February 28, 2021

कन्हैया विश्वकर्मा गिरफ्तारी मामलाः तीन घंटे तक शार्प शूटर को पहचान नहीं पाई थी पुलिस 


अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
Updated Wed, 13 Jan 2021 05:42 AM IST

गिरफ्त में आरोपी…
– फोटो : अमर उजाला

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दिल्ली पुलिस की उत्तरी-बाहरी जिला पुलिस ने सूचना के बाद कुंटू गिरोह के शार्प शूटर गिरधारी उर्फ कन्हैया विश्वकर्मा उर्फ डॉक्टर उर्फ लौहार (40) को केएनू काटजू मार्गे स्थित एम-3 मॉल से दबोच तो लिया था मगर दिल्ली पुलिस करीब तीन घंटे तक उसकी पहचान नहीं कर पाई थी। पुलिस को खुद पता नहीं था कि उसने यूपी के मोस्ट वॉटेड बदमाश को दबोचा लिया है। जिले के स्पेशल स्टाफ प्रभारी रामस्वरूप मीणा की टीम ने जब कन्हैया को गिरफ्तार किया तो उस समय उसके पास न तो मोबाइल था और न ही किसी तरह का पहचान पत्र था। 

जिले के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि करीब तीन घंटे पूछताछ करने के बाद पुलिस को कुछ हाथ नहीं लगा। पुलिस ने सख्ती से पूछताछ की तो उसने बताया कि वह लखनऊ में शराब व्यवसायी अजीत हत्याकांड का मुख्य आरोपी है। सोशल मीडिया को खंगालने के बाद दिल्ली पुलिस ने यूपी पुलिस से इसे कंफर्म कराया। इसके बाद दिल्ली पुलिस अलर्ट हो गई। हालांकि पुलिस सूत्रों का कहना है कि आरोपी पुलिस पिकेट चेकिंग के दौरान पुलिस के हत्थे चढ़ गया। इसकी गिरफ्तारी पर अभी संशय बना हुआ था। 

आरोपी कन्हैया ने पूछताछ में बताया कि अजीत सिंह की पूर्व ब्लाक प्रमुख पत्नी ने वाराणसी में जबरदस्ती उसके शराब के ठेके पर कब्जा कर लिया था। ये बात उसने गिरोह सरगना कुंटू को बताई तो उसने कहा कि अजीत सिंह को उड़ा दो। पहले ही दोनों गिरोह में गैंगवार चल रही है। इसके बाद ये अजीत की रैकी करने लगे। कन्हैया ने अपने पांच साथियों के साथ छह जनवरी को अजीत को लखनऊ में घेर लिया और 35 राउंड गोली चलाकर उसकी हत्या कर दी। अजीत पर इस समय जेल में बंद एक बाहुबली का पूरा हाथ था। आरोपी कन्हैया का कहना है कि उसे डर था कि यूपी पुलिस उसका एनकाउंटर कर देगी। 

आठ जनवरी को दिल्ली आ गया था
आरोपी कन्हैया ने बताया कि वह छह जनवरी को ही लखनऊ से बस से दिल्ली आ गया था। फिर वह नोएडा चला गया। वहां एक दिन रहा। इसके बाद ये आठ जनवरी को आईएसाबीटी, कश्मीरी गेट आ गया। यहां पर ये एक रात रहा। फिर रैन बसेरे में रहा। इसके बाद ये बाहरी दिल्ली चला गया। यहां ये किराए पर कमरा लेना चहाता था। मगर इसे कोई कमरा दिलाने वाला नहीं मिल रहा था।

गमछा, मास्क व टोपी पहनकर लखनऊ से निकला
कन्हैया लखनऊ के लिए कोई नया चेहरा नहीं है। ऐसे में ये गमछा बांध, मास्क लगाकर व टोपी पहनकर लखनऊ से दिल्ली के लिए निकला था। ये बस से लखनऊ से दिल्ली आया था। आरोपी ने पकड़े जाने के डर से मोबाइल व अपना कोई परिचय पत्र अपने साथ नहीं रखा था। आरोपी की यूपी में कई शराब की दुकानें हैं। 

यूपी पुलिस दिल्ली नहीं पहुंची
उत्तरी-बाहरी जिले के एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि कन्हैया विश्वकर्मा की गिरफ्तारी को लेकर यूपी में लखनऊ व वाराणसी पुलिस को सोमवार रात को ही सूचना दे दी गई थी, मगर यूपी पुलिस मंगलवार शाम तक दिल्ली नहीं पहुंची थी। दिल्ली पुलिस ने कन्हैया विश्वकर्मा को मंगलवार को कोर्ट में पेश किया। कोर्ट ने उसे 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। 

