February 26, 2021

खास खबर: आधे स्वास्थ्यकर्मी भी नहीं ले रहे टीके की दूसरी खुराक, विशेषज्ञों बोले, सही प्रभाव के लिए दोनों लेना जरूरी


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राजधानी में एक सप्ताह पहले कोरोना वैक्सीन की दूसरी डोज लगने की शुरुआत हो चुकी है। जिन स्वास्थ्यकर्मियों को पहली खुराक लग चुकी थी। उनको अपने तय दिन के हिसाब से दूसरी डोज भी लेनी थी, लेकिन अभी तक 50 फीसदी कर्मचारियों ने भी दूसरी खुराक नहीं ली है। विशेषज्ञों का कहना है कि कोरोना वैक्सीन की दोनों डोज लेनी चाहिए। अगर कोई पहला डोज लगवाता है, तो दूसरा भी लगवाना चाहिए, ताकि कोरोना के खिलाफ इलाज पूरा हो और इम्युनिटी बन सके। दोनों खुराक लेने के बाद ही टीकाकरण पूर्ण माना जाएगा।

दिल्ली में 16 जनवरी से टिकाकरण शुरू हुआ था, जबकि, 13 फरवरी से वैक्सीन की दूसरी खुराक भी लगनी शुरू हो गई थी। स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार अब तक कुल 53,316 स्वास्थ्य कर्मचारियों को दूसरी खुराक लगाई जानी थी, लेकिन सिर्फ 24,403 ने ही दूसरी डोज लगवाई है। ऐसे में सवाल उठता है कि बिना दूसरी खुराक लिए टिकाकरण पूर्ण कैसे होगा।अपोलो अस्पताल के डॉक्टर प्रवीण कुमार बताते है कि 28 दिनों क अंतराल के बाद ही दूसरी खुराक को ले लेना चाहिए। अगर यह संभव नहीं है, तो पहली खुराक के छह सप्ताह या 42 दिन बाद तक दूसरी खुराक ली जा सकती है। , लेकिन 28 दिनों के समय से देर करने पर टीकों का कितना असर होगा, इसके बारे में बहुत स्पष्ट नहीं कहा जा सकता है। इसलिए जरूरी है कि पहली डोज लेने के बाद दूसरी खुराक भी लगवानी चाहिए। दोनो खुराक लेने के बाद ही टिकाकरण को पूर्ण माना जाता है। राजीव गांधी अस्पताल के डॉक्टर अजीत जैन के मुताबिक, टीके की दूसरी खुराक लेने के दो सप्ताह बाद शरीर मे संक्रमण के खिलाफ एंटीबॉडी बनने लगती है। अगर दूसरी डोज न ली जाए तो एंटीबाडी बनने की संभावना कम होती है।

स्वास्थ्य विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि पिछले कुछ दिन से टीकाकरण में तेजी आई है लेकिन इसके लिए फ्रंटलाइन वर्कर जिम्मेदार हैं। अकेले स्वास्थ्य कर्मचारियों की बात करें तो जमीनी स्तर पर समस्याएं दिख रही हैं जिन्हें दूर भी किया जा रहा है लेकिन फ्रंटलाइन वर्कर और स्वास्थ्य कर्मचारियों को मिलाकर देखें तो दिल्ली में पिछले माह जनवरी की तुलना में अब करीब दोगुना तेजी से कार्यक्रम आगे बढ़ा है। उन्होंने बताया कि जिन कर्मचारियों ने अभी तक वैक्सीन नहीं ली है। उनको 25 फरवरी तक टीका लगवाने का विकल्प दिया गया है। वह किसी भी केंद्र पर जाकर वैक्सीन लगवा सकते हैं।

अभी 50 फीसदी भी नहीं हो सका है टीकाकरण
राजधानी में वैक्सीन लेने के लिए 2.78 लाख स्वास्थ्यकर्मियों ने पंजीकरण कराया था इनमें से 1 लाख 42 हजार स्वास्थ्यकर्मियों को टीके की पहली खुराक मिल चुकी है। वहीं, 4.5 लाख अग्रिम मोर्चे पर तैनात कर्मचारियों ने भी टीके के लिये पंजीकरण कराया था। इनमे से फिलहाल 1 लाख 53 हजार को टीका लगा है। इस हिसाब से अबतक कुल 50 फीसदी कर्मचारियों का भी टिकाकरण नहीं हुआ है। स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक, मार्च के पहले सप्ताह तक सभी को टीके की पहली डोज देने का लक्ष्य रखा गया है। 

दूसरी खुराक के आंकड़े

दिन                       इतनों को लगनी थी     लगी इतनों को 
13 फरवरी                     4318                1856
15                                3598                2191
16                               4936                 2322
17                               5355                 1072
18                               5942                 3537
19                               6967                 1790
20                               7408                 4351
22                               8244                 5458

