March 1, 2021

दिल्ली में इस सप्ताह सताएगी कड़ाके की ठंड, पहाड़ों पर बर्फबारी खत्म, शीतहलर से आफत


राजधानी वासियों को इस सप्ताह तक कड़ाके की ठंड से राहत मिलने वाली नहीं है। समूचा उत्तर भारत इस समय शीतलहर की चपेट में है। इस वजह से इस सप्ताह शीत हवाएं रात के साथ-साथ दोपहर में भी ठिठुरन बढ़ाने में सहयोग करेगी।

मौसम विभाग के अनुसार, बुधवार को राजधानी का न्यूनतम तापमान सामान्य से चार कम 3.2 डिग्री सेल्सियस वहीं, अधिकतम तापमान सामान्य से एक कम 18.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। पिछले 24 घंटे में हवा में नमी का अधिकतम स्तर 100 और न्यूनतम 57 फ़ीसदी रहा।  

इसके अलावा दिल्ली का लोधी रोड इलाका तीन डिग्री सेल्सियस के न्यूनतम तापमान के साथ सबसे ठंडा रहा। वहीं, जफरपुर में न्यूनतम तापमान 3.3 डिग्री सेल्सियस, आया नगर में 4.8 डिग्री सेल्सियस व पालम में 4.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

स्काईमेट वेदर के प्रमुख मौसम विज्ञानी महेश पलावत के अनुसार, इस सप्ताह तक दिल्ली वासियों को ठंड से राहत नहीं मिलेगी। न्यूनतम तापमान के साथ दिन के तापमान में भी कमी दर्ज की जाएगी। इस वजह से दोपहर में भी सर्दी का एहसास रहेगा।

 एक सप्ताह के बाद न्यूनतम तापमान छह से सात डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है। पलावत के अनुसार, पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता खत्म होने की वजह से पहाड़ों पर बर्फबारी का दौर खत्म हो चुका है। उत्तर पश्चिम दिशा से आने वाली ठंडी हवाएं दिल्ली में जनवरी की सर्दी का एहसास कराने का तैयार हैं। 

गौरतलब है कि एक दिन पहले ही मौसम विभाग ने शीतलहर को देखते हुए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इस दौरान मैदानी इलाकों में न्यूनतम तापमान के सामान्य से दो से पांच डिग्री सेल्सियस तक नीचे जाने की आशंका बताई गई है। मौसम विभाग के अनुसार, आगामी दिनों में चार दिन तक पड़ोसी राज्यों के साथ साथ दिल्ली में भीषण शीतलहर चलेगी। साथ ही तापमान में गिरावट होने की वजह से सुबह के समय धुंध भी परेशानी बढ़ाएगी।

बहुत खराब श्रेणी में पहुंची दिल्ली- एनसीआर की हवा
दिल्ली- एनसीआर की हवा बुधवार को बहुत खराब श्रेणी में दर्ज की गई। इसमें गाजियाबाद और ग्रेटर नोएडा की हवा बहुत खराब श्रेणी के उच्चतम स्तर में दर्ज की गई है। इस सप्ताह दिल्ली- एनसीआर की हवा और खराब होकर गंभीर श्रेणी में पहुंचने की संभावना है।

केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड  (सीपीसीबी) के अनुसार, बुधवार को राजधानी का औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक 354 दर्ज किया गया। एनसीआर में शामिल गाजियाबाद का 388 और ग्रेटर नोएडा का 398 रहा। 

सफर के अनुसार, तापमान और हवा की रफ्तार कम होने की वजह से दिल्ली- एनसीआर की हवा बिगड़ी है। इस सप्ताह हवा की स्थिति बहुत खराब से गंभीर श्रेणी में पहुंचने की संभावना है। पिछले 24 घंटों में प्रदूषण के लिए जिम्मेदार तत्व पीएम10 का स्तर 298 और पीएम 2.5 का स्तर 180 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर दर्ज किया गया जबकि पीएम10 का स्तर 100 से कम और पीएम 2.5 का स्तर 60 से कम होने पर सुरक्षित माना जाता है।

दिल्ली- एनसीआर के आंकड़े
दिल्ली 354
फरीदाबाद 367
गाजियाबाद 388
ग्रेटर नोएडा 398
गुरुग्राम 276
नोएडा 348



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