March 1, 2021

किसान 26 जनवरी को बाहरी रिंग रोड पर निकालेंगे गणतंत्र दिवस की परेड


अमर उजाला नेटवर्क, दिल्ली  
Updated Mon, 18 Jan 2021 05:36 AM IST

दिल्ली आ रहे हैं किसान…
– फोटो : amar ujala

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कृषि कानूनों के खिलाफ आंदोलन जारी रहेगा। 26 जनवरी को किसान गणतंत्र परेड का दिल्ली के अंदर बाहरी रिंग रोड पर आयोजन किया जाएगा। इससे औपचानिक गणतंत्र दिवस परेड पर किसी तरह की बाधा नहीं होगी और न ही किसी भी इमारत पर कब्जा करने की मंशा है। करीब 50 किलोमीटर के दायरे में पूरी दिल्ली के चारों तरफ गणतंत्र दिवस पर हजारों ट्रैक्टर होंगे और किसान अपने एलान पर डटे हैं। 
संयुक्त किसान मोर्चा के सदस्यों ने कहा कि कृषि कानून पर समिति के गठन के बाद सुप्रीम कोर्ट में सोमवार को अहम सुनवाई होगी। इससे पहले हुई वार्ता में भी सरकार और किसानों के अड़े होने की वजह से गतिरोध बरकरार है।

एनआईए की कार्रवाई की निंदा की, लड़ेंगे कानूनी लड़ाई
किसानों ने रविवार को प्रेस कान्फ्रेंस में एनआईए की तरफ से की जाने वाली कार्रवाई की निंदा की। किसान नेताओं ने कहा कि इसके खिलाफ किसान कोर्ट में ही नहीं जाएंगे बल्कि कानूनी रूप से भी लड़ेंगे। कृषि कानूनों के खिलाफ आंदोलन में सहयोग करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। किसानों पर तरह तरह के अत्याचार की कोशिशें की जा रही है। किसान नेताओं ने यह भी आरोप लगाते हुए कहा कि असामाजिक तत्व लगातार कोशिश में हैं कि किसानों की 26 जनवरी को होने वाली परेड कैसे प्रभावित हो।

26 को बाहरी रिंग रोड की परिक्रमा करेंगे किसान
किसान नेताओं ने स्पष्ट किया कि गणतंत्र परेड का आयोजन दिल्ली के अंदर ही होगा। जवान के साथ किसान भी ये उत्सव मनाएंगे और किसानों की परेड बाहरी रिंग की परिक्रमा होगी। किसानों ने उम्मीद जताते हुए कहा कि दिल्ली और हरियाणा पुलिस इसमें सहयोग करेगी। परेड पूरी तरह शांतिपूर्ण होने की बात दोहराते हुए किसानों ने कहा कि गणतंत्र दिवस परेड में किसी तरह की बाधा नहीं होगी। न किसी इमारत पर कब्जा या धावा बोला जाएगा। इसके लिए फैलाए गए भ्रम को गलत बताते हुए कहा कि पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत परेड पूरी तरह शांतिपूर्ण होगा।

सभी वाहनों पर होगा राष्ट्रध्वज
किसान नेताओं ने परेड में शामिल होने वाले सभी वाहनों पर राष्ट्रध्वज के साथ साथ किसान संगठनों का झंडा होगा। किसी भी राजनीतिक दल का झंडा नहीं होगा। जिन राज्यों से किसान नहीं पहुंच सकते हैं, अपने शहरों में ही गणतन्त्र परेड करेंगे। किसानों ने दावा किया कि आंदोलन के दौरान अब तक 121 किसान जान गंवा चुके हैं। 

हरियाणा के गांवों से एक चम्मच मिट्टी-घी लाएंगे धरनास्थल पर
किसान नेताओं ने कहा कि हरियाणा में हर गांव से एक चम्मच मिट्टी और घी धरनास्थल पर लाया जाएगा। जिस मिट्टी में फसल पैदा होती है, उसे धरनास्थल पर लाया जाएगा ताकि किसानों के आंदोलन को और ताकत मिले। 

