February 25, 2021

किसानों को सताने लगीं बीमारियां, अधिकतर को कमर दर्द और मधुमेह की शिकायत


सिंघु बॉर्डर पर प्रदर्शन करते किसान
– फोटो : पीटीआई

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सिंघु बॉर्डर पर दिनभर आंदोलन का हिस्सा बने रहने के कारण कई किसान कमर दर्द के भी शिकार हो रहे हैं। इस मर्ज के लिए न सिर्फ वे मेडिकल कैंप का रूख कर रहे हैं बल्कि आयुर्वेदिक दवाईयों से भी मर्ज को दूर कर रहे हैं। वहीं, सर्वाइकल, दिल की बीमारी, ब्लड प्रेशर व मधुमेह समेत अन्य बीमारियां भी किसानों का मर्ज बनी हुई हैं।

पंजाब के होशियारपुर से पहुंचे वैद्य अजैब सिंह ने बताया कि किसानों की परेशानियों को देखते हुए वह पंजाब से यहां पहुंचे हैं। आयुर्वेदिक दवाइयों के माध्यम से किसानों का इलाज उपलब्ध करा रहे हैं। इनमें एक कई किसान ऐसे हैं कई वर्षों से गंभीर बीमारियों से जूझ रहे हैं, लेकिन फिर भी आंदोलन का हिस्सा बनने के लिए पूरी तरह से जज्बे से भरे हैं।

वहीं, एक मेडिकल कैंप पर तैनात कर्मवीर सिंह ने कहा कि कई मरीज ऐसे आ रहे हैं जिन्हें लंबे समय से कमर दर्द की शिकायत थी, लेकिन इन दिनों यह शिकायत और बढ़ गई है। ऐसे मरीजों को कमर दर्द के लिए दर्द निवारक स्प्रे व क्रीम उपलब्ध कराई जा रही है।

कमर दर्द और मधुमेह के पहुंच रहे अधिक किसान
अजैब सिंह ने बताया कि कमर दर्द और मधुमेह की शिकायत को लेकर अधिक किसान पहुंच रहे हैं। उन्होंने बताया कि क्योंकि, बॉर्डर पर अधिकतर किसान दिनभर बैठकर या खड़े होकर ही प्रदर्शन में भागीदार बन रहा है। इस वजह से अधिकतर किसानों में कमर दर्द की परेशानी सामने आ रही है।

वहीं, कुछ मरीज ऐसे भी हैं जो पहले से ही मधुमेह की बीमारी से पीड़ित हैं, लेकिन दवाइयां खत्म होने की वजह से निरंतर दवाई लेने में असमर्थ हैं। इस वजह से मधुमेह के कारण उन्हें अन्य बीमारियां भी परेशान कर रही हैं। उन्होंने बताया कि एक दिन में करीब 400 से 500 किसान मर्ज लेकर उनके पास पहुंच रहे हैं।

सर्दी से बचने के लिए दिया जा रहा है सूप 
अजैब सिंह ने बताया कि किसानों को सर्दी से बचाने के लिए भी विशेष रूप से सूप तैयार किया जा रहा है। इस सूप में लहसुन, अदरक, मिर्च और सौंठ को लंबे समय तक धीमी आंच पर पका कर तैयार किया जाता है। सूप की तासीर गर्म होने की वजह से सर्दी का भी एहसास कम होता है। यही वजह है कि मर्ज लेकर पहुंचने वाले किसानों को सूप भी दिया जा रहा है जिससे वे प्रदर्शन में अपनी भागीदारी को सुनिश्चित कर सके।

सिंघु बॉर्डर पर दिनभर आंदोलन का हिस्सा बने रहने के कारण कई किसान कमर दर्द के भी शिकार हो रहे हैं। इस मर्ज के लिए न सिर्फ वे मेडिकल कैंप का रूख कर रहे हैं बल्कि आयुर्वेदिक दवाईयों से भी मर्ज को दूर कर रहे हैं। वहीं, सर्वाइकल, दिल की बीमारी, ब्लड प्रेशर व मधुमेह समेत अन्य बीमारियां भी किसानों का मर्ज बनी हुई हैं।

पंजाब के होशियारपुर से पहुंचे वैद्य अजैब सिंह ने बताया कि किसानों की परेशानियों को देखते हुए वह पंजाब से यहां पहुंचे हैं। आयुर्वेदिक दवाइयों के माध्यम से किसानों का इलाज उपलब्ध करा रहे हैं। इनमें एक कई किसान ऐसे हैं कई वर्षों से गंभीर बीमारियों से जूझ रहे हैं, लेकिन फिर भी आंदोलन का हिस्सा बनने के लिए पूरी तरह से जज्बे से भरे हैं।

वहीं, एक मेडिकल कैंप पर तैनात कर्मवीर सिंह ने कहा कि कई मरीज ऐसे आ रहे हैं जिन्हें लंबे समय से कमर दर्द की शिकायत थी, लेकिन इन दिनों यह शिकायत और बढ़ गई है। ऐसे मरीजों को कमर दर्द के लिए दर्द निवारक स्प्रे व क्रीम उपलब्ध कराई जा रही है।

कमर दर्द और मधुमेह के पहुंच रहे अधिक किसान

अजैब सिंह ने बताया कि कमर दर्द और मधुमेह की शिकायत को लेकर अधिक किसान पहुंच रहे हैं। उन्होंने बताया कि क्योंकि, बॉर्डर पर अधिकतर किसान दिनभर बैठकर या खड़े होकर ही प्रदर्शन में भागीदार बन रहा है। इस वजह से अधिकतर किसानों में कमर दर्द की परेशानी सामने आ रही है।

वहीं, कुछ मरीज ऐसे भी हैं जो पहले से ही मधुमेह की बीमारी से पीड़ित हैं, लेकिन दवाइयां खत्म होने की वजह से निरंतर दवाई लेने में असमर्थ हैं। इस वजह से मधुमेह के कारण उन्हें अन्य बीमारियां भी परेशान कर रही हैं। उन्होंने बताया कि एक दिन में करीब 400 से 500 किसान मर्ज लेकर उनके पास पहुंच रहे हैं।

सर्दी से बचने के लिए दिया जा रहा है सूप 

अजैब सिंह ने बताया कि किसानों को सर्दी से बचाने के लिए भी विशेष रूप से सूप तैयार किया जा रहा है। इस सूप में लहसुन, अदरक, मिर्च और सौंठ को लंबे समय तक धीमी आंच पर पका कर तैयार किया जाता है। सूप की तासीर गर्म होने की वजह से सर्दी का भी एहसास कम होता है। यही वजह है कि मर्ज लेकर पहुंचने वाले किसानों को सूप भी दिया जा रहा है जिससे वे प्रदर्शन में अपनी भागीदारी को सुनिश्चित कर सके।



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