March 7, 2021

दिल्ली: कोरोना काल में भी नहीं रुकेंगे बच्चों की पढ़ाई, पाठ्य पुस्तक के लिए सरकार ने मंजूर किए 64.37 करोड़ रुपये


अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
Updated Tue, 12 Jan 2021 09:53 PM IST

दिल्ली सरकार ने कैबिनेट बैठक में लिए फैसले (फाइल फोटो)
– फोटो : एएनआई

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दिल्ली कैबिनेट ने सरकारी भूमि पर बने मान्यता प्राप्त निजी स्कूलों के फीस बढ़ाने के प्रस्ताव की जांच करने के लिए एनआईसीएसआई नामांकित प्रतिष्ठित चार्टेड अकाउंटेंट्स की दो फर्मों को लेकर पीएमयू (परियोजना प्रबंधन इकाई) स्थापित करने की मंजूरी दी है। इससे सत्र 2018-19 और 2019-21 के लिए स्कूलों की ओर से फीस बढ़ोतरी के प्रस्ताव को जल्दी निपटारा करने में मदद मिलेगी। इसके साथ ही सरकारी और सरकारी सहायता प्राप्त स्कूलों के लिए 11 लाख छात्रों को पुस्तक और लेखन सामग्री के नकद अनुदान के लिए 64.37 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं।

मंगलवार को दिल्ली कैबिनेट ने शिक्षा से संबंधित वित्तीय प्रावधानों समेत कई जरूरी प्रस्तावों को मंजूरी प्रदान की है। इसमें सरकारी और वित्तीय सहायता प्राप्त स्कूलों के छात्रों को डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर के माध्यम से पाठ्यपुस्तकों और लेखन सामग्री के लिए धनराशि भेजना शामिल है। हर साल दिल्ली सरकार के शिक्षा निदेशालय द्वारा सरकारी और सहायता प्राप्त स्कूलों के पहली से आठवीं कक्षा तक के छात्रों को डीबीटी के माध्यम से पाठ्यपुस्तकें और आर्थिक सहायता दी जाती है। कक्षा 9 से 12 तक के छात्रों को पुस्तकों और लेखन सामग्री के लिए धनराशि दी जाती है। इस वर्ष के लिए दिल्ली सरकार ने सरकारी और सहायता प्राप्त स्कूलों के छात्रों के लिए 64.37 करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता की मंजूरी दी है।

इसके अलावा दिल्ली सरकार की पाठ्यपुस्तक और सामग्री के निशुल्क वितरण 2020-2021 योजना के तहत 30.05 करोड़ रुपये की अतिरिक्त आवर्ती राशि का आवंटन भी किया गया है। इसके तहत दिल्ली ब्यूरो ऑफ टेक्स्ट बुक द्वारा सरकारी और सहायता प्राप्त स्कूलों को सहायक सामग्री, कार्यपुस्तिकाएं, मानसिक गणित सामग्री, नर्सरी और केजी की वर्कबुक तथा शिक्षक डायरी की आपूर्ति की जा सकेगी।

दिल्ली के उपमुख्यमंत्री एवं शिक्षा मंत्री मनीष सिसोदिया ने कहा कि सरकार कोरोना महामारी के कठिन समय में बच्चों की शिक्षा में आ रही प्रत्येक कठिनाई को दूर करने के प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि अब छात्र वित्तीय सहायता के जरिए अध्ययन सामग्री और पाठ्यपुस्तकें खरीद कर अपनी पढ़ाई से जुड़े रहेंगे।



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