March 4, 2021

बिहार: नौ सालों के बाद के इस स्टेशन पर बजी ट्रेन की सीटी, लोगों में जगी रेल परिचालन की आस


न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सुपौल
Updated Wed, 13 Jan 2021 06:46 AM IST

प्रतीकात्मक तस्वीर
– फोटो : सोशल मीडिया

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बिहार में बाढ़ से सबसे ज्यादा प्रभावित जिला सुपौल में सोमवार को विकास की एक नई पहल देखने को मिली। कोसी नदी की कहर से कराह रहे सुपौल जिले में नौ सालों के बाद प्रतापगंज रेलवे स्टेशन पर बड़ी रेल लाइन की पहली ट्रायल के लिए रेल इंजन पहुंचा। रेल इंजन के पहुंचने पर लोगों में रेल परिचालन की आस जग गई है।

विकास की रफ्तार से कोसो दूर सुपौल जिले में बड़ी रेल इंजन की सीटी बजते ही लोगों की भीड़ स्टेशन पर उमड़ पड़ी। सालों बाद रेलवे स्टेशन पर इंजन को देख लोगों में खुशी का माहौल था। लोगों को अब लगने लगा है कि जल्द ही उन्हें अपने जिले के प्रतापगंज रेलवे स्टेशन से रेल का सफर पूरा करने का सपना पूरा होगा। 

 

रेल परिचालन के लिए उत्सुक लोग एक-दूसरे से पूछते दिख रहे थे कि आखिर कब से रेल का चलना शुरू होगा। पिछले साल ही सहरसा से सरायगढ़-आसन्नपुर और राघोपुर तक बड़ी रेल लाइन की ट्रेनों के परिचालन होने के बाद राघोपुर से फारबिसगंज तक धीमे चल रहे अमान परिवर्तन कार्य में गति देखी गई।  स्टेशन पर ट्रायल इंजन पहुंचने से अब लोगों को जल्द ट्रेन परिचालन की उम्मीद बढ़ गई है।
 

मार्च-अप्रैल तक ललितग्राम तक ट्रेनों का होगा परिचालन
रेल इंजन ट्रायल का जायजा लेने पहुंचे रेल के डिप्टी चीफ इंजीनियर संजय कुमार ने बताया कि फारबिसगंज तक रेल परिचालन के मामले की पूरी जानकारी वरीय अधिकारी देंगे। लेकिन संभावना जताते हुए उन्होंने बताया कि मार्च-अप्रैल तक ललितग्राम तक आमान परिवर्तन का काम पूरा कर ट्रेनों का परिचालन होना संभव हो सकेगा। ललितग्राम से फारबिसगंज के बीच भी आमान परिवर्तन का काम तेजी से किया जा रहा है। 

बिहार में बाढ़ से सबसे ज्यादा प्रभावित जिला सुपौल में सोमवार को विकास की एक नई पहल देखने को मिली। कोसी नदी की कहर से कराह रहे सुपौल जिले में नौ सालों के बाद प्रतापगंज रेलवे स्टेशन पर बड़ी रेल लाइन की पहली ट्रायल के लिए रेल इंजन पहुंचा। रेल इंजन के पहुंचने पर लोगों में रेल परिचालन की आस जग गई है।

विकास की रफ्तार से कोसो दूर सुपौल जिले में बड़ी रेल इंजन की सीटी बजते ही लोगों की भीड़ स्टेशन पर उमड़ पड़ी। सालों बाद रेलवे स्टेशन पर इंजन को देख लोगों में खुशी का माहौल था। लोगों को अब लगने लगा है कि जल्द ही उन्हें अपने जिले के प्रतापगंज रेलवे स्टेशन से रेल का सफर पूरा करने का सपना पूरा होगा। 

 

रेल परिचालन के लिए उत्सुक लोग एक-दूसरे से पूछते दिख रहे थे कि आखिर कब से रेल का चलना शुरू होगा। पिछले साल ही सहरसा से सरायगढ़-आसन्नपुर और राघोपुर तक बड़ी रेल लाइन की ट्रेनों के परिचालन होने के बाद राघोपुर से फारबिसगंज तक धीमे चल रहे अमान परिवर्तन कार्य में गति देखी गई।  स्टेशन पर ट्रायल इंजन पहुंचने से अब लोगों को जल्द ट्रेन परिचालन की उम्मीद बढ़ गई है।

 

मार्च-अप्रैल तक ललितग्राम तक ट्रेनों का होगा परिचालन

रेल इंजन ट्रायल का जायजा लेने पहुंचे रेल के डिप्टी चीफ इंजीनियर संजय कुमार ने बताया कि फारबिसगंज तक रेल परिचालन के मामले की पूरी जानकारी वरीय अधिकारी देंगे। लेकिन संभावना जताते हुए उन्होंने बताया कि मार्च-अप्रैल तक ललितग्राम तक आमान परिवर्तन का काम पूरा कर ट्रेनों का परिचालन होना संभव हो सकेगा। ललितग्राम से फारबिसगंज के बीच भी आमान परिवर्तन का काम तेजी से किया जा रहा है। 



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