February 28, 2021

क्रिप्टो करंसी में निवेश पर मुनाफे का झांसा दे ढाई करोड़ ठगे, गिरफ्तार


अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
Updated Sat, 02 Jan 2021 05:29 AM IST

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दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा ने क्रिप्टो करंसी में निवेश करने पर अच्छे मुनाफे का झांसा देकर 2.50 करोड़ रुपये ठगने वाले जालसाज उमेश वर्मा को एयरपोर्ट से गिरफ्तार किया है। आरोपी ठगी को अंजाम देने के बाद दुबई भाग गया था। आरोपी ने निवेशकों को हर महीने 20 से 30 फीसदी मुनाफे का झांसा देकर ठगी की थी।

शाखा के संयुक्त आयुक्त ओपी मिश्रा ने बताया कि जोगिंदर कुमार सहित अन्य शिकायतकर्ताओं ने उमेश वर्मा के खिलाफ जालसाजी की शिकायत दी थी। बताया था कि उमेश और उसके बेटे भारत ने प्लूटो एक्सचेंज नाम से कंपनी खोल रखी थी। क्रिप्टो करंसी में निवेश करने पर प्रतिमाह 20 से 30 फीसदी मुनाफा देने का आश्वासन दिया था। साथ ही अगर कोई निवेशक अन्य निवेशकों को लाएगा तो उन्हें कमीशन भी दिया जाएगा। वर्ष 2017 में कई निवेशकों ने इस कंपनी में पैसे लगाए, लेकिन उन्हें किसी प्रकार का मुनाफा नहीं मिला। 

हालांकि कंपनी की ओर से उन्हें चेक दिए गए थे, वह सभी बाउंस हो गए। निवेशकों के दबाव बढ़ाने पर आरोपी कनॉट प्लेस स्थित अपना कार्यालय बंद कर दुबई फरार हो गया। शाखा ने निवेशकों की शिकायत पर वर्ष  2020 में मामला दर्ज कर लिया।

जांच में पता चला कि जिन 45 निवेशकों ने शाखा में शिकायत की, उनसे आरोपी ने 2.50 करोड़ की ठगी की। उमेश कंपनी का मालिक था और फर्म के नाम से खोले गए सभी बैंक खातों का अधिकृत हस्तक्षरकर्ता था। उसने गलत तरीके से खाते से पैसे निकाल लिए थे। उसने चिटफंड कंपनी खोली और अपने वेबसाइट और यूट्यूब पर ऐसे वीडियो डाले, जिससे निवेशक कंपनी के प्रति आकर्षित हों। पुलिस ने उसकी गिरफ्तारी के लिए प्रयास शुरू किया और बृहस्पतिवार को उसके दुबई से भारत आने की जानकारी मिलने पर एयरपोर्ट से गिरफ्तार कर लिया। 

कारोबार में घाटा होने पर बना जालसाज
जांच में पता चला कि उमेश वर्मा दिल्ली विश्वविद्यालय से स्नातक है। उसने ग्रीटिंग कार्ड्स और ज्वेलरी का कारोबार शुरू किया था, लेकिन इसमें उसे घाटा हुआ। उसका अपने पार्टनर और मकान मालिक से लगातार विवाद रहा। वर्ष 2017 में राजस्व खुफिया निदेशालय ने उसे सोने की तस्करी में गिरफ्तार किया। जेल से निकलने के बाद उसने क्रिप्टो करंसी में निवेश के नाम पर लोगों को ठगना शुरू कर दिया। 

ये है क्रिप्टो करंसी
क्रिप्टो करंसी एक ऐसी मुद्रा है जो कंप्यूटर एल्गोरिथ्म पर बनी होती है। अमूमन रुपया, डॉलर, यूरो या अन्य मुद्राओं की तरह ही इस मुद्रा का संचालन किसी राज्य, देश, संस्था या सरकार द्वारा नहीं किया जाता। यह एक डिजिटल करंसी होती है जिसके लिए क्रिप्टोग्राफी का प्रयोग किया जाता है।

दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा ने क्रिप्टो करंसी में निवेश करने पर अच्छे मुनाफे का झांसा देकर 2.50 करोड़ रुपये ठगने वाले जालसाज उमेश वर्मा को एयरपोर्ट से गिरफ्तार किया है। आरोपी ठगी को अंजाम देने के बाद दुबई भाग गया था। आरोपी ने निवेशकों को हर महीने 20 से 30 फीसदी मुनाफे का झांसा देकर ठगी की थी।

शाखा के संयुक्त आयुक्त ओपी मिश्रा ने बताया कि जोगिंदर कुमार सहित अन्य शिकायतकर्ताओं ने उमेश वर्मा के खिलाफ जालसाजी की शिकायत दी थी। बताया था कि उमेश और उसके बेटे भारत ने प्लूटो एक्सचेंज नाम से कंपनी खोल रखी थी। क्रिप्टो करंसी में निवेश करने पर प्रतिमाह 20 से 30 फीसदी मुनाफा देने का आश्वासन दिया था। साथ ही अगर कोई निवेशक अन्य निवेशकों को लाएगा तो उन्हें कमीशन भी दिया जाएगा। वर्ष 2017 में कई निवेशकों ने इस कंपनी में पैसे लगाए, लेकिन उन्हें किसी प्रकार का मुनाफा नहीं मिला। 

हालांकि कंपनी की ओर से उन्हें चेक दिए गए थे, वह सभी बाउंस हो गए। निवेशकों के दबाव बढ़ाने पर आरोपी कनॉट प्लेस स्थित अपना कार्यालय बंद कर दुबई फरार हो गया। शाखा ने निवेशकों की शिकायत पर वर्ष  2020 में मामला दर्ज कर लिया।

जांच में पता चला कि जिन 45 निवेशकों ने शाखा में शिकायत की, उनसे आरोपी ने 2.50 करोड़ की ठगी की। उमेश कंपनी का मालिक था और फर्म के नाम से खोले गए सभी बैंक खातों का अधिकृत हस्तक्षरकर्ता था। उसने गलत तरीके से खाते से पैसे निकाल लिए थे। उसने चिटफंड कंपनी खोली और अपने वेबसाइट और यूट्यूब पर ऐसे वीडियो डाले, जिससे निवेशक कंपनी के प्रति आकर्षित हों। पुलिस ने उसकी गिरफ्तारी के लिए प्रयास शुरू किया और बृहस्पतिवार को उसके दुबई से भारत आने की जानकारी मिलने पर एयरपोर्ट से गिरफ्तार कर लिया। 

कारोबार में घाटा होने पर बना जालसाज

जांच में पता चला कि उमेश वर्मा दिल्ली विश्वविद्यालय से स्नातक है। उसने ग्रीटिंग कार्ड्स और ज्वेलरी का कारोबार शुरू किया था, लेकिन इसमें उसे घाटा हुआ। उसका अपने पार्टनर और मकान मालिक से लगातार विवाद रहा। वर्ष 2017 में राजस्व खुफिया निदेशालय ने उसे सोने की तस्करी में गिरफ्तार किया। जेल से निकलने के बाद उसने क्रिप्टो करंसी में निवेश के नाम पर लोगों को ठगना शुरू कर दिया। 

ये है क्रिप्टो करंसी

क्रिप्टो करंसी एक ऐसी मुद्रा है जो कंप्यूटर एल्गोरिथ्म पर बनी होती है। अमूमन रुपया, डॉलर, यूरो या अन्य मुद्राओं की तरह ही इस मुद्रा का संचालन किसी राज्य, देश, संस्था या सरकार द्वारा नहीं किया जाता। यह एक डिजिटल करंसी होती है जिसके लिए क्रिप्टोग्राफी का प्रयोग किया जाता है।



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