थ्य व्यवस्था भी पूरी तरह चरमरा रही है।



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