March 9, 2021

दिल्लीः अब संजय झील और जसोला पार्क में मृत मिले बत्तख-कौवे, मयूर विहार में हो चुकी है 200 से ज्यादा कौवों की मौत


पार्क को सैनिटाइज करता कर्मी और संजय झील में मृत बतख व जसोला पार्क में बीमार कौवा
– फोटो : अमर उजाला

पढ़ें अमर उजाला ई-पेपर
कहीं भी, कभी भी।

*Yearly subscription for just ₹299 Limited Period Offer. HURRY UP!

ख़बर सुनें

देश के कई राज्यों में बर्ड फ्लू की पुष्टि होने के बाद अब दिल्ली और छत्तीसगढ़ में भी इसके फैलने का खतरा मंडरा रहा है। दिल्ली मयूर विहार फेज 3 पार्क और हस्तसाल इलाके के डीडीए पार्क में कई पक्षी और कौवों के मरने की खबर के बाद अब संजय झील में भी बत्तखों के मरने की बात सामने आ रही है। संजय झील में शनिवार को 10 बत्तख मृत पाई गईं हैं। वहीं जसोला पार्क में भी करीब 26 कौवों के मृत पाए जाने की खबर है। इस सूचना के बाद वेटनरी डॉक्टर्स की टीम सैंपल लेने के लिए संजय झील और जसोला पार्क पहुंची और सैंपल को जांच के लिए भेज रही है।

पशु पालन विभाग अधिकारी डॉ. अरुण कुमार ने बताया कि हमने मृत पक्षियों के सैंपल ले लिए जिसे लैब में जांच के लिए भेजेंगे। हमारे स्टाफ पीपीई किट पहनकर ही पक्षियों को दफनाते हैं। हम उस स्थल पर तुरंत पहुंचते हैं जहां समस्या आती है। गौरतलब है कि आधिकारिक आंकड़ों में तो मयूर विहार में 20 कौवे मरे हैं लेकिन स्थानीय निवासियों के अनुसार यह संख्या 200 के पार पहुंच चुकी है।
 

एक सप्ताह से मर रहे थे कौवे, शुक्रवार को पहुंची विशेषज्ञों की टीम 
मयूर विहार के सेंट्रल पार्क में मृत कौवों के मिलने की घटना में लापरवाही का मामला भी सामने आया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि कौवों के मरने की घटना पिछले एक सप्ताह से हो रही है। इसकी शिकायत भी स्थानीय प्रशासन से आम लोगों ने की थी।

बावजूद इसके अधिकारी शुक्रवार को मौके पर पहुंच सके। दूसरी तरफ कौवों की मौत व बर्ड फ्लू की आशंका के बीच शुक्रवार को गाजीपुर मंडी में भी निगरानी के लिए पांच सदस्यीय विशेषज्ञ समिति का गठन किया गया। कमेटी बाजार में होने वाली गतिविधियों पर नजर रखेगी।

मयूर विहार फेज-तीन में स्थानीय लोगों ने बताया कि पार्क में कौवों की संख्या अधिक होने के कारण इस पार्क को कौवा वाला पार्क कहा जाता है। पिछले एक सप्ताह से पार्क में कौवे की मौतें हो रही हैं। इससे लोगों ने बर्ड फ्लू फैलने की आंशका जताई। इसे देखते हुए पार्क को करीब एक सप्ताह पहले ही बंद कर दिया गया। रोजाना सैर करने वाले वाले इस वक्त पार्क में नहीं आते हैं।

स्थानीय निवासी मयंक श्रीवास्तव के अनुसार, प्रतिदिन सुबह यहां मृत कौवे मिल रहे हैं। इसको देखते हुए पार्क के कर्मचारियों को भी शिकायत की गई थी। मयंक का दावा है कि अभी तक करीब 200 कौवे मर चुके हैं। इनको पार्क में ही एक किनारे पर दफना दिया गया है। दूसरी तरफ पार्क के माली मनीष कुमार ने बताया कि कौवों के मरने की जानकारी निगम प्रशासन को दी गई है। साथ ही यह भी बताया गया है कि कौवों को कहां दफनाया गया है।

स्थानीय पार्षद जुगनू चौधरी का कहना है कि उनको एक दिन पहले बृहस्पतिवार रात में कौवों की मौत की सूचना मिली थी। इसके बाद अगले दिन शुक्रवार की सुबह डॉक्टरों की टीम के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने कहा कि मृत कौवों को सैंपलिंग के लिए भिजवा दिया गया है। जबकि पार्क में लोगों का प्रवेश भी वर्जित है।

आसपास के इलाके में भय का माहौल
पार्क में कौवों के मृत मिलने के बाद पार्क के आसपास के इलाके में भय का माहौल है। पार्क के इर्द-गिर्द रहने वाले लोगों में बर्ड फ्लू का भय बना हुआ है। स्थानीय निवासी राहुल चौधरी के मुताबिक, वह पहले प्रतिदिन पार्क में घूमने पहुंचते थे, लेकिन इस घटना के बाद से उनके मन में भय बैठ गया है। यही वजह है कि पिछले तीन-चार दिनों से वह पार्क में नहीं आ रहे हैं। वहीं, पार्क के बाहर भी पटरी किनारे दुकान लगाने वाले दुकानदारों में भी भय का माहौल है। स्थानीय दुकानदार प्रवीण के मुताबिक, वह काफी समय से पार्क के बाहर ठेला लगा रहे हैं, लेकिन इस घटना के बाद से उनके मन में भी बर्ड फ्लू भय बन चुका है।

