March 7, 2021

दिल्लीः चांदनी चौक में मंदिर पर चलाया बुलडोजर, इलाके में तनाव


अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
Updated Mon, 04 Jan 2021 07:03 AM IST

कार्रवाई के बाद मंदिर में बढ़ाई गई सुरक्षा…
– फोटो : amar ujala

पढ़ें अमर उजाला ई-पेपर
कहीं भी, कभी भी।

*Yearly subscription for just ₹299 Limited Period Offer. HURRY UP!

ख़बर सुनें

चांदनी चौक में स्थित प्राचीन हनुमान मंदिर पर रविवार को सुबह चार बजे प्रशासन ने अपना बुलडोजर चला दिया। इस तरह अचानक रात के अंधेरे में की गई मंदिर तोड़े जाने की इस कार्यवाही से क्षेत्र में तनाव पैदा हो गया। दिल्ली पुलिस ने पूरे इलाके में जबरदस्त बैरिकेडिंग कर रखी थी।

चांदनी चौक आने जाने के सभी रास्तों को सील कर दिया गया था। इसके बावजूद मौके पर पहुंचे कई हिंदू संगठनों ने इस तरह से मंदिर तोड़ने के पीछे दिल्ली सरकार को जिम्मेदार ठहराया और सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। मौके पर भारी संख्या में दिल्ली पुलिस के जवान और आरएएफ की कई कंपनियां तैनात थीं। चांदनी चौक इलाके में रविवार को पूरा दिन तनावपूर्ण स्थिति बनी हुई थी।

दिल्ली हाईकोर्ट के आदेशानुसार चांदनी चौक में स्थित इस प्राचीन हनुमान मंदिर को तोड़ने की कार्यवाही की गई है। दिल्ली हाईकोर्ट ने ही महीने भर पहले उत्तरी दिल्ली नगर निगम को मौके से मंदिर को हटाने का निर्देश दिया था। इसके अलावा इस मामले पर दिल्ली सरकार की राय भी मांगी थी। जिसके बाद हिंदूवादी संगठनों की ओर से लगातार दिल्ली सरकार से आग्रह किया जा रहा था कि वह मंदिर को बचाने के लिए कोर्ट में याचिका दायर करे। 

इस मामले में बात करने के लिए हिंदू संगठनों ने जब भी मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल से मिलना चाहा तो उन्होंने मुलाकात नहीं की। इस बात से नाराज हिंदू संगठनों ने कहा कि मंदिर टूटने के लिए दिल्ली सरकार प्रमुख तौर से जिम्मेदार है। चांदनी चौक के सुंदरीकरण का कार्य दिल्ली सरकार की देखरेख में चल रहा है। 

दिल्ली सरकार नहीं चाहती थी कि यहां पर यह हनुमान मंदिर रहे। इस मामले में रविवार को देर शाम विश्व हिंदू परिषद (विहिप) इंद्रप्रस्थ कार्यालय की ओर से दिल्ली सरकार को एक ज्ञापन सौंपा गया है।

विहिप ने मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को भेजे इस ज्ञापन में कहा है कि वह मंदिर तोड़ने वाले अधिकारियों पर सख्त से सख्त कार्रवाई करें और तोड़े गए हनुमान मंदिर की जगह पर फिर से मंदिर निर्माण करवाएं। ऐसा नहीं हुआ तो हिंदूवादी संगठन दिल्ली सरकार के खिलाफ आंदोलन करने को मजबूर होंगे।

चांदनी चौक में स्थित प्राचीन हनुमान मंदिर पर रविवार को सुबह चार बजे प्रशासन ने अपना बुलडोजर चला दिया। इस तरह अचानक रात के अंधेरे में की गई मंदिर तोड़े जाने की इस कार्यवाही से क्षेत्र में तनाव पैदा हो गया। दिल्ली पुलिस ने पूरे इलाके में जबरदस्त बैरिकेडिंग कर रखी थी।

चांदनी चौक आने जाने के सभी रास्तों को सील कर दिया गया था। इसके बावजूद मौके पर पहुंचे कई हिंदू संगठनों ने इस तरह से मंदिर तोड़ने के पीछे दिल्ली सरकार को जिम्मेदार ठहराया और सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। मौके पर भारी संख्या में दिल्ली पुलिस के जवान और आरएएफ की कई कंपनियां तैनात थीं। चांदनी चौक इलाके में रविवार को पूरा दिन तनावपूर्ण स्थिति बनी हुई थी।

दिल्ली हाईकोर्ट के आदेशानुसार चांदनी चौक में स्थित इस प्राचीन हनुमान मंदिर को तोड़ने की कार्यवाही की गई है। दिल्ली हाईकोर्ट ने ही महीने भर पहले उत्तरी दिल्ली नगर निगम को मौके से मंदिर को हटाने का निर्देश दिया था। इसके अलावा इस मामले पर दिल्ली सरकार की राय भी मांगी थी। जिसके बाद हिंदूवादी संगठनों की ओर से लगातार दिल्ली सरकार से आग्रह किया जा रहा था कि वह मंदिर को बचाने के लिए कोर्ट में याचिका दायर करे। 

इस मामले में बात करने के लिए हिंदू संगठनों ने जब भी मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल से मिलना चाहा तो उन्होंने मुलाकात नहीं की। इस बात से नाराज हिंदू संगठनों ने कहा कि मंदिर टूटने के लिए दिल्ली सरकार प्रमुख तौर से जिम्मेदार है। चांदनी चौक के सुंदरीकरण का कार्य दिल्ली सरकार की देखरेख में चल रहा है। 

दिल्ली सरकार नहीं चाहती थी कि यहां पर यह हनुमान मंदिर रहे। इस मामले में रविवार को देर शाम विश्व हिंदू परिषद (विहिप) इंद्रप्रस्थ कार्यालय की ओर से दिल्ली सरकार को एक ज्ञापन सौंपा गया है।

विहिप ने मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को भेजे इस ज्ञापन में कहा है कि वह मंदिर तोड़ने वाले अधिकारियों पर सख्त से सख्त कार्रवाई करें और तोड़े गए हनुमान मंदिर की जगह पर फिर से मंदिर निर्माण करवाएं। ऐसा नहीं हुआ तो हिंदूवादी संगठन दिल्ली सरकार के खिलाफ आंदोलन करने को मजबूर होंगे।



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You may have missed