यूपी पुलिस को गुमराह करने के लिए लगाई थी अर्जी
दिल्ली पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यूपी पुलिस को गुमराह करने के लिए आरोपी ने कोर्ट में सरेंडर करने की अर्जी लगाई थी। 

दिल्ली पुलिस की उत्तरी-बाहरी जिला पुलिस ने सूचना के बाद कुंटू गिरोह के शार्प शूटर गिरधारी उर्फ कन्हैया विश्वकर्मा उर्फ डॉक्टर उर्फ लौहार (40) को केएनू काटजू मार्गे स्थित एम-3 मॉल से दबोच तो लिया था मगर दिल्ली पुलिस करीब तीन घंटे तक उसकी पहचान नहीं कर पाई थी। पुलिस को खुद पता नहीं था कि उसने यूपी के मोस्ट वॉटेड बदमाश को दबोचा लिया है। जिले के स्पेशल स्टाफ प्रभारी रामस्वरूप मीणा की टीम ने जब कन्हैया को गिरफ्तार किया तो उस समय उसके पास न तो मोबाइल था और न ही किसी तरह का पहचान पत्र था। 

जिले के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि करीब तीन घंटे पूछताछ करने के बाद पुलिस को कुछ हाथ नहीं लगा। पुलिस ने सख्ती से पूछताछ की तो उसने बताया कि वह लखनऊ में शराब व्यवसायी अजीत हत्याकांड का मुख्य आरोपी है। सोशल मीडिया को खंगालने के बाद दिल्ली पुलिस ने यूपी पुलिस से इसे कंफर्म कराया। इसके बाद दिल्ली पुलिस अलर्ट हो गई। हालांकि पुलिस सूत्रों का कहना है कि आरोपी पुलिस पिकेट चेकिंग के दौरान पुलिस के हत्थे चढ़ गया। इसकी गिरफ्तारी पर अभी संशय बना हुआ था। 

आरोपी कन्हैया ने पूछताछ में बताया कि अजीत सिंह की पूर्व ब्लाक प्रमुख पत्नी ने वाराणसी में जबरदस्ती उसके शराब के ठेके पर कब्जा कर लिया था। ये बात उसने गिरोह सरगना कुंटू को बताई तो उसने कहा कि अजीत सिंह को उड़ा दो। पहले ही दोनों गिरोह में गैंगवार चल रही है। इसके बाद ये अजीत की रैकी करने लगे। कन्हैया ने अपने पांच साथियों के साथ छह जनवरी को अजीत को लखनऊ में घेर लिया और 35 राउंड गोली चलाकर उसकी हत्या कर दी। अजीत पर इस समय जेल में बंद एक बाहुबली का पूरा हाथ था। आरोपी कन्हैया का कहना है कि उसे डर था कि यूपी पुलिस उसका एनकाउंटर कर देगी। 

आठ जनवरी को दिल्ली आ गया था

आरोपी कन्हैया ने बताया कि वह छह जनवरी को ही लखनऊ से बस से दिल्ली आ गया था। फिर वह नोएडा चला गया। वहां एक दिन रहा। इसके बाद ये आठ जनवरी को आईएसाबीटी, कश्मीरी गेट आ गया। यहां पर ये एक रात रहा। फिर रैन बसेरे में रहा। इसके बाद ये बाहरी दिल्ली चला गया। यहां ये किराए पर कमरा लेना चहाता था। मगर इसे कोई कमरा दिलाने वाला नहीं मिल रहा था।

गमछा, मास्क व टोपी पहनकर लखनऊ से निकला

कन्हैया लखनऊ के लिए कोई नया चेहरा नहीं है। ऐसे में ये गमछा बांध, मास्क लगाकर व टोपी पहनकर लखनऊ से दिल्ली के लिए निकला था। ये बस से लखनऊ से दिल्ली आया था। आरोपी ने पकड़े जाने के डर से मोबाइल व अपना कोई परिचय पत्र अपने साथ नहीं रखा था। आरोपी की यूपी में कई शराब की दुकानें हैं। 

यूपी पुलिस दिल्ली नहीं पहुंची

उत्तरी-बाहरी जिले के एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि कन्हैया विश्वकर्मा की गिरफ्तारी को लेकर यूपी में लखनऊ व वाराणसी पुलिस को सोमवार रात को ही सूचना दे दी गई थी, मगर यूपी पुलिस मंगलवार शाम तक दिल्ली नहीं पहुंची थी। दिल्ली पुलिस ने कन्हैया विश्वकर्मा को मंगलवार को कोर्ट में पेश किया। कोर्ट ने उसे 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। 

यूपी पुलिस को गुमराह करने के लिए लगाई थी अर्जी

दिल्ली पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यूपी पुलिस को गुमराह करने के लिए आरोपी ने कोर्ट में सरेंडर करने की अर्जी लगाई थी। 



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