गाजीपुर मंडी में निगरानी के लिए कमेटी का गठन
मयूर विहार की घटना को देखते हुए गाजीपुर मंडी में एहतियातन पांच सदस्यीय निगरानी कमेटी गठन किया गया है। इसमें पॉल्ट्री मार्केट एसोसिएशन के पांच लोग शामिल हैं। कमेटी ने शुक्रवार से अपना काम भी शुरू कर दिया है। मार्केट एसोसिएशन के महासचिव मोहम्मद सलीम ने कहा कि घटना को देखते हुए एसोसिएशन ने अपने स्तर पर कमेटी का गठन किया है। अब मार्केट में कमेटी के सदस्य घूमकर कड़ी निगरानी रखेंगे और जिस पक्षी में बीमार होने के लक्षण पाए जाएंगे। मौके पर डॉक्टर को बुलाकर जांच की जाएगी। उन्होंने बताया कि शुक्रवार को भी करीब 20 पक्षियों की सैंपलिंग की गई है। सैंपल को जालंधर भेजा गया है। अब तक की गई सिंपली का नतीजा सोमवार तक आने की संभावना है। इसके बाद आगे की रणनीति तय की जाएगी।

दिल्ली चिड़ियाघर में अलर्ट
 मयूर विहार के मामले को देखते हुए दिल्ली चिड़ियाघर में भी अलर्ट है। विशेषकर पक्षियों के तालाब के आसपास कीटनाशक दवाइयों का छिड़काव किया जा रहा है। चिड़ियाघर के एक अधिकारी के अनुसार, चिड़ियाघर में अभी तक किसी पक्षी में बर्ड फ्लू के लक्षण नहीं मिले हैं। वहीं, विशेषकर प्रवासी पक्षियों पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है। इसके लिए डॉक्टरों की टीम भी चिड़ियाघर में मौके पर तैनात है। किसी भी पक्षी में हल्की से लक्षण पाए जाने पर डॉक्टरों की टीम जांच के लिए तैयार रहेगी।

देश के कई राज्यों में बर्ड फ्लू की पुष्टि होने के बाद अब दिल्ली और छत्तीसगढ़ में भी इसके फैलने का खतरा मंडरा रहा है। दिल्ली मयूर विहार फेज 3 पार्क और हस्तसाल इलाके के डीडीए पार्क में कई पक्षी और कौवों के मरने की खबर के बाद अब संजय झील में भी बत्तखों के मरने की बात सामने आ रही है। संजय झील में शनिवार को 10 बत्तख मृत पाई गईं हैं। वहीं जसोला पार्क में भी करीब 26 कौवों के मृत पाए जाने की खबर है। इस सूचना के बाद वेटनरी डॉक्टर्स की टीम सैंपल लेने के लिए संजय झील और जसोला पार्क पहुंची और सैंपल को जांच के लिए भेज रही है।

पशु पालन विभाग अधिकारी डॉ. अरुण कुमार ने बताया कि हमने मृत पक्षियों के सैंपल ले लिए जिसे लैब में जांच के लिए भेजेंगे। हमारे स्टाफ पीपीई किट पहनकर ही पक्षियों को दफनाते हैं। हम उस स्थल पर तुरंत पहुंचते हैं जहां समस्या आती है। गौरतलब है कि आधिकारिक आंकड़ों में तो मयूर विहार में 20 कौवे मरे हैं लेकिन स्थानीय निवासियों के अनुसार यह संख्या 200 के पार पहुंच चुकी है।

 

एक सप्ताह से मर रहे थे कौवे, शुक्रवार को पहुंची विशेषज्ञों की टीम 

मयूर विहार के सेंट्रल पार्क में मृत कौवों के मिलने की घटना में लापरवाही का मामला भी सामने आया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि कौवों के मरने की घटना पिछले एक सप्ताह से हो रही है। इसकी शिकायत भी स्थानीय प्रशासन से आम लोगों ने की थी।

बावजूद इसके अधिकारी शुक्रवार को मौके पर पहुंच सके। दूसरी तरफ कौवों की मौत व बर्ड फ्लू की आशंका के बीच शुक्रवार को गाजीपुर मंडी में भी निगरानी के लिए पांच सदस्यीय विशेषज्ञ समिति का गठन किया गया। कमेटी बाजार में होने वाली गतिविधियों पर नजर रखेगी।

मयूर विहार फेज-तीन में स्थानीय लोगों ने बताया कि पार्क में कौवों की संख्या अधिक होने के कारण इस पार्क को कौवा वाला पार्क कहा जाता है। पिछले एक सप्ताह से पार्क में कौवे की मौतें हो रही हैं। इससे लोगों ने बर्ड फ्लू फैलने की आंशका जताई। इसे देखते हुए पार्क को करीब एक सप्ताह पहले ही बंद कर दिया गया। रोजाना सैर करने वाले वाले इस वक्त पार्क में नहीं आते हैं।

स्थानीय निवासी मयंक श्रीवास्तव के अनुसार, प्रतिदिन सुबह यहां मृत कौवे मिल रहे हैं। इसको देखते हुए पार्क के कर्मचारियों को भी शिकायत की गई थी। मयंक का दावा है कि अभी तक करीब 200 कौवे मर चुके हैं। इनको पार्क में ही एक किनारे पर दफना दिया गया है। दूसरी तरफ पार्क के माली मनीष कुमार ने बताया कि कौवों के मरने की जानकारी निगम प्रशासन को दी गई है। साथ ही यह भी बताया गया है कि कौवों को कहां दफनाया गया है।


आगे पढ़ें

निगम पार्षद को एक दिन पहले मिली सूचना





Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *