February 25, 2021

जालसाजी में आरोपी की पत्नी और मां भी शामिल, फर्जी कागजात के जरिए बैंक को 2.83 करोड़ का चूना लगाने वाला गिरफ्तार 


आरोपी दीपक मल्होत्रा
– फोटो : अमर उजाला

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आर्थिक अपराध शाखा ने फर्जी कागजात के जरिए सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया को 2.83 करोड़ रुपए का चूना लगाने वाले आरोपी को गिरफ्तार किया है। फर्जीवाड़े के मामले में आरोपी की मां और पत्नी भी शामिल है। आरोपी पर फर्जीवाड़े के कई अन्य मामले दर्ज हैं।

शाखा के संयुक्त आयुक्त ओ पी मिश्रा ने बताया कि आरोपी की पहचान करोलबाग निवासी दीपक मल्होत्रा के रूप में हुई है। आनंद पर्वत स्थित सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया के चीफ मैनेजर ने वर्ष 2018 में शाखा में फर्जीवाड़ा की शिकायत की। जिसमें बताया कि दीपक और उसकी मां वर्ष 2012 में एक कंपनी चलाने की बात कहकर बैंक से 225 लाख का लोन लिया।

इसके लिए उन्होंने करोलबाग के एक प्रॉपर्टी को गिरवी रखा। कुछ दिन बाद आरोपी अपनी मां और पत्नी के साथ मिलकर बैंक से सेंट मॉर्टगेज स्कीम के तहत 43 लाख और उसकी मां ने करोलबाग की एक प्रॉपर्टी गिरवी रख कर 58 लाख का लोन लिया।

वर्ष 2016 में बैंक ने आंतरिक जांच की तो पता चला कि दीपक की ओर से बैंक को दिये बलैंस सीट नकली है। और छानबीन करने पर पता चला कि दीपक कोई कंपनी नहीं चलाता है। साथ ही पता चला कि उसकी मां के प्रॉपर्टी के कागजात भी फर्जी है। उसके बाद आरोपियों के खिलाफ शाखा में शिकायत की गई।

पुलिस ने छानबीन कर वर्ष 2018 में मामला दर्ज कर लिया। जांच में पता चला कि जिस प्रॉपर्टी को गिरवी रख कर लोन लिया गया है उसे कई लोगों को बेचकर ठगी की गयी है। साथ ही पता चला कि लोन लिये गये राशि को अपने काम के लिए इस्तेमाल किया गया है। लोन के नियम के विरुद्ध नकदी भी निकले गए हैं। साथ ही पुलिस को पता चला कि आरोपियों के खिलाफ इसी तरह से ठगी करने के कई मामले दर्ज है।
शाखा की टीम लगातार आरोपी की गिरफ्तारी के लिए दबिश दे रही थी, लेकिन वह लगातार अपना ठिकाना बदल रहा था। पुलिस को 30 दिसंबर को सूचना मिली कि वह घर के पास ही एक होटल में ठहरा हुआ है। जहां से पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। पुलिस उसे दो दिन के रिमांड पर लेकर उससे पूछताछ कर रही है।

आर्थिक अपराध शाखा ने फर्जी कागजात के जरिए सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया को 2.83 करोड़ रुपए का चूना लगाने वाले आरोपी को गिरफ्तार किया है। फर्जीवाड़े के मामले में आरोपी की मां और पत्नी भी शामिल है। आरोपी पर फर्जीवाड़े के कई अन्य मामले दर्ज हैं।

शाखा के संयुक्त आयुक्त ओ पी मिश्रा ने बताया कि आरोपी की पहचान करोलबाग निवासी दीपक मल्होत्रा के रूप में हुई है। आनंद पर्वत स्थित सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया के चीफ मैनेजर ने वर्ष 2018 में शाखा में फर्जीवाड़ा की शिकायत की। जिसमें बताया कि दीपक और उसकी मां वर्ष 2012 में एक कंपनी चलाने की बात कहकर बैंक से 225 लाख का लोन लिया।

इसके लिए उन्होंने करोलबाग के एक प्रॉपर्टी को गिरवी रखा। कुछ दिन बाद आरोपी अपनी मां और पत्नी के साथ मिलकर बैंक से सेंट मॉर्टगेज स्कीम के तहत 43 लाख और उसकी मां ने करोलबाग की एक प्रॉपर्टी गिरवी रख कर 58 लाख का लोन लिया।

वर्ष 2016 में बैंक ने आंतरिक जांच की तो पता चला कि दीपक की ओर से बैंक को दिये बलैंस सीट नकली है। और छानबीन करने पर पता चला कि दीपक कोई कंपनी नहीं चलाता है। साथ ही पता चला कि उसकी मां के प्रॉपर्टी के कागजात भी फर्जी है। उसके बाद आरोपियों के खिलाफ शाखा में शिकायत की गई।

पुलिस ने छानबीन कर वर्ष 2018 में मामला दर्ज कर लिया। जांच में पता चला कि जिस प्रॉपर्टी को गिरवी रख कर लोन लिया गया है उसे कई लोगों को बेचकर ठगी की गयी है। साथ ही पता चला कि लोन लिये गये राशि को अपने काम के लिए इस्तेमाल किया गया है। लोन के नियम के विरुद्ध नकदी भी निकले गए हैं। साथ ही पुलिस को पता चला कि आरोपियों के खिलाफ इसी तरह से ठगी करने के कई मामले दर्ज है।

शाखा की टीम लगातार आरोपी की गिरफ्तारी के लिए दबिश दे रही थी, लेकिन वह लगातार अपना ठिकाना बदल रहा था। पुलिस को 30 दिसंबर को सूचना मिली कि वह घर के पास ही एक होटल में ठहरा हुआ है। जहां से पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। पुलिस उसे दो दिन के रिमांड पर लेकर उससे पूछताछ कर रही है।



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