February 25, 2021

जज ने व्यक्तिगत कारणों से व्हाट्सएप की नई निजता नीति को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई से किया इनकार


अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
Updated Fri, 15 Jan 2021 06:28 PM IST

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न्यायमूर्ति प्रतिभा एम सिंह ने व्यक्तिगत कारणों से व्हाट्सएप की नई निजता नीति के खिलाफ दायर याचिका पर सुनवाई से इंकार कर दिया। उन्होंने याचिका को मुख्य न्यायाधीश के पास भेज दिया ताकि मामले की सुनवाई दूसरी पीठ के पास भेजा जा सके।

न्यायमूर्ति प्रतिभा सिंह ने याचिका पर सुनवाई शुरू होते ही कहा कि वे व्यक्तिगत कारणों से याचिका पर सुनवाई नहीं कर पाएंगी। अब याचिका पर दूसरी पीठ के पास 18 जनवरी को सुनवाई होगी।

अधिवक्ता चैतन्या रोहिल्ला ने दायर याचिका में तत्काल प्रभाव से व्हाट्सएप की नई निजता नीति पर रोक लगाने की मांग की है। याचिका में न्यायालय से व्हाट्सएप द्वारा गोपनीयता नीति में किसी भी तरह का बदलाव करते समय लोगों के मौलिक और निजी अधिकारों का रक्षा करने और इसके किसी भी तरह की अनदेखी नहीं करने का निर्देश देने का आग्रह किया है।

इतना ही नहीं उन्होंने तर्क रखा कि याचिका में व्हाट्सएप की नई निजता नीति से न सिर्फ करोड़ों लोगों के निजता के अधिकार का हनन होगा बल्कि इससे राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए भी खतरा होने का दावा किया है।

अधिवक्ता रोहिल्ला ने याचिका में कहा है कि व्हाट्सएप की नई नीति कंपनी को वास्तव में लोगों के 360 डिग्री प्रोफाइल यानी इसमें दी गई सभी तरह की जानकारी लेने का अधिकार देती है। व्हाट्सएप ने 4 जनवरी को नई निजता नीति को घोषित किया है और इसके तहत सभी यूजर्स को इसे 8 फरवरी तक स्वीकार करना है।

न्यायमूर्ति प्रतिभा एम सिंह ने व्यक्तिगत कारणों से व्हाट्सएप की नई निजता नीति के खिलाफ दायर याचिका पर सुनवाई से इंकार कर दिया। उन्होंने याचिका को मुख्य न्यायाधीश के पास भेज दिया ताकि मामले की सुनवाई दूसरी पीठ के पास भेजा जा सके।

न्यायमूर्ति प्रतिभा सिंह ने याचिका पर सुनवाई शुरू होते ही कहा कि वे व्यक्तिगत कारणों से याचिका पर सुनवाई नहीं कर पाएंगी। अब याचिका पर दूसरी पीठ के पास 18 जनवरी को सुनवाई होगी।

अधिवक्ता चैतन्या रोहिल्ला ने दायर याचिका में तत्काल प्रभाव से व्हाट्सएप की नई निजता नीति पर रोक लगाने की मांग की है। याचिका में न्यायालय से व्हाट्सएप द्वारा गोपनीयता नीति में किसी भी तरह का बदलाव करते समय लोगों के मौलिक और निजी अधिकारों का रक्षा करने और इसके किसी भी तरह की अनदेखी नहीं करने का निर्देश देने का आग्रह किया है।

इतना ही नहीं उन्होंने तर्क रखा कि याचिका में व्हाट्सएप की नई निजता नीति से न सिर्फ करोड़ों लोगों के निजता के अधिकार का हनन होगा बल्कि इससे राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए भी खतरा होने का दावा किया है।

अधिवक्ता रोहिल्ला ने याचिका में कहा है कि व्हाट्सएप की नई नीति कंपनी को वास्तव में लोगों के 360 डिग्री प्रोफाइल यानी इसमें दी गई सभी तरह की जानकारी लेने का अधिकार देती है। व्हाट्सएप ने 4 जनवरी को नई निजता नीति को घोषित किया है और इसके तहत सभी यूजर्स को इसे 8 फरवरी तक स्वीकार करना है।



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