कृषि कानूनों के खिलाफ आंदोलन जारी रहेगा। 26 जनवरी को किसान गणतंत्र परेड का दिल्ली के अंदर बाहरी रिंग रोड पर आयोजन किया जाएगा। इससे औपचानिक गणतंत्र दिवस परेड पर किसी तरह की बाधा नहीं होगी और न ही किसी भी इमारत पर कब्जा करने की मंशा है। करीब 50 किलोमीटर के दायरे में पूरी दिल्ली के चारों तरफ गणतंत्र दिवस पर हजारों ट्रैक्टर होंगे और किसान अपने एलान पर डटे हैं। 

संयुक्त किसान मोर्चा के सदस्यों ने कहा कि कृषि कानून पर समिति के गठन के बाद सुप्रीम कोर्ट में सोमवार को अहम सुनवाई होगी। इससे पहले हुई वार्ता में भी सरकार और किसानों के अड़े होने की वजह से गतिरोध बरकरार है।

एनआईए की कार्रवाई की निंदा की, लड़ेंगे कानूनी लड़ाई

किसानों ने रविवार को प्रेस कान्फ्रेंस में एनआईए की तरफ से की जाने वाली कार्रवाई की निंदा की। किसान नेताओं ने कहा कि इसके खिलाफ किसान कोर्ट में ही नहीं जाएंगे बल्कि कानूनी रूप से भी लड़ेंगे। कृषि कानूनों के खिलाफ आंदोलन में सहयोग करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। किसानों पर तरह तरह के अत्याचार की कोशिशें की जा रही है। किसान नेताओं ने यह भी आरोप लगाते हुए कहा कि असामाजिक तत्व लगातार कोशिश में हैं कि किसानों की 26 जनवरी को होने वाली परेड कैसे प्रभावित हो।

26 को बाहरी रिंग रोड की परिक्रमा करेंगे किसान

किसान नेताओं ने स्पष्ट किया कि गणतंत्र परेड का आयोजन दिल्ली के अंदर ही होगा। जवान के साथ किसान भी ये उत्सव मनाएंगे और किसानों की परेड बाहरी रिंग की परिक्रमा होगी। किसानों ने उम्मीद जताते हुए कहा कि दिल्ली और हरियाणा पुलिस इसमें सहयोग करेगी। परेड पूरी तरह शांतिपूर्ण होने की बात दोहराते हुए किसानों ने कहा कि गणतंत्र दिवस परेड में किसी तरह की बाधा नहीं होगी। न किसी इमारत पर कब्जा या धावा बोला जाएगा। इसके लिए फैलाए गए भ्रम को गलत बताते हुए कहा कि पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत परेड पूरी तरह शांतिपूर्ण होगा।

सभी वाहनों पर होगा राष्ट्रध्वज

किसान नेताओं ने परेड में शामिल होने वाले सभी वाहनों पर राष्ट्रध्वज के साथ साथ किसान संगठनों का झंडा होगा। किसी भी राजनीतिक दल का झंडा नहीं होगा। जिन राज्यों से किसान नहीं पहुंच सकते हैं, अपने शहरों में ही गणतन्त्र परेड करेंगे। किसानों ने दावा किया कि आंदोलन के दौरान अब तक 121 किसान जान गंवा चुके हैं। 

हरियाणा के गांवों से एक चम्मच मिट्टी-घी लाएंगे धरनास्थल पर

किसान नेताओं ने कहा कि हरियाणा में हर गांव से एक चम्मच मिट्टी और घी धरनास्थल पर लाया जाएगा। जिस मिट्टी में फसल पैदा होती है, उसे धरनास्थल पर लाया जाएगा ताकि किसानों के आंदोलन को और ताकत मिले। 



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