February 25, 2021

बिहार: जानिए कौन हैं आरसीपी सिंह जिन्हें नीतीश कुमार ने सौंपी है जदयू की कमान


न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना
Updated Sun, 27 Dec 2020 03:52 PM IST

आरसीपी सिंह (फाइल फोटो)
– फोटो : Facebook

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जनता दल यूनाइडेट (जदयू) की रविवार को राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक हुई। इसमें पार्टी में नंबर दो की हैसियत रखने वाले आरसीपी सिंह यानी रामचंद्र प्रसाद सिंह को पार्टी की कमान सौंपी गई। सिंह को नीतीश कुमार का करीबी माना जाता है। वे राज्यसभा में पार्टी के संसदीय दल के नेता हैं। ऐसा कहा जाता है कि नीतीश कुमार बिना आरसीपी सिंह की सलाह के कोई फैसला नहीं लेते हैं। हम आपको बताते हैं कि आरसीपी सिंह कौन हैं और कैसा रहा है उनका राजनीतिक सफर।

राजनीति में आने से पहले थे यूपी कैडर के आईएएस अधिकारी
आरसीपी सिंह नालंदा जिले के मूल निवासी हैं और राजनीति में शामिल होने से पहले वह यूपी कैडर के आईएएस अधिकारी थे। वे रामपुर, बाराबंकी, हमीरपुर और फतेहपुर के जिलाधिकारी रह चुके हैं। सिंह का नालंदा जिले के मुस्तफापुर में छह जुलाई 1958 को जन्म हुआ था। उनकी शुरुआती शिक्षा हुसैनपुर, नालंदा और पटना साइंस कॉलेज से हुई। बाद में वे जेएनयू में पढ़ाई करने के लिए चले गए।

बेनी प्रसाद वर्मा ने नीतीश से कराई थी मुलाकात
बेनी प्रसाद वर्मा जब केंद्रीय संचार मंत्री थे तब आरसीपी सिंह उनके निजी सचिव थे। बाद में जब नीतीश कुमार रेल मंत्री बने तो वर्मा ने उनका सिंह से परिचय करवाया और उन्हें अपने साथ रखने की सलाह दी। इसके बाद नीतीश जब बिहार के मुख्यमंत्री बने तो आरसीपी को अपना प्रधान सचिव बनाया। नीतीश बाद में उन्हें राजनीति में ले आए। वे फिलहाल बिहार से राज्यसभा सांसद हैं।

यह भी पढ़ें- नीतीश का बड़ा फैसला : जेडीयू की कमान पूर्व आईएएस और सांसद आरसीपी सिंह को सौंपी

एक ही जाति से आते हैं नीतीश और आरसीपी
नीतीश और आरसीपी की दोस्ती इसलिए भी गहरी है क्योंकि दोनों ही बिहार के नालंदा से ताल्लुक रखते हैं और एक ही जाति से हैं। चुनावों में रणनीति तय करना, प्रदेश की अफसरशाही को नियंत्रित करना, सरकार के लिए नीतियां बनाना और उनको लागू करने जैसे सभी कामों का जिम्मा उनके कंधों पर रहा है। इसी कारण उन्हें ‘जदयू का चाणक्य’ भी कहा जाता है।

आईपीएस अधिकारी लिपि सिंह के पिता हैं आरसीपी सिंह
आरसीपी सिंह ने 21 मई 1982 में गिरिजा सिंह से शादी की थी। उनकी दो बेटियां हैं। एक बेटी का नाम लिपि सिंह है जो 2016 बैच की आईपीएस अधिकारी हैं। बिहार विधानसभा चुनाव से पहले मुंगेर में दुर्गा प्रतिमा विसर्जन के दौरान एक शख्स की मौत के मामले में उनका नाम सामने आया था। इससे पहले लिपि सिंह पिछले साल उस समय और अधिक चर्चा में आई थीं जब उन्होंने मोकामा के बाहुबली विधायक अनंत सिंह के खिलाफ कार्रवाई की और उन्हें गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।

जनता दल यूनाइडेट (जदयू) की रविवार को राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक हुई। इसमें पार्टी में नंबर दो की हैसियत रखने वाले आरसीपी सिंह यानी रामचंद्र प्रसाद सिंह को पार्टी की कमान सौंपी गई। सिंह को नीतीश कुमार का करीबी माना जाता है। वे राज्यसभा में पार्टी के संसदीय दल के नेता हैं। ऐसा कहा जाता है कि नीतीश कुमार बिना आरसीपी सिंह की सलाह के कोई फैसला नहीं लेते हैं। हम आपको बताते हैं कि आरसीपी सिंह कौन हैं और कैसा रहा है उनका राजनीतिक सफर।

राजनीति में आने से पहले थे यूपी कैडर के आईएएस अधिकारी

आरसीपी सिंह नालंदा जिले के मूल निवासी हैं और राजनीति में शामिल होने से पहले वह यूपी कैडर के आईएएस अधिकारी थे। वे रामपुर, बाराबंकी, हमीरपुर और फतेहपुर के जिलाधिकारी रह चुके हैं। सिंह का नालंदा जिले के मुस्तफापुर में छह जुलाई 1958 को जन्म हुआ था। उनकी शुरुआती शिक्षा हुसैनपुर, नालंदा और पटना साइंस कॉलेज से हुई। बाद में वे जेएनयू में पढ़ाई करने के लिए चले गए।

बेनी प्रसाद वर्मा ने नीतीश से कराई थी मुलाकात
बेनी प्रसाद वर्मा जब केंद्रीय संचार मंत्री थे तब आरसीपी सिंह उनके निजी सचिव थे। बाद में जब नीतीश कुमार रेल मंत्री बने तो वर्मा ने उनका सिंह से परिचय करवाया और उन्हें अपने साथ रखने की सलाह दी। इसके बाद नीतीश जब बिहार के मुख्यमंत्री बने तो आरसीपी को अपना प्रधान सचिव बनाया। नीतीश बाद में उन्हें राजनीति में ले आए। वे फिलहाल बिहार से राज्यसभा सांसद हैं।

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एक ही जाति से आते हैं नीतीश और आरसीपी
नीतीश और आरसीपी की दोस्ती इसलिए भी गहरी है क्योंकि दोनों ही बिहार के नालंदा से ताल्लुक रखते हैं और एक ही जाति से हैं। चुनावों में रणनीति तय करना, प्रदेश की अफसरशाही को नियंत्रित करना, सरकार के लिए नीतियां बनाना और उनको लागू करने जैसे सभी कामों का जिम्मा उनके कंधों पर रहा है। इसी कारण उन्हें ‘जदयू का चाणक्य’ भी कहा जाता है।

आईपीएस अधिकारी लिपि सिंह के पिता हैं आरसीपी सिंह
आरसीपी सिंह ने 21 मई 1982 में गिरिजा सिंह से शादी की थी। उनकी दो बेटियां हैं। एक बेटी का नाम लिपि सिंह है जो 2016 बैच की आईपीएस अधिकारी हैं। बिहार विधानसभा चुनाव से पहले मुंगेर में दुर्गा प्रतिमा विसर्जन के दौरान एक शख्स की मौत के मामले में उनका नाम सामने आया था। इससे पहले लिपि सिंह पिछले साल उस समय और अधिक चर्चा में आई थीं जब उन्होंने मोकामा के बाहुबली विधायक अनंत सिंह के खिलाफ कार्रवाई की और उन्हें गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।



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