नोट- आंकड़े स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक हैं और 22 फरवरी तक के हैं।

राजधानी में एक सप्ताह पहले कोरोना वैक्सीन की दूसरी डोज लगने की शुरुआत हो चुकी है। जिन स्वास्थ्यकर्मियों को पहली खुराक लग चुकी थी। उनको अपने तय दिन के हिसाब से दूसरी डोज भी लेनी थी, लेकिन अभी तक 50 फीसदी कर्मचारियों ने भी दूसरी खुराक नहीं ली है। विशेषज्ञों का कहना है कि कोरोना वैक्सीन की दोनों डोज लेनी चाहिए। अगर कोई पहला डोज लगवाता है, तो दूसरा भी लगवाना चाहिए, ताकि कोरोना के खिलाफ इलाज पूरा हो और इम्युनिटी बन सके। दोनों खुराक लेने के बाद ही टीकाकरण पूर्ण माना जाएगा।

दिल्ली में 16 जनवरी से टिकाकरण शुरू हुआ था, जबकि, 13 फरवरी से वैक्सीन की दूसरी खुराक भी लगनी शुरू हो गई थी। स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार अब तक कुल 53,316 स्वास्थ्य कर्मचारियों को दूसरी खुराक लगाई जानी थी, लेकिन सिर्फ 24,403 ने ही दूसरी डोज लगवाई है। ऐसे में सवाल उठता है कि बिना दूसरी खुराक लिए टिकाकरण पूर्ण कैसे होगा।अपोलो अस्पताल के डॉक्टर प्रवीण कुमार बताते है कि 28 दिनों क अंतराल के बाद ही दूसरी खुराक को ले लेना चाहिए। अगर यह संभव नहीं है, तो पहली खुराक के छह सप्ताह या 42 दिन बाद तक दूसरी खुराक ली जा सकती है। , लेकिन 28 दिनों के समय से देर करने पर टीकों का कितना असर होगा, इसके बारे में बहुत स्पष्ट नहीं कहा जा सकता है। इसलिए जरूरी है कि पहली डोज लेने के बाद दूसरी खुराक भी लगवानी चाहिए। दोनो खुराक लेने के बाद ही टिकाकरण को पूर्ण माना जाता है। राजीव गांधी अस्पताल के डॉक्टर अजीत जैन के मुताबिक, टीके की दूसरी खुराक लेने के दो सप्ताह बाद शरीर मे संक्रमण के खिलाफ एंटीबॉडी बनने लगती है। अगर दूसरी डोज न ली जाए तो एंटीबाडी बनने की संभावना कम होती है।

स्वास्थ्य विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि पिछले कुछ दिन से टीकाकरण में तेजी आई है लेकिन इसके लिए फ्रंटलाइन वर्कर जिम्मेदार हैं। अकेले स्वास्थ्य कर्मचारियों की बात करें तो जमीनी स्तर पर समस्याएं दिख रही हैं जिन्हें दूर भी किया जा रहा है लेकिन फ्रंटलाइन वर्कर और स्वास्थ्य कर्मचारियों को मिलाकर देखें तो दिल्ली में पिछले माह जनवरी की तुलना में अब करीब दोगुना तेजी से कार्यक्रम आगे बढ़ा है। उन्होंने बताया कि जिन कर्मचारियों ने अभी तक वैक्सीन नहीं ली है। उनको 25 फरवरी तक टीका लगवाने का विकल्प दिया गया है। वह किसी भी केंद्र पर जाकर वैक्सीन लगवा सकते हैं।

अभी 50 फीसदी भी नहीं हो सका है टीकाकरण

राजधानी में वैक्सीन लेने के लिए 2.78 लाख स्वास्थ्यकर्मियों ने पंजीकरण कराया था इनमें से 1 लाख 42 हजार स्वास्थ्यकर्मियों को टीके की पहली खुराक मिल चुकी है। वहीं, 4.5 लाख अग्रिम मोर्चे पर तैनात कर्मचारियों ने भी टीके के लिये पंजीकरण कराया था। इनमे से फिलहाल 1 लाख 53 हजार को टीका लगा है। इस हिसाब से अबतक कुल 50 फीसदी कर्मचारियों का भी टिकाकरण नहीं हुआ है। स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक, मार्च के पहले सप्ताह तक सभी को टीके की पहली डोज देने का लक्ष्य रखा गया है। 

दूसरी खुराक के आंकड़े

दिन                       इतनों को लगनी थी     लगी इतनों को 

13 फरवरी                     4318                1856

15                                3598                2191

16                               4936                 2322

17                               5355                 1072

18                               5942                 3537

19                               6967                 1790

20                               7408                 4351

22                               8244                 5458

नोट- आंकड़े स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक हैं और 22 फरवरी तक के हैं।



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